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भाजपाध्यक्ष अमित शाह की रैली के विरोध के चलते जींद पहुंचेंगी अर्धसैनिक बलों की 37 कम्पनियां,
Updated Mon, 12 Feb 2018 12:24 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के दौरे के दौरान जाट आरक्षण संघर्ष समिति, इनेलो व कांग्रेस द्वारा विरोध के ऐलान के बीच प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है। इसके चलते शाह की रैली के दौरान जींद को छावनी में तब्दील किया जा रहा है। रैली के दौरान सुरक्षा इंतजाम संभालने के लिए अर्धसैनिक बलों की 37 कंपनियां जींद में तैनात की जानी हैं। इनमें से दस कंपनियां जींद पहुंच चुकी हैं। शेष कंपनियां सोमवार तक पहुंच जाएंगी। वहीं अर्धसैनिक बल और पुलिस कर्मियों के लिए प्रशासन ने रोडवेज की 108 में से 54 बसों को लगाया है। इससे सोमवार को कई रूटों पर यात्रियों को बसों की किल्लत से परेशान होना पड़ सकता है।
जींद में जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए सरकार ने अर्धसैनिक बलों की 25 कंपनियों की मांग की है। इसके अलावा 12 कंपनियां रिजर्व के लिए तैनात रखी जाएंगी। रविवार को अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियां जींद की पुलिस लाइन में पहुंचनी शुरू हो गईं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जम्मू-कश्मीर से भी अर्धसैनिकों की कंपनियां जींद पहुंच रही हैं, जो सोमवार तक जींद पहुंच सकती हैं।
आठ एसपी संभालेंगे कमान
रैली के दौरान किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। इसके लिए आठ एसपी, 55 डीएसपी तैनात किए जा रहे हैं। वहीं 200 इंस्पेक्टर, 450 गैर राजपत्रित अधिकारी (एनजीओ), 5500 पुलिस कर्मचारी और 250 महिला पुलिस कर्मचारियों को तैनात किया गया है।
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28 गांवों के सरपंचों ने किया समर्थन
हर ओर विरोध के स्वरों के बीच भाजपा के लिए रविवार को राहत की खबर आई। जींद के 28 गांवों के सरपंच रैली के समर्थन देने का ऐलान किया है। इसको लेकर सरपंचों ने गोहना रोड स्थित एक निजी होटल में पत्रकार वार्ता की। सरपंचों ने कहा कि वे अभियान चलाकर लोगों से अपील करेंगे कि रैली के विरोध के लिए वे ट्रैक्टर ट्रालियों से नहीं निकले। सरपंचों ने कहा कि इस तरह राजनीतिक रैली का विरोध करना गलत है।
रोडवेज के लिए आफत बनी रैली
अमित शाह की रैली अब रोडवेज के लिए भी आफत बन गई है। दरअसल रैली में पुलिस बल के लिए प्रशासन ने 54 बस रोडवेज के बेड़े से ले ली हैं। रोडवेज के बेड़े में महज 108 बस हैं। आधी बस प्रशासन के पास जाने से अब रोडवेज के पास भी मुख्य रूटों पर बसों के परिचालन का संकट आन खड़ा हुआ है। रोडवेज अधिकारियों ने बताया कि बस कम होने के कारण लंबे रूट की बसों को अंतर जिला तक ही चलाया जाएगा। यदि लंबे रूट के यात्रियों की संख्या अधिक होती है तो ही लंबे रूट पर बस भेजी जाएगी। रोडवेज के महाप्रबंधक अश्वनी मलिक के ऱ्अनुसार मुख्य रूटों पर बसों के फेरे बढ़ाकर लोगों को पहले की तरह ही सुविधा मुहैया करवाई जाएगी।
प्रशासन ने किया लोगों से भाईचारा बनाए रखने का आह्वान, ली बैठक
जिला प्रशासन ने रविवार को शहर की विभिन्न स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों, समाज के प्रबुद्ध लोगों, विभिन्न खापों के से जुड़े लोगों की एक बैठक बुलाई। बैठक में डीसी अमित खत्री व एसएसपी डॉ. अरुण सिंह ने समाज के अग्रणी लोगों का आह्वान किया कि वे भाईचारे को किसी भी सूरत में बिगड़ने नहीं दें। समाज को तोड़ने वाली अफवाहों को फैलने से रोकने के काम में समाज के प्रबुद्ध व्यक्ति अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। समाज के अग्रणी लोगों का यह नैतिक फर्ज बनता है कि वे समाज को दिग्भ्रमित करने वाले लोगों को हतोत्साहित करें। बैठक में कंडेला खाप के प्रधान टेकराम कंडेला, बराह खाप के कुलदीप ढांडा, स्वर्णकार हर्ष, रेडीमेड गारमेंट ऐसोसिएशन, पवन अहलावत, पदम मधान, नरेंद्र खटकड़, सुनिल वशिष्ठ मौजूद रहे।
प्रशासन पूरी तरह तैयार
लोकतंत्र में रैली व प्रदर्शन करने का अधिकार हर किसी को है, लेकिन प्रशासन किसी को भी कानून हाथ में नहीं लेने देगा। इसके लिए व्यापक प्रशासनिक इंतजाम किए गए हैं।
