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पर्यावरण दिवस पर विशेष र
Updated Sun, 04 Jun 2017 08:47 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
वन विभाग ने पिछले 10 साल में 80 लाख पौधे लगाए हैं, लेकिन दिल्ली-पटियाला राजमार्ग के फोर लेन परियोजना की भेंट करीब दो लाख पेड़ चढ़ चुके हैं। इतने पौधे लगने के बाद भी जिले में हरियाली कहीं दिखती नहीं है। वन विभाग के जिले में सात जोन हैं। इन सभी जोन में हर साल करीब आठ लाख पौधे लगाए जाते हैं। इनमें करीब 20 से 25 प्रतिशत पौधे देखभाल न होने से दो साल की उम्र तक सूख जाते हैं। इसके अलावा पुराने पेड़ों की कटाई भी पर्यावरण के लिए संकट बन रहे हैं। अब वन विभाग नए पौधे लगाकर पेड़ों की कटाई की भरपाई की तैयारी में है।
सीआरएसयू ने रचा इतिहास
जींद की चौधरी रणबीर सिंह विवि ने इतिहास रचते हुए करीब दर्जन भर बड़े पेड़ों को एक स्थान से उखाड़ कर दूसरे स्थान पर लगाया। करीब तीन महीने पहले ट्रांसप्लांट किए गए ये पेड़ अब सही सलामत हैं। कुलपति मेजर जनरल डॉ. रणजीत सिंह के अनुसार विवि के नए भवन के निर्माण में ये पेड़ आड़े आ रहे थे। ऐसे में उन्होंने पेड़ों को दूसरी जगह लगवा दिया।
आंदोलन की भेंट चढ़े 10 हजार पेड़
पिछले साल फरवरी महीने में हुए आंदोलन के दौरान भी हजारों पेड़ों को नुकसान हुआ। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार आंदोलन में करीब 10 हजार पेड़ काटे गए। इन पेड़ों को यदि अभी लगाया भी जाए तो उस स्थिति में जाने में 10 साल लग जाएंगे।
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काटे गए पेड़ों की कमी करेंगे पूरी
नेशनल हाईवे को चौड़ा करने के लिए काफी संख्या में पेड़ काटे गए हैं। इनकी कमी पूरी करने की योजना बनाई जा रही है। अब एनजीओ भी सामुदायिक पौधारोपण में शिरकत कर रहे हैं। खास योजना बनाकर वनक्षेत्र को बरकरार रखेंगे। -रणबीर सिंह, वन अधिकारी।
यकीन मानिए जिले में 10 साल में लगे 80 लाख पौधे
नेशनल हाईवे फोर लेन बनने में एक ही झटके में कटे दो लाख पेड़
20 से 25 प्रतिशत पौधे देखभाल न होने से सूख गए
फोटो नंबर
04जेएनडी25: सीआरएसयू में ट्रांसप्लांट किए गए पेड़।
04जेएनडी27: नरवाना रोड पर झांझ गांव के पास सड़क चौड़ी करने के लिए काटे गए पेड़।
जींद।
वन विभाग ने पिछले 10 साल में 80 लाख पौधे लगाए हैं, लेकिन दिल्ली-पटियाला राजमार्ग के फोर लेन परियोजना की भेंट करीब दो लाख पेड़ चढ़ चुके हैं। इतने पौधे लगने के बाद भी जिले में हरियाली कहीं दिखती नहीं है। वन विभाग के जिले में सात जोन हैं। इन सभी जोन में हर साल करीब आठ लाख पौधे लगाए जाते हैं। इनमें करीब 20 से 25 प्रतिशत पौधे देखभाल न होने से दो साल की उम्र तक सूख जाते हैं। इसके अलावा पुराने पेड़ों की कटाई भी पर्यावरण के लिए संकट बन रहे हैं। अब वन विभाग नए पौधे लगाकर पेड़ों की कटाई की भरपाई की तैयारी में है।
सीआरएसयू ने रचा इतिहास
जींद की चौधरी रणबीर सिंह विवि ने इतिहास रचते हुए करीब दर्जन भर बड़े पेड़ों को एक स्थान से उखाड़ कर दूसरे स्थान पर लगाया। करीब तीन महीने पहले ट्रांसप्लांट किए गए ये पेड़ अब सही सलामत हैं। कुलपति मेजर जनरल डॉ. रणजीत सिंह के अनुसार विवि के नए भवन के निर्माण में ये पेड़ आड़े आ रहे थे। ऐसे में उन्होंने पेड़ों को दूसरी जगह लगवा दिया।
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आंदोलन की भेंट चढ़े 10 हजार पेड़
पिछले साल फरवरी महीने में हुए आंदोलन के दौरान भी हजारों पेड़ों को नुकसान हुआ। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार आंदोलन में करीब 10 हजार पेड़ काटे गए। इन पेड़ों को यदि अभी लगाया भी जाए तो उस स्थिति में जाने में 10 साल लग जाएंगे।
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काटे गए पेड़ों की कमी करेंगे पूरी
नेशनल हाईवे को चौड़ा करने के लिए काफी संख्या में पेड़ काटे गए हैं। इनकी कमी पूरी करने की योजना बनाई जा रही है। अब एनजीओ भी सामुदायिक पौधारोपण में शिरकत कर रहे हैं। खास योजना बनाकर वनक्षेत्र को बरकरार रखेंगे। -रणबीर सिंह, वन अधिकारी।
यकीन मानिए जिले में 10 साल में लगे 80 लाख पौधे
नेशनल हाईवे फोर लेन बनने में एक ही झटके में कटे दो लाख पेड़
20 से 25 प्रतिशत पौधे देखभाल न होने से सूख गए
फोटो नंबर
04जेएनडी25: सीआरएसयू में ट्रांसप्लांट किए गए पेड़।
04जेएनडी27: नरवाना रोड पर झांझ गांव के पास सड़क चौड़ी करने के लिए काटे गए पेड़।