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Jind News: 200 पटवारी हड़ताल पर....किसी की जमानत अटकी तो किसी का खेवट नंबर, निराश होकर लौटे लोग
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20जेएनडी13: पटवार खाने में हड़ताल पर बैठे पटवारी। संवाद
जींद। पटवारियों की दो दिवसीय हड़ताल से वीरवार को जिले में जमीन और राजस्व से जुड़े काम अटक गए। जमानत के जरूरी कागजात, इंतकाल, जमाबंदी, खेवट नंबर और डोमिसाइल जैसे काम कराने पहुंचे लोगों को बिना काम लौटना पड़ा। जिले के करीब 200 पटवारियों के हड़ताल पर रहने से तीन से चार हजार फाइलें प्रभावित हुई हैं।
वीरवार सुबह अकेली जींद तहसील में दोपहर 12 बजे तक 150 से अधिक लोग अलग-अलग काम लेकर पहुंचे। किसी को इंतकाल करवाना था तो कोई खेवट नंबर निकलवाना था।
पटवार खानों के कमरों पर ताले लटके रहे। काम की उम्मीद में लोग घंटों इंतजार करते रहे। पटवारी नहीं मिलने पर लोग मायूस होकर लौट गए कई लोग पटवारियों को अलग बुलाकर अपना काम करने की गुहार भी लगाई।
सबसे ज्यादा परेशानी जमानत के कागजात पूरे कराने पहुंचे लोगों को हुई। पटवारी की रिपोर्ट नहीं मिलने से जमानत प्रक्रिया अटक गई। बराह गांव निवासी सतबीर और पिंडारा निवासी ओमसिंह ने बताया कि हड़ताल के कारण उन्हें अब दोबारा तहसील के चक्कर लगाने पड़ेंगे।
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द रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के जिला प्रधान सर्वेश पटवारी ने बताया कि हड़ताल के कारण जिले में करीब तीन से चार हजार फाइलें अटक गई हैं। इनमें इंतकाल, जमाबंदी, निशानदेही, कब्जा कार्रवाई, जमीन की वेरिफिकेशन, आय वेरिफिकेशन, बैंक लोन की फाइल और डोमिसाइल समेत कई काम शामिल हैं।
इंतकाल के लिए आए सतबीर, खाली हाथ लौटे
बराह गांव निवासी सतबीर पटवार खाने में इंतकाल करवाने के लिए पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि जमीन से संबंधित काम जरूरी था और इसी उम्मीद से तहसील आए थे कि आज काम हो जाएगा। पटवारियों की हड़ताल के कारण कमरों पर ताले लगे मिले। काफी देर इंतजार करने के बाद उन्हें वापस लौटना पड़ा।
बिजेंद्र भी इंतकाल के लिए पहुंचे, नहीं हुआ काम
बराह गांव निवासी बिजेंद्र भी इंतकाल से संबंधित काम करवाने के लिए पटवार खाने पहुंचे। सुबह से इंतजार करते रहे लेकिन पटवारी हड़ताल पर होने के कारण उनका काम नहीं हो सका। उन्हें बिना काम करवाए ही वापस लौटना पड़ा। उन्होंने कहा कि हड़ताल खत्म होने के बाद दोबारा तहसील आना पड़ेगा।
जमानत के कागजात पूरे कराने आए ओमसिंह
पिंडारा निवासी ओमसिंह आपराधिक मामले में जमानत के कागजात पूरे करवाने के लिए पटवार खाने पहुंचे थे। जमानत की प्रक्रिया से जुड़ा काम होने के कारण उनके लिए समय पर दस्तावेज तैयार करवाना जरूरी था। पटवारी नहीं मिलने के कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा और अंत में निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
खेवट नंबर निकलवाने आए रमेश, लौटना पड़ा
गोविंदपुरा निवासी रमेश जमीन का खेवट नंबर निकलवाने के लिए पटवार खाने पहुंचे थे। उन्हें उम्मीद थी कि जरूरी रिकॉर्ड मिल जाएगा, लेकिन हड़ताल के कारण काम नहीं हो सका। काफी देर इंतजार करने के बाद उन्हें वापस लौटना पड़ा। रमेश ने कहा कि जरूरी काम होने के बावजूद अब हड़ताल खत्म होने का इंतजार करना पड़ेगा।
हड़ताल से इन कामों पर असर
इंतकाल, जमाबंदी, खेवट नंबर, निशानदेही, कब्जा कार्रवाई, आय वेरिफिकेशन, डोमिसाइल, जमीन की वेरिफिकेशन, बैंक लोन की फाइल, जमानत से संबंधित दस्तावेज और मैरिज सर्टिफिकेट समेत कई कार्य पटवारियों की रिपोर्ट या सत्यापन के कारण अटके रहे। दो दिवसीय हड़ताल के कारण इन कामों का दबाव हड़ताल खत्म होने के बाद और बढ़ने की संभावना है।
फोटो कैप्शन
20जेएनडी13: पटवार खाने में हड़ताल पर बैठे पटवारी। संवाद
