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पल भर में दहलीज से लौट गई खुशियां, उजड़ गई बेटी की कोख
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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर। घर में मंगल गीत गाए जा रहे थे, पूरा परिवार शादी की खुशियों में जुटा था। लेकिन बेरी कस्बे के एक परिवार की सारी खुशियां पलभर में ही रेवाड़ी के पास हुई हृदय विदारक घटना ने छीन ली। जिस घर में शुक्रवार शाम तक खुशियां बांटी जा रही थी वहां देर शाम से ही मातम पसरा पड़ा है। परिवार के अलावा आसपास के लोग, परिचित व रिश्तेदार घटना को लेकर काफी दुखी है। हर कोई परिवार को ढांढ़स बंधाने का प्रयास कर रहा है। पल भर में शादी की खुशियों में झूम रहा परिवार तिनके की तरह बिखर गया।
बेटी की उजड़ गई कोख
सड़क हादसे ने तीन बच्चों से जहां पर उनका पिता छीन लिया, वहीं चार मां-बाप से उनके तीन बच्चे भी छीन लिए। हादसे में राजेंद्र की बेटी ज्योति की तो कोख ही उजड़ गई। ज्योति के दोनों ही बच्चे प्राची व काकू हादसे का शिकार हो गए। वहीं पूनम का एक बेटा दक्ष भी काल का ग्रास बन गया। कार में राजेंद्र का दामाद भी सवार था। जोकि अभी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे है।
दामाद और नातिन का चल रहा है दिल्ली में इलाज
शुक्रवार देर रात को गंगायचा टोल पर हुए हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए राजेंद्र के दामाद संजय व नातिन अदिती का इलाज दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में चल रहा हैं। जिनकी हालत स्थिर बताई जा रही हैं। परिजनों ने दोनों को देर रात ही रेवाड़ी के ट्रामा सेंटर से रेफर करवा दिल्ली स्थित गंगाराम अस्पताल में भर्ती करवा दिया था।
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हरियाणवी में छपवाए थे शादी के कार्ड
करीब 12 साल बाद परिवार में हो रही शादी की खुशी राजेंद्र को इतनी थी कि उसने बेटे की शादी के कार्ड भी हरियाणवी में छपवाए थे। बाजार में सभी से पहचान होने के चलते राजेंद्र कार्ड भी जानकारों को खुद ही वितरित किए थे। बाजार में किसी को विश्वास ही नहीं हो रहा कि राजेंद्र अब नहीं रहा।
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झज्जर। घर में मंगल गीत गाए जा रहे थे, पूरा परिवार शादी की खुशियों में जुटा था। लेकिन बेरी कस्बे के एक परिवार की सारी खुशियां पलभर में ही रेवाड़ी के पास हुई हृदय विदारक घटना ने छीन ली। जिस घर में शुक्रवार शाम तक खुशियां बांटी जा रही थी वहां देर शाम से ही मातम पसरा पड़ा है। परिवार के अलावा आसपास के लोग, परिचित व रिश्तेदार घटना को लेकर काफी दुखी है। हर कोई परिवार को ढांढ़स बंधाने का प्रयास कर रहा है। पल भर में शादी की खुशियों में झूम रहा परिवार तिनके की तरह बिखर गया।
बेटी की उजड़ गई कोख
सड़क हादसे ने तीन बच्चों से जहां पर उनका पिता छीन लिया, वहीं चार मां-बाप से उनके तीन बच्चे भी छीन लिए। हादसे में राजेंद्र की बेटी ज्योति की तो कोख ही उजड़ गई। ज्योति के दोनों ही बच्चे प्राची व काकू हादसे का शिकार हो गए। वहीं पूनम का एक बेटा दक्ष भी काल का ग्रास बन गया। कार में राजेंद्र का दामाद भी सवार था। जोकि अभी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे है।
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दामाद और नातिन का चल रहा है दिल्ली में इलाज
शुक्रवार देर रात को गंगायचा टोल पर हुए हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए राजेंद्र के दामाद संजय व नातिन अदिती का इलाज दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में चल रहा हैं। जिनकी हालत स्थिर बताई जा रही हैं। परिजनों ने दोनों को देर रात ही रेवाड़ी के ट्रामा सेंटर से रेफर करवा दिल्ली स्थित गंगाराम अस्पताल में भर्ती करवा दिया था।
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हरियाणवी में छपवाए थे शादी के कार्ड
करीब 12 साल बाद परिवार में हो रही शादी की खुशी राजेंद्र को इतनी थी कि उसने बेटे की शादी के कार्ड भी हरियाणवी में छपवाए थे। बाजार में सभी से पहचान होने के चलते राजेंद्र कार्ड भी जानकारों को खुद ही वितरित किए थे। बाजार में किसी को विश्वास ही नहीं हो रहा कि राजेंद्र अब नहीं रहा।