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स्वच्छता सर्वे में लंबी छलांग लगाने की तैयारी में जींद नगरपरिषद
Updated Sat, 30 Dec 2017 11:50 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
अगले माह होने वाले स्वच्छता सर्वे में शहर की रैंकिंग सुधारने के लिए नगर परिषद ने प्रयास शुरू किए हैं। पिछली बार हुए सर्वे में जींद नगर परिषद ने बेहतर सुधार किया था। नगर परिषदों में दूसरे स्थान और प्रदेश में सातवें स्थान पर रहने वाली जींद नगर परिषद ने स्वच्छता के लिए इस बार लंबी छलांग के साथ स्थिति सुधारने की योजना बनाई है। इसके लिए कई ऐसे काम किए हैं, जिससे रैंकिंग में सुधार हो सकता है। वहीं रैंकिंग सुधारने के लिए नगरपरिषद ऐसे स्थानों पर रात को सफाई की योजना बनाई है, जहां दिन के समय सफाई नहीं हो सकती। शनिवार को पटियाला चौक से इस अभियान की शुरूआत भी हो गई।
हालांकि पिछली बार हुए सर्वे के बाद शहर के घर-घर से कूड़ा उठाने के अभियान को झटका लगा है, लेकिन शहर में सार्वजनिक शौचालय बनवाने से लेकर लोगों की शिकायत पर कूड़ा उठाने तक के काम को नया रूप दिया गया है। वहीं बाजारों में डस्टबिन रखने के लिए भी नगर परिषद ने प्रयास किए हैं। इससे उम्मीद है कि प्रदेश में पिछले साल के सातवें स्थान से जींद की रैंकिंग बढ़ेगी। पिछली बार स्वच्छता सर्वे में जींद को 265वां स्थान मिला था। इस बाद जींद नगर परिषद इसमें सुधार के लिए प्रयास कर रही है।
131 शिकायतें मिली
शहर को स्वच्छ रखने के लिए शुरू की गई स्वच्छता एप से नगर परिषद को काफी हद तक स्थिति सुधारने का मौका मिल रहा है। पिछले एक महीने में स्वच्छता एप पर 131 शिकायतें मिली हैं, जिनमें से 117 शिकायतों का समाधान किया गया है।
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20 जगहों पर शौचालय
शहर को ओडीएफ घोषित करने के लिए पिछले दिनों नगर परिषद ने कुल 20 जगह पर सार्वजनिक शौचालय बनाए हैं। इन सभी स्थानों पर 128 सीट वाले सार्वजनिक शौचालय बनाए हैं। वहीं दो मोबाइल शौचालय भी शहर में रखे गए हैं। इसके तहत टवरीवास जैसे क्षेत्र में भी अब लोगों को खुले में शौच जाने से रोका गया है।
दो वार्डों में शुरू हुआ पायलट प्रोजेक्ट
स्वच्छता की रैंकिंग सुधारने के लिए शहर के वार्ड नंबर 14 व 16 में खास परियोजना शुरू की गई है। इसके तहत लोगों के घरों से ही सूखा व गिला कूड़ा अलग-अलग उठाया जाएगा और इसकी छंटाई कर रानी तालाब के पास बनाए गए कंपोस्ट पिट्स पर प्रोसेस किया जाएगा। प्रोसेस के बाद इस कूड़े से बनने वाली खाद को बेचकर नगर गरिषद कमाई भी करेगा।
स्वच्छता एप से करें शिकायत
सरकार द्वारा लांच की गई स्वच्छता एप से लोग कहीं भी फैले कचरे की शिकायत कर सकते हैं। शिकायत पर नगर परिषद यहां सफाई की व्यवस्था करता है। इसके लिए अपने मोबाइल में स्वच्छता एप डाउनलोड कर कचरे की फोटो इस पर अपलोड करनी होती है। यह फोटो खुद ही संबंधित नगरपरिषद के पास पहुंच जाएगी।
कूड़ा निस्तारण परियोजना बन सकती है रोड़ा
भले ही नगर परिषद द्वारा स्वच्छता में रैंकिंग सुधारने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन शहर से प्रतिदिन निकलने वाले 70 टन से अधिक कचरे को डालने के लिए ठोस कचरा प्रबंधन की सुविधा नहीं है। इसके लिए अभी तक नगर परिषद को जमीन की दरकार है।
शहर की स्वच्छता के लिए बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं। घरों से कूड़ा उठाने की प्रक्रिया टेंडर रद्द होने के कारण रुकी हुई है। इसके लिए दोबारा से टेंडर लगाए जा रहे हैं। इसके बाद कोई दिक्कत नहीं आएगी। स्वच्छता एप से लोग जहां भी कचरे की शिकायत करते हैं, वहां सफाई करवाई जा रही है।