डॉ. अरुण सिंह, एसएसपी, जींद।
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जींद।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के दौरे के दौरान जाट आरक्षण संघर्ष समिति, इनेलो व कांग्रेस द्वारा विरोध के ऐलान के बीच प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है। इसके चलते शाह की रैली के दौरान जींद को छावनी में तब्दील किया जा रहा है। रैली के दौरान सुरक्षा इंतजाम संभालने के लिए अर्धसैनिक बलों की 37 कंपनियां जींद में तैनात की जानी हैं। इनमें से दस कंपनियां जींद पहुंच चुकी हैं। शेष कंपनियां सोमवार तक पहुंच जाएंगी। वहीं अर्धसैनिक बल और पुलिस कर्मियों के लिए प्रशासन ने रोडवेज की 108 में से 54 बसों को लगाया है। इससे सोमवार को कई रूटों पर यात्रियों को बसों की किल्लत से परेशान होना पड़ सकता है।
जींद में जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए सरकार ने अर्धसैनिक बलों की 25 कंपनियों की मांग की है। इसके अलावा 12 कंपनियां रिजर्व के लिए तैनात रखी जाएंगी। रविवार को अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियां जींद की पुलिस लाइन में पहुंचनी शुरू हो गईं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जम्मू-कश्मीर से भी अर्धसैनिकों की कंपनियां जींद पहुंच रही हैं, जो सोमवार तक जींद पहुंच सकती हैं।
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आठ एसपी संभालेंगे कमान
रैली के दौरान किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। इसके लिए आठ एसपी, 55 डीएसपी तैनात किए जा रहे हैं। वहीं 200 इंस्पेक्टर, 450 गैर राजपत्रित अधिकारी (एनजीओ), 5500 पुलिस कर्मचारी और 250 महिला पुलिस कर्मचारियों को तैनात किया गया है।
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28 गांवों के सरपंचों ने किया समर्थन
हर ओर विरोध के स्वरों के बीच भाजपा के लिए रविवार को राहत की खबर आई। जींद के 28 गांवों के सरपंच रैली के समर्थन देने का ऐलान किया है। इसको लेकर सरपंचों ने गोहना रोड स्थित एक निजी होटल में पत्रकार वार्ता की। सरपंचों ने कहा कि वे अभियान चलाकर लोगों से अपील करेंगे कि रैली के विरोध के लिए वे ट्रैक्टर ट्रालियों से नहीं निकले। सरपंचों ने कहा कि इस तरह राजनीतिक रैली का विरोध करना गलत है।
रोडवेज के लिए आफत बनी रैली
अमित शाह की रैली अब रोडवेज के लिए भी आफत बन गई है। दरअसल रैली में पुलिस बल के लिए प्रशासन ने 54 बस रोडवेज के बेड़े से ले ली हैं। रोडवेज के बेड़े में महज 108 बस हैं। आधी बस प्रशासन के पास जाने से अब रोडवेज के पास भी मुख्य रूटों पर बसों के परिचालन का संकट आन खड़ा हुआ है। रोडवेज अधिकारियों ने बताया कि बस कम होने के कारण लंबे रूट की बसों को अंतर जिला तक ही चलाया जाएगा। यदि लंबे रूट के यात्रियों की संख्या अधिक होती है तो ही लंबे रूट पर बस भेजी जाएगी। रोडवेज के महाप्रबंधक अश्वनी मलिक के ऱ्अनुसार मुख्य रूटों पर बसों के फेरे बढ़ाकर लोगों को पहले की तरह ही सुविधा मुहैया करवाई जाएगी।
प्रशासन ने किया लोगों से भाईचारा बनाए रखने का आह्वान, ली बैठक
जिला प्रशासन ने रविवार को शहर की विभिन्न स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों, समाज के प्रबुद्ध लोगों, विभिन्न खापों के से जुड़े लोगों की एक बैठक बुलाई। बैठक में डीसी अमित खत्री व एसएसपी डॉ. अरुण सिंह ने समाज के अग्रणी लोगों का आह्वान किया कि वे भाईचारे को किसी भी सूरत में बिगड़ने नहीं दें। समाज को तोड़ने वाली अफवाहों को फैलने से रोकने के काम में समाज के प्रबुद्ध व्यक्ति अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। समाज के अग्रणी लोगों का यह नैतिक फर्ज बनता है कि वे समाज को दिग्भ्रमित करने वाले लोगों को हतोत्साहित करें। बैठक में कंडेला खाप के प्रधान टेकराम कंडेला, बराह खाप के कुलदीप ढांडा, स्वर्णकार हर्ष, रेडीमेड गारमेंट ऐसोसिएशन, पवन अहलावत, पदम मधान, नरेंद्र खटकड़, सुनिल वशिष्ठ मौजूद रहे।
प्रशासन पूरी तरह तैयार
लोकतंत्र में रैली व प्रदर्शन करने का अधिकार हर किसी को है, लेकिन प्रशासन किसी को भी कानून हाथ में नहीं लेने देगा। इसके लिए व्यापक प्रशासनिक इंतजाम किए गए हैं।
डॉ. अरुण सिंह, एसएसपी, जींद।