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कार्यवाही के आश्वासन पर माना पिता, अस्पताल से ले गया शव
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर
Updated Mon, 12 Sep 2016 01:20 AM IST
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लापरवाही का आरोप
- फोटो : bureau
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नागरिक अस्पताल में शनिवार की शाम बुखार से पीड़ित एक 13 वर्षीय बच्ची की मौत के मामले को लेकर रविवार को पीड़ित परिजनों ने अस्पताल में जमकर बवाल काटा। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ कर घंटों धरना भी दिया। मृतक के परिजन अपनी बच्ची की मौत के लिए अस्पताल के एक चिकित्सक व एक महिला नर्स को दोषी ठहरा रहे थे। बाद में परिजनों ने झज्जर सिटी पुलिस चौकी के कार्यवाही इंचार्ज को भी आरोपियों का साथ देने का आरोप लगाते हुए उस पर कार्यवाही की मांग की। परिजनों ने कहा कि जब तक मामले के सभी आरोपियों पर केस कर उनकी गिरफ्तारी नहीं होती तब तक वह अपनी बच्ची के शव को अस्पताल से नहीं ले जाएंगे।
हंगामा और मामले को बढ़ता देख मौके पर डीएसपी राजीव, एसएमओ एनके गर्ग, डीडीपीओ विशाल कुमार, नायब तहसीलदार जगदीश पहुंचे और पुलिस बल के साथ स्थिति को नियंत्रण में करते हुए पीड़ितों को मामले की जांच का आश्वासन दिया। लेकिन बच्ची के पिता हरिओम इस बात पर अड़े रहे कि जब तक सभी आरोपियों पर केस कर उन्हें गिरफ्तार नहीं कि या जाता तब तक वह यहीं रहेंगे। लेकिन बाद में परिवार के ही अन्य लोगों के समझाने पर हरिओम मृतका संजना के शव को ले जाने को राजी हो गए। उसके बाद ही अस्पताल प्रबंधन व पुलिस ने राहत की सांस ली।
गौरतलब है कि झज्जर-कोसली मार्ग पर स्थित गांव हसनुपर की 13 वर्षीय संजना को उसके परिजनों ने तीन दिन पूर्व सामान्य अस्पताल में बुखार से पीड़ित होने के चलते भर्ती कराया था। चिकित्सकों द्वारा उसका उपचार किया जा रहा था। परिजनों ने बताया कि बीती देर शाम संजना की हालत अचानक खराब हो गई। आरोप है कि उसी समय परिजनों ने वहां ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक व नर्स से संजना को तुरंत उपचार मुहैया कराने के लिए जब संपर्क किया तो दोनों ने ही इस मामले में लापरवाही बरतते हुए संजना को उपचार मुहैया नहीं कराया। समय पर उपचार न मिलने के चलते संजना ने उसी समय ही दम तोड़ दिया। संजना की मौत से गुस्साएं परिजनों ने बीती देर शाम ही इस मामले में अपना रोष जताना शुरू कर दिया था। संजना के परिजनों की माने तो उन्होंने उसी समय वहां अस्पताल में आए झज्जर सिटी पुलिस चौकी के कार्यवाहक इंचार्ज को आरोपियों की शिकायत भी दे दी थी। लेकिन चौकी इंचार्ज ने बजाय इस मामले में जांच करने व आरोपियों को गिरफ्तार करने के उलटा आरोपियों को मेडिकल की लाइट बंद कराकर वहां से भगा दिया। परिजनों ने आरोपी नर्स के पति व एक अन्य पर भी उनके साथ दुर्व्यवहार करने व धमकी देने का आरोप लगाया है।
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मौके पर पहुंचे डीएसपी राजीव का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत दर्ज कर ली गई है। बच्ची के शव का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से करवा कर शव को परिजनों को सौंप दिया गया है। पोस्टमार्टम की विडियोग्राफी भी करवाई गई है। फिलहाल परिजनों की शिकायत के आधार पर केस कर लिया गया है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डीएसपी राजीव
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हंगामा और मामले को बढ़ता देख मौके पर डीएसपी राजीव, एसएमओ एनके गर्ग, डीडीपीओ विशाल कुमार, नायब तहसीलदार जगदीश पहुंचे और पुलिस बल के साथ स्थिति को नियंत्रण में करते हुए पीड़ितों को मामले की जांच का आश्वासन दिया। लेकिन बच्ची के पिता हरिओम इस बात पर अड़े रहे कि जब तक सभी आरोपियों पर केस कर उन्हें गिरफ्तार नहीं कि या जाता तब तक वह यहीं रहेंगे। लेकिन बाद में परिवार के ही अन्य लोगों के समझाने पर हरिओम मृतका संजना के शव को ले जाने को राजी हो गए। उसके बाद ही अस्पताल प्रबंधन व पुलिस ने राहत की सांस ली।
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गौरतलब है कि झज्जर-कोसली मार्ग पर स्थित गांव हसनुपर की 13 वर्षीय संजना को उसके परिजनों ने तीन दिन पूर्व सामान्य अस्पताल में बुखार से पीड़ित होने के चलते भर्ती कराया था। चिकित्सकों द्वारा उसका उपचार किया जा रहा था। परिजनों ने बताया कि बीती देर शाम संजना की हालत अचानक खराब हो गई। आरोप है कि उसी समय परिजनों ने वहां ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक व नर्स से संजना को तुरंत उपचार मुहैया कराने के लिए जब संपर्क किया तो दोनों ने ही इस मामले में लापरवाही बरतते हुए संजना को उपचार मुहैया नहीं कराया। समय पर उपचार न मिलने के चलते संजना ने उसी समय ही दम तोड़ दिया। संजना की मौत से गुस्साएं परिजनों ने बीती देर शाम ही इस मामले में अपना रोष जताना शुरू कर दिया था। संजना के परिजनों की माने तो उन्होंने उसी समय वहां अस्पताल में आए झज्जर सिटी पुलिस चौकी के कार्यवाहक इंचार्ज को आरोपियों की शिकायत भी दे दी थी। लेकिन चौकी इंचार्ज ने बजाय इस मामले में जांच करने व आरोपियों को गिरफ्तार करने के उलटा आरोपियों को मेडिकल की लाइट बंद कराकर वहां से भगा दिया। परिजनों ने आरोपी नर्स के पति व एक अन्य पर भी उनके साथ दुर्व्यवहार करने व धमकी देने का आरोप लगाया है।
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मौके पर पहुंचे डीएसपी राजीव का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत दर्ज कर ली गई है। बच्ची के शव का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से करवा कर शव को परिजनों को सौंप दिया गया है। पोस्टमार्टम की विडियोग्राफी भी करवाई गई है। फिलहाल परिजनों की शिकायत के आधार पर केस कर लिया गया है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डीएसपी राजीव