पूनम सैनी, चेयरमैन, नगरपरिषद जींद
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जींद।
अगले माह होने वाले स्वच्छता सर्वे में शहर की रैंकिंग सुधारने के लिए नगर परिषद ने प्रयास शुरू किए हैं। पिछली बार हुए सर्वे में जींद नगर परिषद ने बेहतर सुधार किया था। नगर परिषदों में दूसरे स्थान और प्रदेश में सातवें स्थान पर रहने वाली जींद नगर परिषद ने स्वच्छता के लिए इस बार लंबी छलांग के साथ स्थिति सुधारने की योजना बनाई है। इसके लिए कई ऐसे काम किए हैं, जिससे रैंकिंग में सुधार हो सकता है। वहीं रैंकिंग सुधारने के लिए नगरपरिषद ऐसे स्थानों पर रात को सफाई की योजना बनाई है, जहां दिन के समय सफाई नहीं हो सकती। शनिवार को पटियाला चौक से इस अभियान की शुरूआत भी हो गई।
हालांकि पिछली बार हुए सर्वे के बाद शहर के घर-घर से कूड़ा उठाने के अभियान को झटका लगा है, लेकिन शहर में सार्वजनिक शौचालय बनवाने से लेकर लोगों की शिकायत पर कूड़ा उठाने तक के काम को नया रूप दिया गया है। वहीं बाजारों में डस्टबिन रखने के लिए भी नगर परिषद ने प्रयास किए हैं। इससे उम्मीद है कि प्रदेश में पिछले साल के सातवें स्थान से जींद की रैंकिंग बढ़ेगी। पिछली बार स्वच्छता सर्वे में जींद को 265वां स्थान मिला था। इस बाद जींद नगर परिषद इसमें सुधार के लिए प्रयास कर रही है।
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131 शिकायतें मिली
शहर को स्वच्छ रखने के लिए शुरू की गई स्वच्छता एप से नगर परिषद को काफी हद तक स्थिति सुधारने का मौका मिल रहा है। पिछले एक महीने में स्वच्छता एप पर 131 शिकायतें मिली हैं, जिनमें से 117 शिकायतों का समाधान किया गया है।
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20 जगहों पर शौचालय
शहर को ओडीएफ घोषित करने के लिए पिछले दिनों नगर परिषद ने कुल 20 जगह पर सार्वजनिक शौचालय बनाए हैं। इन सभी स्थानों पर 128 सीट वाले सार्वजनिक शौचालय बनाए हैं। वहीं दो मोबाइल शौचालय भी शहर में रखे गए हैं। इसके तहत टवरीवास जैसे क्षेत्र में भी अब लोगों को खुले में शौच जाने से रोका गया है।
दो वार्डों में शुरू हुआ पायलट प्रोजेक्ट
स्वच्छता की रैंकिंग सुधारने के लिए शहर के वार्ड नंबर 14 व 16 में खास परियोजना शुरू की गई है। इसके तहत लोगों के घरों से ही सूखा व गिला कूड़ा अलग-अलग उठाया जाएगा और इसकी छंटाई कर रानी तालाब के पास बनाए गए कंपोस्ट पिट्स पर प्रोसेस किया जाएगा। प्रोसेस के बाद इस कूड़े से बनने वाली खाद को बेचकर नगर गरिषद कमाई भी करेगा।
स्वच्छता एप से करें शिकायत
सरकार द्वारा लांच की गई स्वच्छता एप से लोग कहीं भी फैले कचरे की शिकायत कर सकते हैं। शिकायत पर नगर परिषद यहां सफाई की व्यवस्था करता है। इसके लिए अपने मोबाइल में स्वच्छता एप डाउनलोड कर कचरे की फोटो इस पर अपलोड करनी होती है। यह फोटो खुद ही संबंधित नगरपरिषद के पास पहुंच जाएगी।
कूड़ा निस्तारण परियोजना बन सकती है रोड़ा
भले ही नगर परिषद द्वारा स्वच्छता में रैंकिंग सुधारने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन शहर से प्रतिदिन निकलने वाले 70 टन से अधिक कचरे को डालने के लिए ठोस कचरा प्रबंधन की सुविधा नहीं है। इसके लिए अभी तक नगर परिषद को जमीन की दरकार है।
शहर की स्वच्छता के लिए बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं। घरों से कूड़ा उठाने की प्रक्रिया टेंडर रद्द होने के कारण रुकी हुई है। इसके लिए दोबारा से टेंडर लगाए जा रहे हैं। इसके बाद कोई दिक्कत नहीं आएगी। स्वच्छता एप से लोग जहां भी कचरे की शिकायत करते हैं, वहां सफाई करवाई जा रही है।
पूनम सैनी, चेयरमैन, नगरपरिषद जींद