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लिंग जांच केस में दो और गिरफ्तार
Updated Mon, 25 Dec 2017 01:13 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
लिंग जांच करने के मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर किया है। रिमांड के बाद अदालत ने एक आरोपी को झज्जर जेल भेज दिया, जबकि दूसरे से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्दी गिरोह के मुखिया को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
खरहर का दीपक भी पकड़ा
भ्रूण लिंग जांच कराने वाले गिरोह के तमाम सदस्यों को पकड़ने के लिए पुलिस हरियाणा व दिल्ली में लगातार दबिश दे रही है। इसी कड़ी में पुलिस ने शनिवार को दिल्ली के गांव ताजपुर से मामले में शामिल रहे आरोपी बलराज को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 8000 रुपये भी बरामद किए हैं। कोर्ट में पेश करने के बाद पुलिस ने उसे एक दिन के रिमांड पर लिया। पूछताछ में उसने 15000 रुपये लेकर अस्पताल तक पहुंचाने की बात कबूली। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे जेल भेज दिया। इसके बाद पुलिस ने गांव खरहर से दीपक को गिरफ्तार किया। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
इस तरह पकड़े आरोपी
पुलिस के मुताबिक, बलराज का ताजपुर में मेडिकल स्टोर है। विकासपुरी स्थित अस्पताल के डॉक्टर योगेश का बेटा ताजपुर स्थित नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती था। उसी दौरान बलराज डाक्टर के संपर्क में आया। जबकि दीपक फिलहाल ऑटो चलाता है। पहले उसकी चाय की दुकान थी। जब सचिन गांव में लैब में काम करता था तो उसकी दीपक से जान पहचान हुई थी। इस तरह से अलग-अलग काम करने वाले ये तीनों युवक मिलकर लिंग जांच कराने का कार्य करते रहे। सचिन को तो रंगे हाथ काबू कर लिया गया था।
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जांच के घेरे में डॉक्टर
मामले में शक की सुई विकासपुरी स्थित अस्पताल के डॉक्टर योगेश के इर्द-गिर्द घूम रही है। इसलिए पुलिस लगातार उस पर नजर बनाए हुए है। रविवार को भी टीम दिल्ली गई, पर डॉक्टर वहां नहीं मिला। गौरतलब है कि डॉक्टर के खिलाफ ऐसे ही एक मामले में सोनीपत पुलिस केस दर्ज कर चुकी है। लेकिन पुख्ता सबूत ना मिलने के कारण उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पा रही।
ये है मामला
दरअसल, स्वास्थ्य विभाग को उक्त गिरोह की सूचना थी। विभाग ने उक्त गिरोह को पकड़ने की योजना बनाई। योजना में शामिल फर्जी मरीज ने गिरोह के सदस्य दीपक से संपर्क किया। 30 हजार में सौदा तय हुआ था। इसके बाद दीपक उन्हें खरखौदा छोड़ गया। वहां से उन्हें सचिन अलीपुर ले गया। जहां बलराज से पता लेकर वह उन्हें विकासपुरी स्थित अस्पताल में ले गया। दो दिन तक यह मामला चला और 18 दिसंबर को विभाग की टीम ने आरोपी सचिन को रंगे हाथ पकड़ लिया। गौरतलब है कि सचिन ने इससे पहले भी इस तरह की जांच कराने की बात कबूली की है।
उधर, एमआईई चौकी प्रभारी एसआई देवेंद्र कुमार ने कहा कि मामले में शामिल रहे तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। डॉक्टर की भूमिका भी जांच का विषय है। जल्द ही गिरोह के मुखिया को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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बहादुरगढ़।
लिंग जांच करने के मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर किया है। रिमांड के बाद अदालत ने एक आरोपी को झज्जर जेल भेज दिया, जबकि दूसरे से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्दी गिरोह के मुखिया को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
खरहर का दीपक भी पकड़ा
भ्रूण लिंग जांच कराने वाले गिरोह के तमाम सदस्यों को पकड़ने के लिए पुलिस हरियाणा व दिल्ली में लगातार दबिश दे रही है। इसी कड़ी में पुलिस ने शनिवार को दिल्ली के गांव ताजपुर से मामले में शामिल रहे आरोपी बलराज को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 8000 रुपये भी बरामद किए हैं। कोर्ट में पेश करने के बाद पुलिस ने उसे एक दिन के रिमांड पर लिया। पूछताछ में उसने 15000 रुपये लेकर अस्पताल तक पहुंचाने की बात कबूली। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे जेल भेज दिया। इसके बाद पुलिस ने गांव खरहर से दीपक को गिरफ्तार किया। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
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इस तरह पकड़े आरोपी
पुलिस के मुताबिक, बलराज का ताजपुर में मेडिकल स्टोर है। विकासपुरी स्थित अस्पताल के डॉक्टर योगेश का बेटा ताजपुर स्थित नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती था। उसी दौरान बलराज डाक्टर के संपर्क में आया। जबकि दीपक फिलहाल ऑटो चलाता है। पहले उसकी चाय की दुकान थी। जब सचिन गांव में लैब में काम करता था तो उसकी दीपक से जान पहचान हुई थी। इस तरह से अलग-अलग काम करने वाले ये तीनों युवक मिलकर लिंग जांच कराने का कार्य करते रहे। सचिन को तो रंगे हाथ काबू कर लिया गया था।
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जांच के घेरे में डॉक्टर
मामले में शक की सुई विकासपुरी स्थित अस्पताल के डॉक्टर योगेश के इर्द-गिर्द घूम रही है। इसलिए पुलिस लगातार उस पर नजर बनाए हुए है। रविवार को भी टीम दिल्ली गई, पर डॉक्टर वहां नहीं मिला। गौरतलब है कि डॉक्टर के खिलाफ ऐसे ही एक मामले में सोनीपत पुलिस केस दर्ज कर चुकी है। लेकिन पुख्ता सबूत ना मिलने के कारण उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पा रही।
ये है मामला
दरअसल, स्वास्थ्य विभाग को उक्त गिरोह की सूचना थी। विभाग ने उक्त गिरोह को पकड़ने की योजना बनाई। योजना में शामिल फर्जी मरीज ने गिरोह के सदस्य दीपक से संपर्क किया। 30 हजार में सौदा तय हुआ था। इसके बाद दीपक उन्हें खरखौदा छोड़ गया। वहां से उन्हें सचिन अलीपुर ले गया। जहां बलराज से पता लेकर वह उन्हें विकासपुरी स्थित अस्पताल में ले गया। दो दिन तक यह मामला चला और 18 दिसंबर को विभाग की टीम ने आरोपी सचिन को रंगे हाथ पकड़ लिया। गौरतलब है कि सचिन ने इससे पहले भी इस तरह की जांच कराने की बात कबूली की है।
उधर, एमआईई चौकी प्रभारी एसआई देवेंद्र कुमार ने कहा कि मामले में शामिल रहे तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। डॉक्टर की भूमिका भी जांच का विषय है। जल्द ही गिरोह के मुखिया को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।