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डीघल कन्या स्कूल को 63 साल बाद मिलेगा पांच एकड़ का खेल मैदान
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डीघल गांव के राजकीय वरिष्ठ कन्या विद्यालय को लगभग 63 साल बाद अब पांच एकड़ का खेल मैदान मिलेगा। डीघल गांव के लोगों ने मिलकर पंचायत की जमीन से कब्जे हटवाए और खेल मैदान के मिट्टी भरत का काम आरंभ कर दिया। वीरवार को स्कूल के खेल मैदान का भूमि पूजन जिला पार्षद प्रदीप अहलावत ने छात्राओं से करवाया। प्राचार्य सुनीता ने डीघल के ग्रामीणों और जिला पार्षद प्रदीप अहलावत का धन्यवाद किया। पार्षद ने बताया कि 26 जनवरी को विद्यालय में मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की थी। उस दौरान छात्राओं ने विद्यालय में खेल का मैदान बनवाने की मांग की थी। विद्यालय के साथ लगती पांच एकड़ पंचायत की जमीन पर ग्रामसभा बुलाकर खेल मैदान बनवाने का प्रस्ताव पास किया और जमीन पर लंबे समय से जलभराव था।
पंचायत के आग्रह पर ग्रामीणों ने छोड़े सालों पुराने कब्जे
इसी पंचायत की जमीन पर लोगों ने कब्जे कर रखे थे, जिनके कब्जे केस हाईकोर्ट में चल रह थे। बाबा मोजहमा पर पूरे गांव की पंचायत बुलाई और गांव ने भाईचारे की मिसाल देते हुए कब्जाधारियों से आग्रह करके उस जमीन को कब्जा मुक्त करवाया। जमीन चल रह मुकदमों को वापस करवाया और बेटियों के लिए खेल मैदान बनाने की खुशी-खुशी सहमति बनाई गई। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने घोषणा की थी कि गांव में 20 लाख तक विकास कार्य करवा सकते हैं। अब डीघल क सरकारी स्कूल का खेल मैदान तैयार करवाया जाएगा। जिसका भूमि पूजन करकेे भरत का कार्य आरंभ कर दिया गया हैं।
1956 में हुआ था स्कूल का निर्माण
ग्रामीणों का कहना था कि गांव केेेे इस सरकारी स्कूल का निर्माण 1956 में हुआ था। साल 2007 में सीनियर सेकेंडरी स्कूल में अपग्रेड हुआ था। इस विद्यालय की छात्राएं अंतरराष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी और कोच बन चुकी हैं। लेकिन स्कूल में खेल का मैदान नहीं था। तीन साल पहले विद्यालय में सरकार की तरफ तीरंदाजी की नर्सरी आई थी लेकिन विद्यालय में खेल का मैदान नहीं होने के कारण नर्सरी आरंभ नहीं हो सकी।
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अब पांच एकड़ जमीन पर बास्केटबाल, खो-खो समेत सभी तरह के खेल के मैदान तैयार करवाए जाएंगे। विद्यालय में खेल का मैदान नहीं होने के कारण दिक्कत बनी हुई थी। अब जिला पार्षद प्रदीप अहलावत ने ग्रामीणों के साथ मिलकर पांच एकड़ में खेल मैदान तैयार करवाना आरंभ किया हैैं। इसका लाभ विद्यालय की 409 छात्राओं को मिलेगा। विद्यालय का परिणाम शानदार रहता हैैैं। कई छात्राएं गोल्ड मेडल लेकर आई हैं।
सुनीता, प्राचार्या, राजकीय कन्या स्कूूल डीघल
बेटियों को खेल मैदान केेे लिए पूरे गांव ने ऐतिहासिक फैसला लिया हैं। छात्राओं केेे लिए कोच की व्यवस्था की जाएंगे। डीघल की होनहार छात्राओं को समय-समय पर ग्रामीणों द्वारा सम्मानित किया जाता है।
प्रदीप अहलावत, जिला पार्षद, डीघल।
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पंचायत के आग्रह पर ग्रामीणों ने छोड़े सालों पुराने कब्जे
इसी पंचायत की जमीन पर लोगों ने कब्जे कर रखे थे, जिनके कब्जे केस हाईकोर्ट में चल रह थे। बाबा मोजहमा पर पूरे गांव की पंचायत बुलाई और गांव ने भाईचारे की मिसाल देते हुए कब्जाधारियों से आग्रह करके उस जमीन को कब्जा मुक्त करवाया। जमीन चल रह मुकदमों को वापस करवाया और बेटियों के लिए खेल मैदान बनाने की खुशी-खुशी सहमति बनाई गई। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने घोषणा की थी कि गांव में 20 लाख तक विकास कार्य करवा सकते हैं। अब डीघल क सरकारी स्कूल का खेल मैदान तैयार करवाया जाएगा। जिसका भूमि पूजन करकेे भरत का कार्य आरंभ कर दिया गया हैं।
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1956 में हुआ था स्कूल का निर्माण
ग्रामीणों का कहना था कि गांव केेेे इस सरकारी स्कूल का निर्माण 1956 में हुआ था। साल 2007 में सीनियर सेकेंडरी स्कूल में अपग्रेड हुआ था। इस विद्यालय की छात्राएं अंतरराष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी और कोच बन चुकी हैं। लेकिन स्कूल में खेल का मैदान नहीं था। तीन साल पहले विद्यालय में सरकार की तरफ तीरंदाजी की नर्सरी आई थी लेकिन विद्यालय में खेल का मैदान नहीं होने के कारण नर्सरी आरंभ नहीं हो सकी।
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अब पांच एकड़ जमीन पर बास्केटबाल, खो-खो समेत सभी तरह के खेल के मैदान तैयार करवाए जाएंगे। विद्यालय में खेल का मैदान नहीं होने के कारण दिक्कत बनी हुई थी। अब जिला पार्षद प्रदीप अहलावत ने ग्रामीणों के साथ मिलकर पांच एकड़ में खेल मैदान तैयार करवाना आरंभ किया हैैं। इसका लाभ विद्यालय की 409 छात्राओं को मिलेगा। विद्यालय का परिणाम शानदार रहता हैैैं। कई छात्राएं गोल्ड मेडल लेकर आई हैं।
सुनीता, प्राचार्या, राजकीय कन्या स्कूूल डीघल
बेटियों को खेल मैदान केेे लिए पूरे गांव ने ऐतिहासिक फैसला लिया हैं। छात्राओं केेे लिए कोच की व्यवस्था की जाएंगे। डीघल की होनहार छात्राओं को समय-समय पर ग्रामीणों द्वारा सम्मानित किया जाता है।
प्रदीप अहलावत, जिला पार्षद, डीघल।