फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   सिविल अस्पताल में खराब पड़े हैं सीसीटीवी, सुरक्षा गार्ड भी तैनात नहीं

सिविल अस्पताल में खराब पड़े हैं सीसीटीवी, सुरक्षा गार्ड भी तैनात नहीं

Wed, 09 May 2018 01:00 AM IST
Updated Wed, 09 May 2018 01:00 AM IST
विज्ञापन
सिविल अस्पताल में खराब पड़े हैं सीसीटीवी, सुरक्षा गार्ड भी तैनात नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

चरखी दादरी।
सिविल अस्पताल में संदिग्धों पर निगरानी रखने के लिए लगाए गए सीसीटीवी रख-रखाव के अभाव में इस समय वर्किंग में नहीं है। न तो इनकी रेगुलर मॉनीटरिंग की जा रही है और न ही खराब कैमरों को दुरुस्त कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग कोई कदम उठा रहा है। इस समय सिविल अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था राम-भरोसे है। स्वास्थ्य विभाग ने की ओर से अस्पताल परिसर में सुरक्षा गार्ड तक तैनात नहीं किए हैं, जबकि कुछ दिन पहले ही नर्सों के साथ छेड़छाड़ का मामला भी सामने आया था। वहीं, पुलिस प्रशासन अभी यहां चौकी खोलने की प्लानिंग तैयार कर रहा है, इसमें कुछ समय और लग सकता है। सिविल अस्पताल में करीब 15 सीसीटीवी लगे हुए हैं। इनमें से एक भी वर्किंग में नहीं हैं।
शहर के सिविल अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था के कतई प्रबंध नहीं है। अस्पताल परिसर में न तो सीसीटीवी काम कर रहे हैं और न ही यहां पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से कोई व्यवस्था अब तक की है। आए दिन अस्पताल में घटनाएं होती आ रही हैं। यहां पार्किंग की भी ठीक से व्यवस्था नहीं है। वहीं, अस्पताल परिसर की सुरक्षा को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अब तक सुरक्षागार्ड भी तैनात नहीं किए है। अस्पताल में आपराधिक प्रवृति के लोगों का ज्यादा आवागमन बना रहता है।
विज्ञापन

सिविल अस्पताल में आए दिन स्टाफ सदस्यों के साथ हाथापाई की वारदात हो रही हैं। अस्पताल में सुरक्षा प्रबंध नहीं होने से स्टाफ सदस्यों में असुरक्षा की भावना व्याप्त है। स्टाफ सदस्यों में भय का माहौल बना रहता है। पिछले सप्ताह रात के समय स्टाफ नर्सों के साथ कुछ लोगों द्वारा बदसलूकी करने का मामला सामने आया था। नर्सों को जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। इतना ही नहीं कई बार झगड़े के सिलसिले में दाखिल दोनो पक्षों के बीच भी अस्पताल में ही मारपीट हो जाती है। अस्पताल शहर के बाहरी एरिया में होने की वजह से वारदात के बाद पुलिस को यहां पहुंचने में समय लग जाता है। करीब एक साल पहले भी तत्कालीन पुलिस अधीक्षक सुनील दलाल ने अस्पताल में चौकी खोलने की प्लानिंग तैयार की थी लेकिन उस समय सिरे नहीं चढ़ पाई। अब पुलिस अधीक्षक हिमांशु गर्ग ने भी यहां चौकी खोलने के लिए नए सिरे से प्लान तैयार करने के हाल ही में निर्देश जारी किए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

ये भी हैं अस्पताल में अव्यवस्थाएं
सिविल अस्पताल में चिकित्सा सुविधाओं का टोटा तो लंबे समय से बना हुआ है लेकिन अब सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। अस्पताल में थोड़ा गंभीर मामला आने पर ही उसे पीजीआई रोहतक भेजने के सिवाय दूसरा विकल्प नहीं है। अस्पताल में बिजली व्यवस्था भी पटरी पर नहीं है। कई बार तो चिकित्सकों को मोबाइल की टार्च से उपचार करना पड़ता है। अस्पताल में बिजली आपूर्ति सीधे हॉटलाइन से कनेक्ट करने की जरूरत है। ताकि यहां 24 घंटे बिजली आपूर्ति बनी रहे।


वर्जन
अस्पताल में धीरे-धीरे सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। जिला के अनुरूप सुरक्षा एवं अन्य सुविधाओं में विस्तार करवाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग व सरकार लगातार कोशिश में है। जल्द ही सुरक्षा गार्डों की तैनाती यहां की जाएगी और सभी कैमरों को दुरुस्त करवा दिया जाएगा।
- एएस गुप्ता, सीएमओ भिवानी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed