{"_id":"68dc3adf563088c3ef0265c9","slug":"olympic-wrestler-deepak-punia-is-going-to-tie-the-knot-soon-bahadurgarh-news-c-200-1-bgh1002-117849-2025-10-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhajjar-Bahadurgarh News: ओलंपियन पहलवान दीपक पूनिया जल्द बंधने जा रहे शादी के बंधन में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhajjar-Bahadurgarh News: ओलंपियन पहलवान दीपक पूनिया जल्द बंधने जा रहे शादी के बंधन में
Wed, 01 Oct 2025 01:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Wed, 01 Oct 2025 01:47 AM IST
विज्ञापन
-फोटो 55 : ओलंपियन पहलवान दीपक पूनिया और शिवानी। स्रोत सोशल मीडिया
बहादुरगढ़। छारा निवासी ओलिंपियन पहलवान दीपक पूनिया जल्द ही शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। बहादुरगढ़ में उनकी रिंग सेरेमनी हुई। उन्होंने बहादुरगढ़ के गांव निलौठी की रहने वाली 23 वर्षीय शिवानी को शादी की रिंग पहनाई। वह फिलहाल पढ़ाई कर रही हैं। उनके पिता अनूप खेतीबाड़ी करते हैं। दीपक के पिता सुभाष पूनिया के साथ प्रॉपर्टी डीलिंग का कार्य भी देखते हैं।
दीपक के पिता सुभाष ने बताया कि जल्द ही दोनों परिवारों की सहमति से विवाह की तारीख घोषित की जाएगी। दीपक का जन्म छारा गांव में 19 मई, 1999 को हुआ। बचपन से ही दीपक को कुश्ती का शौक रहा है। वह स्वयं स्थानीय स्तर पर पहलवान रहे हैं। दीपक को महज पांच साल की उम्र में अखाड़े में उतारा गया। इसी दौरान उन्हें गांव में केतली पहलवान के नाम से जाना गया।
केतली नाम दीपक को इसलिए मिला कि उन्होंने एक बार दूध पीते-पीते पूरी केतली ही खाली कर दी थी। बचपन के दंगल मुकाबलों से लेकर दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम तक दीपक का सफर यादगार रहा। पारंपरिक मिट्टी के अखाड़े से निकलकर जब उन्होंने मैट पर कदम रखा तो जल्दी ही खुद को अनुकूलित किया और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का नाम रोशन किया।
विज्ञापन
टोक्यो ओलिंपिक 2021 में दीपक कांस्य पदक मुकाबले में मामूली अंतर से हारकर पांचवें स्थान पर रहे। यह हार उनके लिए भावनात्मक रही, क्योंकि कुछ ही महीने पहले उन्होंने अपनी मां को खो दिया था और वे पदक उन्हें समर्पित करना चाहते थे। मगर, इस हार ने उन्हें तोड़ा नहीं, बल्कि और मजबूत बनाया। एक साल बाद 2022 बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया।
दीपक पूनिया वर्तमान में दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में अभ्यास कर रहे हैं और आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी में जुटे हैं। अब निजी जीवन की नई शुरुआत के साथ खेल मैदान पर भी उनके प्रदर्शन से देशवासियों को नई उम्मीदें हैं।
विज्ञापन
दीपक के पिता सुभाष ने बताया कि जल्द ही दोनों परिवारों की सहमति से विवाह की तारीख घोषित की जाएगी। दीपक का जन्म छारा गांव में 19 मई, 1999 को हुआ। बचपन से ही दीपक को कुश्ती का शौक रहा है। वह स्वयं स्थानीय स्तर पर पहलवान रहे हैं। दीपक को महज पांच साल की उम्र में अखाड़े में उतारा गया। इसी दौरान उन्हें गांव में केतली पहलवान के नाम से जाना गया।
विज्ञापन
केतली नाम दीपक को इसलिए मिला कि उन्होंने एक बार दूध पीते-पीते पूरी केतली ही खाली कर दी थी। बचपन के दंगल मुकाबलों से लेकर दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम तक दीपक का सफर यादगार रहा। पारंपरिक मिट्टी के अखाड़े से निकलकर जब उन्होंने मैट पर कदम रखा तो जल्दी ही खुद को अनुकूलित किया और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का नाम रोशन किया।
विज्ञापन
टोक्यो ओलिंपिक 2021 में दीपक कांस्य पदक मुकाबले में मामूली अंतर से हारकर पांचवें स्थान पर रहे। यह हार उनके लिए भावनात्मक रही, क्योंकि कुछ ही महीने पहले उन्होंने अपनी मां को खो दिया था और वे पदक उन्हें समर्पित करना चाहते थे। मगर, इस हार ने उन्हें तोड़ा नहीं, बल्कि और मजबूत बनाया। एक साल बाद 2022 बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया।
दीपक पूनिया वर्तमान में दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में अभ्यास कर रहे हैं और आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी में जुटे हैं। अब निजी जीवन की नई शुरुआत के साथ खेल मैदान पर भी उनके प्रदर्शन से देशवासियों को नई उम्मीदें हैं।