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कन्यादान की राशि जारी करने की ऐवज में एक हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में सेवादार काबू
Updated Fri, 01 Dec 2017 12:23 AM IST
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रिश्वत लेने के आरोपी सेवादार को पकड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
कन्यादान राशि जारी करने की एवज में समाज कल्याण विभाग के सेवादार को विजिलेंस टीम ने एक हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में काबू किया है। विजिलेंस की टीम ने सेवादार के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज करके पूछताछ शुरू कर दी।
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार जुलाना निवासी मनीराम ने विजिलेंस विभाग को दी शिकायत में बताया कि वर्ष 2016 में उसकी बेटी की शादी हुई थी। समाज कल्याण विभाग की योजना के तहत कन्यादान के लिए आवेदन किया था। विभाग ने पिछले दिनों 72 हजार रुपये की राशि का चेक उनको दे दिया था और दूसरी किश्त में दस हजार रुपये की राशि जारी करने के लिए कहा था। एक माह पहले जब कन्यादान की दूसरी किश्त लेने के लिए समाज कल्याण विभाग में पहुंचा तो वहां पर तैनात सेवादार राधेश्याम वर्मा ने राशि जारी करने में आनाकानी करने लगा। थोड़ी दिनों के बाद उसने एक हजार रुपये की मांग की। उससे परेशान होकर उसने इसकी शिकायत विजिलेंस को दी। शिकायत मिलने पर विजिलेंस ने टीम का गठन किया और डयूटी मैजिस्ट्रेट के तौर पर तहसीलदार प्रवीन को नियुक्त किया। शिकायतकर्ता मनीराम को ड्यूटी मैजिस्ट्रेट से हस्ताक्षर हुए दो पांच-पांच सौ के नोट दे दिए। जब मनीराम ने सेवादार को उनके कार्यालय में जाकर रिश्वत के एक हजार रुपये दिए और इशारा मिलते ही टीम ने उसको काबू कर लिया। विजिलेंस की टीम ने उसकी जेब से रिश्वत के तौर पर लिए पैसों को बरामद कर लिया।
फोटो नंबर
30जेएनडी18: विजिलेंस द्वारा हिरासत में लिया गया आरोपी।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
कन्यादान राशि जारी करने की एवज में समाज कल्याण विभाग के सेवादार को विजिलेंस टीम ने एक हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में काबू किया है। विजिलेंस की टीम ने सेवादार के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज करके पूछताछ शुरू कर दी।
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार जुलाना निवासी मनीराम ने विजिलेंस विभाग को दी शिकायत में बताया कि वर्ष 2016 में उसकी बेटी की शादी हुई थी। समाज कल्याण विभाग की योजना के तहत कन्यादान के लिए आवेदन किया था। विभाग ने पिछले दिनों 72 हजार रुपये की राशि का चेक उनको दे दिया था और दूसरी किश्त में दस हजार रुपये की राशि जारी करने के लिए कहा था। एक माह पहले जब कन्यादान की दूसरी किश्त लेने के लिए समाज कल्याण विभाग में पहुंचा तो वहां पर तैनात सेवादार राधेश्याम वर्मा ने राशि जारी करने में आनाकानी करने लगा। थोड़ी दिनों के बाद उसने एक हजार रुपये की मांग की। उससे परेशान होकर उसने इसकी शिकायत विजिलेंस को दी। शिकायत मिलने पर विजिलेंस ने टीम का गठन किया और डयूटी मैजिस्ट्रेट के तौर पर तहसीलदार प्रवीन को नियुक्त किया। शिकायतकर्ता मनीराम को ड्यूटी मैजिस्ट्रेट से हस्ताक्षर हुए दो पांच-पांच सौ के नोट दे दिए। जब मनीराम ने सेवादार को उनके कार्यालय में जाकर रिश्वत के एक हजार रुपये दिए और इशारा मिलते ही टीम ने उसको काबू कर लिया। विजिलेंस की टीम ने उसकी जेब से रिश्वत के तौर पर लिए पैसों को बरामद कर लिया।
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30जेएनडी18: विजिलेंस द्वारा हिरासत में लिया गया आरोपी।