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फर्जी रजिस्ट्री करते पकड़ा आपरेटर
Updated Thu, 21 Sep 2017 01:39 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बादली (झज्जर)।
तहसील में बिना तहसीलदार की अनुमति के रजिस्ट्री करने का मामला प्रकाश में आया है। इस मामले में तहसीलदार ने संज्ञान लेते हुए कर्मचारी की शिकायत जिला उपायुक्त सहित उपमंडल अधिकारी को भेज दी है। मामला 18 सितंबर का है मगर तहसीलदार को बिना अनुमति के रजिस्ट्री करने की जानकारी 19 सितंबर को लगी।
जानकारी के अनुसार 18 सितंबर को पाहसौर गांव से कुछ व्यक्ति जमीन की रिलीज डीड कराने के लिए कंप्यूटर आपरेटर के पास गए तो कंप्यूटर आपरेटर सुमित कुमार बंसल ने तहसीलदार कंवल सिंह यादव की अनुमति के बिना ही कंप्यूटर में रजिस्ट्री दर्ज करा दी। बाद में जब रजिस्ट्री 19 सितंबर को तहसीलदार के पास पहुंची तो फर्जी रजिस्ट्री का पर्दाफाश हुआ। तहसीलदार ने फर्जी रजिस्ट्री का मामले संज्ञान में आते ही कंप्यूटर आपरेटर को बुलाकर फटकार लगाई तो कंप्यूटर आपरेटर सुमित कुमार ने अपनी गलती को स्वीकार करते हुए लिखित में माफी मांगी। लेकिन मामले में तहसीलदार कवंल सिंह यादव ने कड़ा संज्ञान लेते हुए जिला उपायुक्त और उपमंडल अधिकारी को शिकायत भेज दी है।
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बादली (झज्जर)।
तहसील में बिना तहसीलदार की अनुमति के रजिस्ट्री करने का मामला प्रकाश में आया है। इस मामले में तहसीलदार ने संज्ञान लेते हुए कर्मचारी की शिकायत जिला उपायुक्त सहित उपमंडल अधिकारी को भेज दी है। मामला 18 सितंबर का है मगर तहसीलदार को बिना अनुमति के रजिस्ट्री करने की जानकारी 19 सितंबर को लगी।
जानकारी के अनुसार 18 सितंबर को पाहसौर गांव से कुछ व्यक्ति जमीन की रिलीज डीड कराने के लिए कंप्यूटर आपरेटर के पास गए तो कंप्यूटर आपरेटर सुमित कुमार बंसल ने तहसीलदार कंवल सिंह यादव की अनुमति के बिना ही कंप्यूटर में रजिस्ट्री दर्ज करा दी। बाद में जब रजिस्ट्री 19 सितंबर को तहसीलदार के पास पहुंची तो फर्जी रजिस्ट्री का पर्दाफाश हुआ। तहसीलदार ने फर्जी रजिस्ट्री का मामले संज्ञान में आते ही कंप्यूटर आपरेटर को बुलाकर फटकार लगाई तो कंप्यूटर आपरेटर सुमित कुमार ने अपनी गलती को स्वीकार करते हुए लिखित में माफी मांगी। लेकिन मामले में तहसीलदार कवंल सिंह यादव ने कड़ा संज्ञान लेते हुए जिला उपायुक्त और उपमंडल अधिकारी को शिकायत भेज दी है।
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