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13 साल से फरार मोस्टवांटेड काला काबू
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बहादुरगढ़। 13 साल से फरार चल रहे मोस्टवांटेड बदमाश मनवीर उर्फ काला को सीआईए-2 बहादुरगढ़ ने गिरफ्तार कर लिया है। अवैध हथियार के साथ पकड़े गए बदमाश ने जेल से बाहर आने के बाद दो हत्या, चोरी व जानलेवा हमला करने की वारदात को अंजाम दिया। बुधवार को अदालत में पेश करने के बाद बदमाश को जेल भेज दिया गया। पुलिस को काफी समय से मोस्टवांटेड मनवीर निवासी सुर्खपुर की तलाश थी। मंगलवार को सीआईए-2 बहादुरगढ़ को सूचना मिली कि मनवीर बादली चुंगी स्थित एक पार्क में मौजूद है। इस सूचना पर सीआईए की एक टीम ने पार्क में दबिश देकर मनवीर उर्फ काला को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 315 बोर का एक देसी पिस्तौल भी बरामद हुआ। आरोपी के खिलाफ सिटी थाना बहादुरगढ़ में शस्त्र अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।
वर्ष 2006 में हुई थी उम्रकैद
बुधवार को प्रेसवार्ता में डीएसपी अजायब सिंह ने बताया कि मनवीर ने जून 2003 में अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर दिल्ली निवासी एक युवक हरदीप का अपहरण करके गांव गिरावड़, थाना झज्जर के एरिया में हत्या कर दी थी। सात जून 2003 को केस दर्ज हुआ और 22 मार्च 2006 को अदालत द्वारा दोषी ठहराते हुए मनवीर को उम्रकैद की सजा सुना दी गई थी। डीएसपी अजायब सिंह ने बताया कि पूछताछ के दौरान मनवीर ने हत्या, जानलेवा हमला व चोरी की वारदात कुबूल की हैं। बुधवार को अदालत में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है।
पैरोल पर आने के बाद नहीं गया जेल
सजा के दौरान वह सोनीपत जेल से 30 नवंबर 2006 को तीन सप्ताह की पैरोल पर जेल से बाहर आया था। पैरोल पूरी होने के बाद उसे 22 दिसंबर 2006 को जेल में हाजिर होना था। लेकिन वह जेल में हाजिर न होकर फरार हो गया था। तब से वह लगातार पुलिस की पकड़ से फरार चल रहा था।
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फरार होने के बाद हत्या की दो वारदात को दिया था अंजाम
फरार होने के बाद मनवीर उर्फ काला ने अपने साथियों के साथ मिलकर दिसंबर 2007 में इच्छापुरी जिला गुरुग्राम के एरिया में एक युवक की गोली मारकर हत्या की। जून-2009 में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर विवेकानंद नगर बहादुरगढ़ निवासी अजय उर्फ नवीन की इच्छापुरी जिला गुरुग्राम के एरिया में गोली मारकर हत्या करने की वारदात को अंजाम दिया। दिसंबर 2011 में अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर गांव लकड़िया जिला झज्जर के सरपंच कृष्ण पर जान से मारने की नियत से फायर किया। वर्ष 2014 में मनवीर ने अपने एक साथी के साथ मिलकर चोरी की एक वारदात को अंजाम दिया था। मनवीर एक सिगरेट कंपनी के ट्रक पर बतौर चालक था। वह अपने साथी के साथ सहारनपुर से ट्रक में सिगरेट भरकर चला था। उसने ट्रक में भरे सिगरेट को बेच कर महाराष्ट्र के एरिया में ट्रक को पहाड़ी से नीचे गिराने की वारदात को अंजाम दिया था।
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वर्ष 2006 में हुई थी उम्रकैद
बुधवार को प्रेसवार्ता में डीएसपी अजायब सिंह ने बताया कि मनवीर ने जून 2003 में अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर दिल्ली निवासी एक युवक हरदीप का अपहरण करके गांव गिरावड़, थाना झज्जर के एरिया में हत्या कर दी थी। सात जून 2003 को केस दर्ज हुआ और 22 मार्च 2006 को अदालत द्वारा दोषी ठहराते हुए मनवीर को उम्रकैद की सजा सुना दी गई थी। डीएसपी अजायब सिंह ने बताया कि पूछताछ के दौरान मनवीर ने हत्या, जानलेवा हमला व चोरी की वारदात कुबूल की हैं। बुधवार को अदालत में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है।
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पैरोल पर आने के बाद नहीं गया जेल
सजा के दौरान वह सोनीपत जेल से 30 नवंबर 2006 को तीन सप्ताह की पैरोल पर जेल से बाहर आया था। पैरोल पूरी होने के बाद उसे 22 दिसंबर 2006 को जेल में हाजिर होना था। लेकिन वह जेल में हाजिर न होकर फरार हो गया था। तब से वह लगातार पुलिस की पकड़ से फरार चल रहा था।
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फरार होने के बाद हत्या की दो वारदात को दिया था अंजाम
फरार होने के बाद मनवीर उर्फ काला ने अपने साथियों के साथ मिलकर दिसंबर 2007 में इच्छापुरी जिला गुरुग्राम के एरिया में एक युवक की गोली मारकर हत्या की। जून-2009 में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर विवेकानंद नगर बहादुरगढ़ निवासी अजय उर्फ नवीन की इच्छापुरी जिला गुरुग्राम के एरिया में गोली मारकर हत्या करने की वारदात को अंजाम दिया। दिसंबर 2011 में अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर गांव लकड़िया जिला झज्जर के सरपंच कृष्ण पर जान से मारने की नियत से फायर किया। वर्ष 2014 में मनवीर ने अपने एक साथी के साथ मिलकर चोरी की एक वारदात को अंजाम दिया था। मनवीर एक सिगरेट कंपनी के ट्रक पर बतौर चालक था। वह अपने साथी के साथ सहारनपुर से ट्रक में सिगरेट भरकर चला था। उसने ट्रक में भरे सिगरेट को बेच कर महाराष्ट्र के एरिया में ट्रक को पहाड़ी से नीचे गिराने की वारदात को अंजाम दिया था।