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शाह को रोकने के लिए जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने रचा %चक्रव्यूह’
Updated Thu, 08 Feb 2018 12:10 AM IST
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धर्मवीर निडाना
जींद।
15 फरवरी को जींद में होने वाली भाजपा के राष्ट्री अध्यक्ष अमित शाह की रैली में आने वाले लोगों को रोकने के लिए जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने खास चक्रव्यूह रचा है। इसके लिए जींद की जाट धर्मशाला में जाट आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक हुई। बैठक में फैसला लिया गया कि इसके लिए 19 टीमें मैदान में उतारी गई हैं। इसके तहत 14 फरवरी की रात को ही जाट समाज के लोगों ने नाकेबंदी करने का फैसला लिया है, ताकि अमित शाह की रैली में लोग नहीं पहुंच पाएं।
गौरतलब है कि जाट आरक्षण और आरक्षण आंदोलन के दौरान लोगों पर दर्ज हुए केस वापस लेने की मांग को लेकर समिति के राष्ट्री अध्यक्ष यशपाल मलिक ने 15 फरवरी को अमित शाह की रैली का विरोध करने का ऐलान किया था। इसके बाद से ही समिति ने इस पर काम शुरू कर दिया है।
ऐसा होगा चक्रव्यूह
समिति ने तय किया कि जींद की ओर आने वाले रोहतक रोड पर गतौली गांव के पास, हिसार व बरवाला रोड पर ईक्कस गांव के पास, कैथल रोड पर नगूरां, गोहाना रोड पर रधाना गांव के पास, सफीदों रोड पर निर्जन गांव के पास, नरवाना रोड पर झांझ गांव के पास व भिवानी रोड पर घिमाना गांव के पास जाट समाज के लोग ट्रैक्टर ट्राली खड़े कर रास्ता रोकने की योजना है। इसके अलावा शहर में देवीलाल चौक, रोहतक बाईपास, जुलानी फाटक के पास, अहिरका गांव में नए बाईपास व हैबतपुर गांव के पास भी रास्ते रोके जाएंगे। इसके अलावा गांवों को गांवों से जोड़ने के लिए बने रास्तों पर महिलाओं को तैनात किया जाएगा। यहां महिलाएं झोटा बुग्गी के साथ रास्ते रोकेंगी।
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बयान नहीं कार्रवाई चाहिए
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के ऐलान के बाद हालांकि सरकार की ओर से कुछ केस वापस लेने की बात कही गई है, लेकिन यह मात्र छलावा है। आंदोलन के दौरान कुल 2106 केस बने थे। इसमें से सरकार 1399 केस वापस लिए थे। अन्य केसों का वापस लेने की भी एक प्रक्रिया है। सिर्फ सरकार के बयान से अब बात नहीं बनेगी। सरकार हर बार जाटों को धोखा देती है। हर हाल में अमित शाह की रैली का रास्ता रोका जाएगा।
सेवानिवृत्त कैप्टन, रणधीर सिंह चैहल, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति।
13 या 14 फरवरी को वापस होगा विरोध
यशपाल मलिक सरकार के इशारे पर ऐसे बयान दे रहे हैं। यह बयान सरकार से दिलवाया गया है। जिस प्रकार दिल्ली कूच से पहले उन्होंने आंदोलन वापस ले लिया, ऐसे ही इस बार भी 13 या 14 फरवरी को आंदोलन वापस ले लिया जाएगा।
सूबे सिंह समैण, प्रवक्ता सर्व खाप
प्रजातंत्र में सबको शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग उठाने का अधिकार है। जहां तक रास्ते रोकने और रैली के विरोध की बात है तो इससे निपटने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। अभी रैली में कई दिन हैं और मसला बातचीत से सुलझ जाएगा।
अकिल मोहमद, एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर।
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जींद।
15 फरवरी को जींद में होने वाली भाजपा के राष्ट्री अध्यक्ष अमित शाह की रैली में आने वाले लोगों को रोकने के लिए जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने खास चक्रव्यूह रचा है। इसके लिए जींद की जाट धर्मशाला में जाट आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक हुई। बैठक में फैसला लिया गया कि इसके लिए 19 टीमें मैदान में उतारी गई हैं। इसके तहत 14 फरवरी की रात को ही जाट समाज के लोगों ने नाकेबंदी करने का फैसला लिया है, ताकि अमित शाह की रैली में लोग नहीं पहुंच पाएं।
गौरतलब है कि जाट आरक्षण और आरक्षण आंदोलन के दौरान लोगों पर दर्ज हुए केस वापस लेने की मांग को लेकर समिति के राष्ट्री अध्यक्ष यशपाल मलिक ने 15 फरवरी को अमित शाह की रैली का विरोध करने का ऐलान किया था। इसके बाद से ही समिति ने इस पर काम शुरू कर दिया है।
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ऐसा होगा चक्रव्यूह
समिति ने तय किया कि जींद की ओर आने वाले रोहतक रोड पर गतौली गांव के पास, हिसार व बरवाला रोड पर ईक्कस गांव के पास, कैथल रोड पर नगूरां, गोहाना रोड पर रधाना गांव के पास, सफीदों रोड पर निर्जन गांव के पास, नरवाना रोड पर झांझ गांव के पास व भिवानी रोड पर घिमाना गांव के पास जाट समाज के लोग ट्रैक्टर ट्राली खड़े कर रास्ता रोकने की योजना है। इसके अलावा शहर में देवीलाल चौक, रोहतक बाईपास, जुलानी फाटक के पास, अहिरका गांव में नए बाईपास व हैबतपुर गांव के पास भी रास्ते रोके जाएंगे। इसके अलावा गांवों को गांवों से जोड़ने के लिए बने रास्तों पर महिलाओं को तैनात किया जाएगा। यहां महिलाएं झोटा बुग्गी के साथ रास्ते रोकेंगी।
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बयान नहीं कार्रवाई चाहिए
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के ऐलान के बाद हालांकि सरकार की ओर से कुछ केस वापस लेने की बात कही गई है, लेकिन यह मात्र छलावा है। आंदोलन के दौरान कुल 2106 केस बने थे। इसमें से सरकार 1399 केस वापस लिए थे। अन्य केसों का वापस लेने की भी एक प्रक्रिया है। सिर्फ सरकार के बयान से अब बात नहीं बनेगी। सरकार हर बार जाटों को धोखा देती है। हर हाल में अमित शाह की रैली का रास्ता रोका जाएगा।
सेवानिवृत्त कैप्टन, रणधीर सिंह चैहल, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति।
13 या 14 फरवरी को वापस होगा विरोध
यशपाल मलिक सरकार के इशारे पर ऐसे बयान दे रहे हैं। यह बयान सरकार से दिलवाया गया है। जिस प्रकार दिल्ली कूच से पहले उन्होंने आंदोलन वापस ले लिया, ऐसे ही इस बार भी 13 या 14 फरवरी को आंदोलन वापस ले लिया जाएगा।
सूबे सिंह समैण, प्रवक्ता सर्व खाप
प्रजातंत्र में सबको शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग उठाने का अधिकार है। जहां तक रास्ते रोकने और रैली के विरोध की बात है तो इससे निपटने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। अभी रैली में कई दिन हैं और मसला बातचीत से सुलझ जाएगा।
अकिल मोहमद, एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर।