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Jhajjar-Bahadurgarh News: गेंहू व सरसों की फसल के लिए फायदे मंद है कड़ाके की ठंड
Sat, 28 Dec 2024 11:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sat, 28 Dec 2024 11:02 PM IST
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-फोटो 51 : खेतों में खड़ी गेहंू की फसल। संवाद
बहादुरगढ़। कृषि विभाग के एसडीओ डॉ. सुनील कौशिक ने किसानों को सलाह देते हुए कहा कि सर्दी से चिंतित न हो किसान बल्कि इस बार पड़ रही कड़ाके ठंड गेंहू व सरसों की फसल के लिए काफी फायदेमंद है। हालांकि उन्होंने नर्सरी व फलवृक्षों के लिए अतिरिक्त देखभाल करने की बात भी कही।
डॉॅ. कौशिक ने कहा कि बारिश के बाद ठंड बढ़ गई है। ऐसे में किसानों को अभी फसलों में सिंचाई की आवश्यकता नहीं है। नमी बनी हुई है। यह बारिश फसलों के लिए काफी फायदेमंद है। यह ठंड गेंहू व सरसों की फसल के लिए अच्छी है। तापमान कम होने से गेंहू व सरसों के तनों में फुटाव ज्यादा होगा, जिस कारण पौधे में एक से अधिक बालियां आएंगी। जिससे फसल की पैदावार भी अधिक होगी। उन्होंने बताया कि देर से बोई गई गेंहू की फसल यदि 20 से 25 दिन की हो गई है तो वह भी बारिश के बाद अच्छी होगी। अब कुछ दिनों बाद खेत में नाइट्रोजन की शेष मात्रा का छिड़काव भी कर सकते हैं।
ठंड के चलते किसानों को सरसों की फसल में चेपा की निरंतर निगरानी करते रहना है। अधिक कीट पाए जाने पर रोगोर या क्यूनलफांस दो मिलीलीटर प्रति एक लीटर में मिलाकर छिड़काव करें। गोभीवर्गीय फसल में हीरा पीठ इल्ली, मटर में फली छेदक व टमाटर में फल छेदक से बचाव के लिए फीरोमोन प्रपंस को करीब चार की मात्रा में प्रति एकड़ में लगाएं। इस मौसम में तैयार बंदगोभी व फूलगोभी की रोपाई मेड़ों पर कर सकते हैं। इस मौसम में पालक, धनिया व मेथी की बुआई कर सकते हैं। पत्तों के लिए 20 किलाेग्राम यूरिया प्रति एकड़ की दर से छिड़काव कर सकते हैं। आलू व टमाटर की निरंतर निगरानी करते रहें।
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डॉॅ. कौशिक ने कहा कि बारिश के बाद ठंड बढ़ गई है। ऐसे में किसानों को अभी फसलों में सिंचाई की आवश्यकता नहीं है। नमी बनी हुई है। यह बारिश फसलों के लिए काफी फायदेमंद है। यह ठंड गेंहू व सरसों की फसल के लिए अच्छी है। तापमान कम होने से गेंहू व सरसों के तनों में फुटाव ज्यादा होगा, जिस कारण पौधे में एक से अधिक बालियां आएंगी। जिससे फसल की पैदावार भी अधिक होगी। उन्होंने बताया कि देर से बोई गई गेंहू की फसल यदि 20 से 25 दिन की हो गई है तो वह भी बारिश के बाद अच्छी होगी। अब कुछ दिनों बाद खेत में नाइट्रोजन की शेष मात्रा का छिड़काव भी कर सकते हैं।
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ठंड के चलते किसानों को सरसों की फसल में चेपा की निरंतर निगरानी करते रहना है। अधिक कीट पाए जाने पर रोगोर या क्यूनलफांस दो मिलीलीटर प्रति एक लीटर में मिलाकर छिड़काव करें। गोभीवर्गीय फसल में हीरा पीठ इल्ली, मटर में फली छेदक व टमाटर में फल छेदक से बचाव के लिए फीरोमोन प्रपंस को करीब चार की मात्रा में प्रति एकड़ में लगाएं। इस मौसम में तैयार बंदगोभी व फूलगोभी की रोपाई मेड़ों पर कर सकते हैं। इस मौसम में पालक, धनिया व मेथी की बुआई कर सकते हैं। पत्तों के लिए 20 किलाेग्राम यूरिया प्रति एकड़ की दर से छिड़काव कर सकते हैं। आलू व टमाटर की निरंतर निगरानी करते रहें।

ताजा बर्फबारी के बीच फिसल रहे पर्यटकों के वाहन को धक्का देकर आगे निकालने में जुटे पर्यटक।

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