20जेएनडी14: पटवार खाने के कमरों पर लटकाए गए ताले। संवाद
20जेएनडी15: ओमसिंह।
20जेएनडी16: सतबीर सिंह।
20जेएनडी17: बिजेंद्र कुमार।
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वीरवार सुबह अकेली जींद तहसील में दोपहर 12 बजे तक 150 से अधिक लोग अलग-अलग काम लेकर पहुंचे। किसी को इंतकाल करवाना था तो कोई खेवट नंबर निकलवाना था।
पटवार खानों के कमरों पर ताले लटके रहे। काम की उम्मीद में लोग घंटों इंतजार करते रहे। पटवारी नहीं मिलने पर लोग मायूस होकर लौट गए कई लोग पटवारियों को अलग बुलाकर अपना काम करने की गुहार भी लगाई।
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सबसे ज्यादा परेशानी जमानत के कागजात पूरे कराने पहुंचे लोगों को हुई। पटवारी की रिपोर्ट नहीं मिलने से जमानत प्रक्रिया अटक गई। बराह गांव निवासी सतबीर और पिंडारा निवासी ओमसिंह ने बताया कि हड़ताल के कारण उन्हें अब दोबारा तहसील के चक्कर लगाने पड़ेंगे।
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द रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के जिला प्रधान सर्वेश पटवारी ने बताया कि हड़ताल के कारण जिले में करीब तीन से चार हजार फाइलें अटक गई हैं। इनमें इंतकाल, जमाबंदी, निशानदेही, कब्जा कार्रवाई, जमीन की वेरिफिकेशन, आय वेरिफिकेशन, बैंक लोन की फाइल और डोमिसाइल समेत कई काम शामिल हैं।
इंतकाल के लिए आए सतबीर, खाली हाथ लौटे
बराह गांव निवासी सतबीर पटवार खाने में इंतकाल करवाने के लिए पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि जमीन से संबंधित काम जरूरी था और इसी उम्मीद से तहसील आए थे कि आज काम हो जाएगा। पटवारियों की हड़ताल के कारण कमरों पर ताले लगे मिले। काफी देर इंतजार करने के बाद उन्हें वापस लौटना पड़ा।
बिजेंद्र भी इंतकाल के लिए पहुंचे, नहीं हुआ काम
बराह गांव निवासी बिजेंद्र भी इंतकाल से संबंधित काम करवाने के लिए पटवार खाने पहुंचे। सुबह से इंतजार करते रहे लेकिन पटवारी हड़ताल पर होने के कारण उनका काम नहीं हो सका। उन्हें बिना काम करवाए ही वापस लौटना पड़ा। उन्होंने कहा कि हड़ताल खत्म होने के बाद दोबारा तहसील आना पड़ेगा।
जमानत के कागजात पूरे कराने आए ओमसिंह
पिंडारा निवासी ओमसिंह आपराधिक मामले में जमानत के कागजात पूरे करवाने के लिए पटवार खाने पहुंचे थे। जमानत की प्रक्रिया से जुड़ा काम होने के कारण उनके लिए समय पर दस्तावेज तैयार करवाना जरूरी था। पटवारी नहीं मिलने के कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा और अंत में निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
खेवट नंबर निकलवाने आए रमेश, लौटना पड़ा
गोविंदपुरा निवासी रमेश जमीन का खेवट नंबर निकलवाने के लिए पटवार खाने पहुंचे थे। उन्हें उम्मीद थी कि जरूरी रिकॉर्ड मिल जाएगा, लेकिन हड़ताल के कारण काम नहीं हो सका। काफी देर इंतजार करने के बाद उन्हें वापस लौटना पड़ा। रमेश ने कहा कि जरूरी काम होने के बावजूद अब हड़ताल खत्म होने का इंतजार करना पड़ेगा।
हड़ताल से इन कामों पर असर
इंतकाल, जमाबंदी, खेवट नंबर, निशानदेही, कब्जा कार्रवाई, आय वेरिफिकेशन, डोमिसाइल, जमीन की वेरिफिकेशन, बैंक लोन की फाइल, जमानत से संबंधित दस्तावेज और मैरिज सर्टिफिकेट समेत कई कार्य पटवारियों की रिपोर्ट या सत्यापन के कारण अटके रहे। दो दिवसीय हड़ताल के कारण इन कामों का दबाव हड़ताल खत्म होने के बाद और बढ़ने की संभावना है।
फोटो कैप्शन
20जेएनडी13: पटवार खाने में हड़ताल पर बैठे पटवारी। संवाद
20जेएनडी14: पटवार खाने के कमरों पर लटकाए गए ताले। संवाद
20जेएनडी15: ओमसिंह।
20जेएनडी16: सतबीर सिंह।
20जेएनडी17: बिजेंद्र कुमार।

20जेएनडी13: पटवार खाने में हड़ताल पर बैठे पटवारी। संवाद

20जेएनडी13: पटवार खाने में हड़ताल पर बैठे पटवारी। संवाद

20जेएनडी13: पटवार खाने में हड़ताल पर बैठे पटवारी। संवाद

20जेएनडी13: पटवार खाने में हड़ताल पर बैठे पटवारी। संवाद