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Jind News: सेट टॉप बॉक्स नहीं बदलने पर 13 हजार जुर्माना
Wed, 06 Aug 2025 12:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 06 Aug 2025 12:02 AM IST
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जींद। दिल्ली की एक दुकान के मालिक पर टीवी सेट टॉप बॉक्स नहीं बदलने पर जिला उपभोक्ता अदालत ने 13 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। यदि तय सीमा में जुर्माना नहीं भरा तो 12 प्रतिशत ब्याज के हिसाब से जुर्माना देना होगा।
शहर की न्यू कृष्णा कॉलोनी निवासी आदित्य ने तीन अक्तूबर 2024 में दिल्ली की लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हाईटेक इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान से 800 रुपये में टीवी सेट टॉप बॉक्स खरीदा था जिसकी छह महीने की वारंटी थी। खरीदारी के एक सप्ताह बाद ही सेट टॉप बॉक्स खराब हो गया। इसको लेकर आदित्य दुकान पर गया। दुकानदार ने चार्जर और अडप्टर तो बदल दिए लेकिन सेट टॉप बॉक्स वापस दे दिया।
इसके बाद वह घर आ गया लेकिन जब घर आकर चैक किया तो वह नहीं चला। इसको लेकर कई बार शिकायत की लेकिन दुकानदार ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। फिर आदित्य ने वकील से दुकानदार को लीगल नोटिस भिजवाया लेकिन उसका भी जवाब नहीं दिया।
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दुकानदार ने कहा कि तुमपर और तुम्हारे वकील पर हैरेसमेंट का केस दायर कर दूंगा। फिर आदित्य ने अदालत में 28 जनवरी 2025 को याचिका दी और अदालत ने नोटिस देकर दुकानदार को बुलाया लेकिन फिर भी दुकानदार नहीं आया।
उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष एके सरदाना और सदस्य गुरुदत्त गोयल ने दुकानदार को गैर व्यापार नियम, उपभोक्ता को सेवा न देने का दोषी करार दे दिया। अदालत ने फैसला सुनाते हुए दोषी दुकानदार 800 रुपये के दस प्रतिशत ब्याज के साथ राशि लौटाने के आदेश जारी किए।
उपभोक्ता को सेवा न देने पर छह हजार रुपये जुर्माना, मानसिक तौर पर पीड़ा देने पर पांच हजार रुपये और मुकदमा खर्च के तौर पर दो हजार रुपये जुर्माना लगाया। इतना ही नहीं यह 13 हजार रुपये 45 दिनों के अंदर देने होंगे। यदि दोषी ने तय समय में राशि नहीं दी तो फिर यह राशि 12 प्रतिशत के हिसाब से देने होंगे।
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शहर की न्यू कृष्णा कॉलोनी निवासी आदित्य ने तीन अक्तूबर 2024 में दिल्ली की लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हाईटेक इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान से 800 रुपये में टीवी सेट टॉप बॉक्स खरीदा था जिसकी छह महीने की वारंटी थी। खरीदारी के एक सप्ताह बाद ही सेट टॉप बॉक्स खराब हो गया। इसको लेकर आदित्य दुकान पर गया। दुकानदार ने चार्जर और अडप्टर तो बदल दिए लेकिन सेट टॉप बॉक्स वापस दे दिया।
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इसके बाद वह घर आ गया लेकिन जब घर आकर चैक किया तो वह नहीं चला। इसको लेकर कई बार शिकायत की लेकिन दुकानदार ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। फिर आदित्य ने वकील से दुकानदार को लीगल नोटिस भिजवाया लेकिन उसका भी जवाब नहीं दिया।
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दुकानदार ने कहा कि तुमपर और तुम्हारे वकील पर हैरेसमेंट का केस दायर कर दूंगा। फिर आदित्य ने अदालत में 28 जनवरी 2025 को याचिका दी और अदालत ने नोटिस देकर दुकानदार को बुलाया लेकिन फिर भी दुकानदार नहीं आया।
उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष एके सरदाना और सदस्य गुरुदत्त गोयल ने दुकानदार को गैर व्यापार नियम, उपभोक्ता को सेवा न देने का दोषी करार दे दिया। अदालत ने फैसला सुनाते हुए दोषी दुकानदार 800 रुपये के दस प्रतिशत ब्याज के साथ राशि लौटाने के आदेश जारी किए।
उपभोक्ता को सेवा न देने पर छह हजार रुपये जुर्माना, मानसिक तौर पर पीड़ा देने पर पांच हजार रुपये और मुकदमा खर्च के तौर पर दो हजार रुपये जुर्माना लगाया। इतना ही नहीं यह 13 हजार रुपये 45 दिनों के अंदर देने होंगे। यदि दोषी ने तय समय में राशि नहीं दी तो फिर यह राशि 12 प्रतिशत के हिसाब से देने होंगे।