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आंदोलन कर रहे किसानों ने शहर में निकाला पैदल मार्च

Mon, 01 Feb 2021 11:59 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 01 Feb 2021 11:59 PM IST
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The agitating farmers took out foot march in the city
शहर में पैदल मार्च निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ रोष जताते किसान। संवाद - फोटो : Bahadurgarh
कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर बहादुरगढ़ में डटे किसानों ने सोमवार को शहरभर में पैदल मार्च निकाला। इस दौरान किसानों ने जमकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कानूनों को वापस करने की मांग की। किसान बड़ी संख्या में पैदल मार्च में शामिल हुए। यह पैदल मार्च नया गांव पकौड़ा चौक से शुरू होकर टीकरी बॉर्डर पर पहुंचा। पैदल मार्च के दौरान शहर की सभी सड़कों पर जाम लग गया।
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सोमवार को किसानों का यहां पर आंदोलन करते हुए 69वां दिन था। नया गांव से शुरू होकर किसानों का यह मार्च बादली रोड, झज्जर रोड, दिल्ली-रोहतक रोड से होते हुए सीधे टीकरी बॉर्डर पर पहुंचा। किसान इस मार्च के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ते रहे। जिस मार्ग से किसानों का पैदल मार्च निकाल, उसी मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रही। ट्रैफिक पुलिस ने स्थिति को संभाला और जाम को खुलवाया। किसानों के हाथों में भारतीय किसान यूनियन के झंडे थे। पैदल मार्च के समय किसानों ने किसान मजदूर एकता जिंदाबाद के साथ केंद्र सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाए।
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किसानों ने एक सुर में कहा कि जब तक केंद्र सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करेगी, तब तक वे दिल्ली के बॉर्डरों पर डटे रहेंगे। इसके लिए चाहे उन्हें कितना भी समय क्यों न लगाना पड़े। चाहे इसके लिए उन्हें अपनी जान भी देनी पड़े, लेकिन वे कृषि कानूनों को रद्द कराकर ही अपने घरों को लौटेंगे।
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प्रदर्शनकारी किसानों ने ट्रैक्टर परेड के दौरान जिन किसान नेताओं के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने मुकदमे दर्ज किए हैं, उन्हें वापस लेने की मांग की है। किसानों ने कहा कि ट्रैक्टर परेड के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा की गई हिंसा का दोषी किसानों को ठहराया जा रहा है, जो सही नहीं है। काफी किसान नेताओं के साथ आम किसान पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। ऐसे में सरकार को परेड के दौरान हिंसा व लाल किले पर हुए घटनाक्रम के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, न कि किसानों पर। किसान अपना शांतिपूर्ण ढंग से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, जो आगे भी जारी रहेगा। वहीं किसान आंदोलन में बढ़ रही भीड़ को देखते हुए दिल्ली प्रशासन ने सुरक्षा के घेरा ओर कड़ा कर दिया।
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