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Jind News: जिले में 1106 बच्चे मिले स्कूल से बाहर, अब 37 केंद्रों में मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
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जींद। शिक्षा विभाग ने स्कूल से बाहर रह गए बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की तैयारी तेज कर दी है। सत्र 2026-27 के लिए जनवरी में किए गए सर्वे में जिले में 1106 बच्चे ऐसे मिले जो स्कूल नहीं जा रहे थे। इन बच्चों को उनकी उम्र और शैक्षणिक स्तर के अनुसार प्रशिक्षण देकर नियमित विद्यालयी शिक्षा से जोड़ने के लिए जिले में 37 स्पेशल ट्रेनिंग सेंटर शुरू किए जाएंगे।
समग्र शिक्षा विभाग की ओर से ये केंद्र हुमाना पीपल टू पीपल इंडिया के सहयोग से संचालित किए जाएंगे। यहां बच्चों को सामान्य कक्षा व्यवस्था में शामिल होने से पहले उनकी जरूरत के अनुसार विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान बच्चों की पढ़ने-लिखने की क्षमता विकसित करने के साथ उन्हें विद्यालयी माहौल के अनुरूप तैयार किया जाएगा। विभाग की ओर से प्रशिक्षण केंद्रों में आने वाले बच्चों को आवश्यक शिक्षण सामग्री की टूलकिट भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें किताबें, स्टेशनरी और अन्य जरूरी सामग्री शामिल होगी। विभाग का मानना है कि इससे बच्चों को पढ़ाई में मदद मिलेगी और उनमें शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ेगी।
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वर्जन
37 स्पेशल ट्रेनिंग सेंटरों के संचालन के लिए 65 एजुकेशन वालंटियर ने आवेदन किया है। इन आवेदकों की मंगलवार को काउंसिलिंग की जाएगी। चयन के बाद वालंटियर बच्चों को विशेष प्रशिक्षण देंगे। शिक्षा विभाग वर्ष 2016 से स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान कर उन्हें शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रहा है। इस अभियान का उद्देश्य किसी भी बच्चे को शिक्षा से वंचित न रहने देना और उसे उसकी आयु के अनुरूप कक्षा में प्रवेश के लिए तैयार करना है। -रणधीर ढिल्लों एपीसी समग्र शिक्षा विभाग
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समग्र शिक्षा विभाग की ओर से ये केंद्र हुमाना पीपल टू पीपल इंडिया के सहयोग से संचालित किए जाएंगे। यहां बच्चों को सामान्य कक्षा व्यवस्था में शामिल होने से पहले उनकी जरूरत के अनुसार विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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प्रशिक्षण के दौरान बच्चों की पढ़ने-लिखने की क्षमता विकसित करने के साथ उन्हें विद्यालयी माहौल के अनुरूप तैयार किया जाएगा। विभाग की ओर से प्रशिक्षण केंद्रों में आने वाले बच्चों को आवश्यक शिक्षण सामग्री की टूलकिट भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें किताबें, स्टेशनरी और अन्य जरूरी सामग्री शामिल होगी। विभाग का मानना है कि इससे बच्चों को पढ़ाई में मदद मिलेगी और उनमें शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ेगी।
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37 स्पेशल ट्रेनिंग सेंटरों के संचालन के लिए 65 एजुकेशन वालंटियर ने आवेदन किया है। इन आवेदकों की मंगलवार को काउंसिलिंग की जाएगी। चयन के बाद वालंटियर बच्चों को विशेष प्रशिक्षण देंगे। शिक्षा विभाग वर्ष 2016 से स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान कर उन्हें शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रहा है। इस अभियान का उद्देश्य किसी भी बच्चे को शिक्षा से वंचित न रहने देना और उसे उसकी आयु के अनुरूप कक्षा में प्रवेश के लिए तैयार करना है। -रणधीर ढिल्लों एपीसी समग्र शिक्षा विभाग