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Jhajjar-Bahadurgarh News: हम हिंदुस्तानी...छोड़ों कल की बातें, कल की बात पुरानी, नए दौर में लिखेंगे, मिलकर नई कहानी
Fri, 18 Apr 2025 12:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Fri, 18 Apr 2025 12:44 AM IST
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फोटो 72: देश भक्ति गीतों पर झूमते कैंसर रोगी।
- फोटो : संवाद
बादली। बाढ़सा स्थित नेशनल कैंसर संस्थान में कैंसर रोगियों का मनोरंजन करने और दर्द बांटने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमेंं विभिन्न कलाकारों ने आत्मविश्वास और मानसिक तौर पर मजबूत करने के लिए गाने गाए। श्री भाऊराव देवरस न्यास विश्राम सदन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में सेना के लिए मोटिवेशनल गीतकार कर्नल आर सी चड्डा पहुंचे जबकि दूरदर्शन और आकाशवाणी गायिका लिली सिंह और मेजर रवि जोशी ने अपनी आवाज से गीत गाकर मरीजों का दिल जीत लिया। देश प्रेम पर आधारित गानों का उद्देश्य देश के सबसे बड़े कैंसर अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों और उनके सहायकों के चेहरों पर खुशी लाना रहा।
गीतकारों ने हम हिंदुस्तानी... गोरे-गोरे गाल, गाल पर बिखरे-बिखरे बाल, हो तेरा क्या कहना... गीत और आवाज ने दशकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। न्यास सदन के प्रबंधक राम बहादुर सिंह ने बताया कि गानों के दौरान मरीजों और उनके परिजनों के चेहरों पर खुशी देखकर संतोष मिला है। कई कैंसर रोगी तो स्टेज के पास पहुंचकर नाचने लगे। कैंसर की चौथी स्टेज पर गुजर रही एक युवती ने डांस किया, उसे देखकर परिजन भी कुछ देर के लिए कैंसर का दर्द भूल गए। दर्जनों रोगी और उनके परिजन कई माह से संस्थान में हैं, जिन्हें फिल्मी गानों के माध्यम से एक-दूसरे के साथ जोड़ने का प्रयास किया गया। राम बहादुर सिंह ने बताया कि भविष्य में इस तरह के कार्यक्रम किए जाएंगे। कार्यक्रम के समापन पर कलाकारों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
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गीतकारों ने हम हिंदुस्तानी... गोरे-गोरे गाल, गाल पर बिखरे-बिखरे बाल, हो तेरा क्या कहना... गीत और आवाज ने दशकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। न्यास सदन के प्रबंधक राम बहादुर सिंह ने बताया कि गानों के दौरान मरीजों और उनके परिजनों के चेहरों पर खुशी देखकर संतोष मिला है। कई कैंसर रोगी तो स्टेज के पास पहुंचकर नाचने लगे। कैंसर की चौथी स्टेज पर गुजर रही एक युवती ने डांस किया, उसे देखकर परिजन भी कुछ देर के लिए कैंसर का दर्द भूल गए। दर्जनों रोगी और उनके परिजन कई माह से संस्थान में हैं, जिन्हें फिल्मी गानों के माध्यम से एक-दूसरे के साथ जोड़ने का प्रयास किया गया। राम बहादुर सिंह ने बताया कि भविष्य में इस तरह के कार्यक्रम किए जाएंगे। कार्यक्रम के समापन पर कलाकारों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
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