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नागरिक अस्पताल में इलाज के दौरान बच्ची की मौत, लाइट बंद कर खिसके डॉक्टर, परिजनों का हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर
Updated Sun, 11 Sep 2016 12:19 AM IST
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नवजात
- फोटो : amar ujala
डॉक्टर तो भगवान का दूसरा रूप होते हैं, लेकिन ये डॉक्टर तो भगवान नहीं शैतान निकले, जिन्होंने मेरी मासूम बच्ची को मार दिया। यह कहते-कहते मृतक बच्ची की मां अचानक बेसुध हो गई। मां का रो-रोकर बुरा हाल है और अपनी इकलौती बेटी के खो जाने का गम बाप के चेहरे पर भी साफ दिखाई दे रहा था। परिजन बार-बार आरोपी डॉक्टरों पर कार्रवाई कर न्याय की मांग कर रहे हैं। शनिवार देर शाम इलाज के दौरान एक मासूम बच्ची की मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। मामला बढ़ता देख ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने पूरे अस्पताल परिसर की बिजली सप्लाई बंद करवा दी और अंधेरे का फायदा उठाते हुए भाग निकला। अस्पताल में हंगामे की सूचना मिलने पर भारी संख्या में पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। परिजनों द्वारा पुलिस को लिखित शिकायत दी गई है। पुलिस द्वारा इस संबंध में आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
यह है मामला
शनिवार दोपहर करीब 11 बजे गांव हसनपुर निवासी 13 वर्षीय संजना पुत्री हरिओम, जोकि मलेरिया बुखार से ग्रस्त थी, को नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए दाखिल किया गया। मृतक बच्ची के चाचा अजय के अनुसार डॉक्टर ने प्रारंभिक तौर पर ग्लूकोज लगाई, लेकिन उसके बाद बच्ची की कोई सुध नहीं ली गई। बच्ची की हालत बिगड़ती गई और डॉक्टर और वहां तैनात नर्स मोबाइल में व्यस्त रहे। बार-बार कहने के बावजूद उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया, जिसके चलते उनकी बच्ची की मौत हो गई।
मौके पर पहुंची पुलिस
अपनी मासूम बच्ची की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा सातवें आसमान पर था। परिजनों ने डॉक्टर और नर्सों के प्रति रोष जाहिर करते हुए हंगामा कर दिया और आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। परिजनों का गुस्सा देख डॉक्टर ने अस्पताल परिसर की लाइट बंद करवा दी और अंधेरे का फायदा उठाते हुए भाग गए। इस बात को लेकर परिजन और भड़क गए। आनन-फानन में सूचना पुलिस को दी गई, सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। काफी मान-मनोव्वल के बाद परिजनों को शांत किया और लिखित शिकायत लेकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
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कुछ दिन पहले भी हुई थी घटना
कुछ रोज पूर्व भी डॉक्टर की लापरवाही के चलते एक नवजात शिशु की मौत हो गई थी, जिसके चलते भी परिजनों ने हंगामा किया था और एसएमओ कार्यालय पर ताला भी जड़ा था, लेकिन वह मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि एक दूसरा मामला सामने आया, जोकि अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाते हैं।
यह बोले लोग
अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों का कहना था कि अस्पताल में अक्सर ऐसे मामले होते रहते हैं। लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों के खिलाफ अगर उचित कार्रवाई हो तो ऐसे मामलों पर रोक लग सकती है, लेकिन कोई कार्रवाई न होने के चलते डॉक्टर अपनी ड्यूटी ईमानदारी से करने में गुरेज कर रहे हैं। वहीं जब एसएमओ एनके गर्ग से मोबाइल पर बातचीत का प्रयास किया तो उन्होंने फोन अटेंड नहीं किया।
मामले की सूचना उन्हें मिली है, परिजनों द्वारा लिखित में शिकायत दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पूरे मामले में नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
युद्धवीर सिंह, कार्यवाहक सिटी चौकी इंचार्ज झज्जर
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यह है मामला
शनिवार दोपहर करीब 11 बजे गांव हसनपुर निवासी 13 वर्षीय संजना पुत्री हरिओम, जोकि मलेरिया बुखार से ग्रस्त थी, को नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए दाखिल किया गया। मृतक बच्ची के चाचा अजय के अनुसार डॉक्टर ने प्रारंभिक तौर पर ग्लूकोज लगाई, लेकिन उसके बाद बच्ची की कोई सुध नहीं ली गई। बच्ची की हालत बिगड़ती गई और डॉक्टर और वहां तैनात नर्स मोबाइल में व्यस्त रहे। बार-बार कहने के बावजूद उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया, जिसके चलते उनकी बच्ची की मौत हो गई।
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मौके पर पहुंची पुलिस
अपनी मासूम बच्ची की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा सातवें आसमान पर था। परिजनों ने डॉक्टर और नर्सों के प्रति रोष जाहिर करते हुए हंगामा कर दिया और आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। परिजनों का गुस्सा देख डॉक्टर ने अस्पताल परिसर की लाइट बंद करवा दी और अंधेरे का फायदा उठाते हुए भाग गए। इस बात को लेकर परिजन और भड़क गए। आनन-फानन में सूचना पुलिस को दी गई, सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। काफी मान-मनोव्वल के बाद परिजनों को शांत किया और लिखित शिकायत लेकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
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कुछ दिन पहले भी हुई थी घटना
कुछ रोज पूर्व भी डॉक्टर की लापरवाही के चलते एक नवजात शिशु की मौत हो गई थी, जिसके चलते भी परिजनों ने हंगामा किया था और एसएमओ कार्यालय पर ताला भी जड़ा था, लेकिन वह मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि एक दूसरा मामला सामने आया, जोकि अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाते हैं।
यह बोले लोग
अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों का कहना था कि अस्पताल में अक्सर ऐसे मामले होते रहते हैं। लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों के खिलाफ अगर उचित कार्रवाई हो तो ऐसे मामलों पर रोक लग सकती है, लेकिन कोई कार्रवाई न होने के चलते डॉक्टर अपनी ड्यूटी ईमानदारी से करने में गुरेज कर रहे हैं। वहीं जब एसएमओ एनके गर्ग से मोबाइल पर बातचीत का प्रयास किया तो उन्होंने फोन अटेंड नहीं किया।
मामले की सूचना उन्हें मिली है, परिजनों द्वारा लिखित में शिकायत दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पूरे मामले में नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
युद्धवीर सिंह, कार्यवाहक सिटी चौकी इंचार्ज झज्जर