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पुलिस आला नै जीना मुश्किल कर राख्या सै...

Tue, 28 Jun 2016 01:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर Updated Tue, 28 Jun 2016 01:38 AM IST
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पीड़ित - फोटो : bureau
पीड़ित बाप का रो-रो कर बुरा हाल है। हो भी क्यूं ना जब किसी के जवान बेटे की मौत हो जाए तो ऐसा होना स्वाभाविक है। ऐसे में पीड़ित बाप को दिलासा देने की बजाए पुलिस वाले नाजायज तंग कर रहे हैं। परेशान होकर एसपी कार्यालय में पुलिसकर्मियों की शिकायत देने आए पीड़ित पिता लीलू निवासी गांव मारौत का कहना था कि साहब! पड़ोसियां नै मेरा छौरा भी मार दिया, इब पुलिस आले भी म्हारे गैल्यां मार-पिटाई करै सै।
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पुलिस आला नै जीना मुश्किल कर राख्या सै। यह कहते हुए पीड़ित पिता की आंखों में आंसू आ जाते हैं। पीड़ित लीलू का कहना है कि 16 जून को उसका बेटा सुनील गांव में आयोजित हुए जागरण से लौटकर आ रहा था। तभी पड़ोस में ही रहने वाले कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट की। उसकी इतनी पिटाई करी कि इलाज के दौरान उसने पीजीआई में दम तोड़ दिया। इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस में दर्ज करवाई, लेकिन पुलिस आरोपियों को पकड़ने की बजाए। उन्हें ही परेशान कर रही है और मारपिटाई भी कर रही है। पुलिस वालों की गुंडागर्दी के चलते उनका जीना मुश्किल हो गया है।
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उन्होंने पुलिस पर झूठे बयानों पर हस्ताक्षर करवाने का भी आरोप लगाया है। पीड़ित ने एसपी से पूरे मामले की जांच कर आरोपियों को पकड़ने की गुहार लगाई है। झूठे केस बनाने की भी कह रहे हैं बात। उन्होंने बताया कि पुलिस इस कदर उन्हें परेशान कर रही है। अब उनके घर के छोटे बच्चों पर भी झूठे केस बनाने की बात कह रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस उनके नौ वर्षीय बालक अनीश पर भी चोरी का झूठा इल्जाम लगाकर फंसाने की बात कह रही है, जिससे परेशान होकर उन्हें एसपी साहब के पास आना पड़ा है।
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