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एनसीआर माइनर में गिरा मजदूर, दो घंटे बाद में मिला शव
Updated Sat, 05 May 2018 02:04 AM IST
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एनसीआर माइनर में गिरा मजदूर, दो घंटे बाद मिला शव
अमर उजाला ब्यूरो
बादली।
दरियापुर गांव के एनसीआर माइनर में शुक्रवार को नहाने गया एक श्रमिक डूब गया। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से श्रमिक की तलाश की। श्रमिक मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद का रहने वाला था। सूचना पर मौके पर बादली पुलिस चौकी प्रभारी श्रीभगवान पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाया तो दो घंटे बाद श्रमिक का शव मिला।
जानकारी के अनुसार दोपहर मोसिम पुत्र सगीर शुक्रवार की दोपहर दरियापुर गांव के एनसीआर माइनर में नहाने गया था। थोड़ी देर बाद मोसिम का पैर गहरे पानी में फिसल गया। तैरना नहीं आने से वह पानी में डूब गया। वहां से गुजर रहे अन्य प्रवासी मजदूरों ने मोसिम को पानी में डूबता हुआ देखा लेकिन किसी ने भी बचाने की हिम्मत जुटाते हुए माइनर में कूदने का प्रयास नहीं किया, क्योंकि किसी को भी तैरना नहीं आता था। श्रमिकों ने आसपास के लोगों को जानकारी दी। मामले की सूचना मिलने पर बादली पुलिस चौकी से श्रीभगवान मौके पर पहुंचे और तलाश के लिए गांव दरियापुर गांव के कुछ युवकों ने मदद की। मगर दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मोसिम का शव मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए बहादुरगढ़ के सरकारी अस्पताल में रखवा दिया है। मोसिम बादली में मजदूरी का काम करता था।
बादली पुलिस चौकी प्रभारी श्रीभगवान का कहना है कि श्रमिक के शव का शनिवार को पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि क्षेत्र से एनसीआर माइनर गुजरती है और दिन के समय आसपास के भट्ठा मजदूर माइनर में कपड़े धोने और नहाने का काम करते हैं। अधिकतर श्रमिक तैरना नहीं जानते जबकि माइनर गहरी होने के साथ साथ पानी का बहाव भी तेज रहता है।
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दो माह में हुई घटनाएं
13 मार्च से शुरू हुई घटनाओं का सिलसिला निरंतर जारी है। भट्ठा पर कार्यरत रायबरेली के अमित नामक एक श्रमिक की माइनर में नहाते समय डूबने से मौत हो गई थी। 4 अप्रैल को भी तीन युवक नहाने के इरादे से माइनर में उतरे तो डूब गए जिनमें दो को बचा लिया गया। जबकि फरुखनगर के रोहित नामक एक छात्र के शव को 24 घंटे बाद निकाला जा सके। 11 अप्रैल को माजरी गांव की 13 वर्षीय लड़की करीना डूब गई। जबकि उसी दिन तीन युवक माइनर में डूब गए जिनमें दो को बचा लिया गया। जबकि दिल्ली के मुंडका गांव एक युवक का शव मिला। अब शुक्रवार को एक बार श्रमिक पानी में बह गया है। 27 अपै्रल को भी एक पंजाब के रहने वाला पप्पू माइनर में मौत का ग्रास बन गया।
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अमर उजाला ब्यूरो
बादली।
दरियापुर गांव के एनसीआर माइनर में शुक्रवार को नहाने गया एक श्रमिक डूब गया। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से श्रमिक की तलाश की। श्रमिक मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद का रहने वाला था। सूचना पर मौके पर बादली पुलिस चौकी प्रभारी श्रीभगवान पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाया तो दो घंटे बाद श्रमिक का शव मिला।
जानकारी के अनुसार दोपहर मोसिम पुत्र सगीर शुक्रवार की दोपहर दरियापुर गांव के एनसीआर माइनर में नहाने गया था। थोड़ी देर बाद मोसिम का पैर गहरे पानी में फिसल गया। तैरना नहीं आने से वह पानी में डूब गया। वहां से गुजर रहे अन्य प्रवासी मजदूरों ने मोसिम को पानी में डूबता हुआ देखा लेकिन किसी ने भी बचाने की हिम्मत जुटाते हुए माइनर में कूदने का प्रयास नहीं किया, क्योंकि किसी को भी तैरना नहीं आता था। श्रमिकों ने आसपास के लोगों को जानकारी दी। मामले की सूचना मिलने पर बादली पुलिस चौकी से श्रीभगवान मौके पर पहुंचे और तलाश के लिए गांव दरियापुर गांव के कुछ युवकों ने मदद की। मगर दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मोसिम का शव मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए बहादुरगढ़ के सरकारी अस्पताल में रखवा दिया है। मोसिम बादली में मजदूरी का काम करता था।
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बादली पुलिस चौकी प्रभारी श्रीभगवान का कहना है कि श्रमिक के शव का शनिवार को पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि क्षेत्र से एनसीआर माइनर गुजरती है और दिन के समय आसपास के भट्ठा मजदूर माइनर में कपड़े धोने और नहाने का काम करते हैं। अधिकतर श्रमिक तैरना नहीं जानते जबकि माइनर गहरी होने के साथ साथ पानी का बहाव भी तेज रहता है।
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दो माह में हुई घटनाएं
13 मार्च से शुरू हुई घटनाओं का सिलसिला निरंतर जारी है। भट्ठा पर कार्यरत रायबरेली के अमित नामक एक श्रमिक की माइनर में नहाते समय डूबने से मौत हो गई थी। 4 अप्रैल को भी तीन युवक नहाने के इरादे से माइनर में उतरे तो डूब गए जिनमें दो को बचा लिया गया। जबकि फरुखनगर के रोहित नामक एक छात्र के शव को 24 घंटे बाद निकाला जा सके। 11 अप्रैल को माजरी गांव की 13 वर्षीय लड़की करीना डूब गई। जबकि उसी दिन तीन युवक माइनर में डूब गए जिनमें दो को बचा लिया गया। जबकि दिल्ली के मुंडका गांव एक युवक का शव मिला। अब शुक्रवार को एक बार श्रमिक पानी में बह गया है। 27 अपै्रल को भी एक पंजाब के रहने वाला पप्पू माइनर में मौत का ग्रास बन गया।
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