फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   अजय की हत्या के पीछे अनिल छिप्पी गिरोह के बाद अब लारेंस गैंग पर भी पुलिस को शक

अजय की हत्या के पीछे अनिल छिप्पी गिरोह के बाद अब लारेंस गैंग पर भी पुलिस को शक

Mon, 11 Feb 2019 01:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 11 Feb 2019 01:03 AM IST
विज्ञापन
अजय की हत्या के पीछे अनिल छिप्पी गिरोह के बाद अब लारेंस गैंग पर भी पुलिस को शक
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

बहादुरगढ़। अजय उर्फ डंका की हत्या के पीछे अनिल छिप्पी गिरोह का नाम सामने आने के बाद अब लारेंस बिश्नोई गैंग पर भी पुलिस शक जता रही है। चर्चा है कि जीरकपुर एनकाउंटर में मारा गया लारेंस गिरोह का अंकित भादू बुधवार की रात अजय उर्फ डंका को मारने वाले हमलावरों में शामिल था। लिहाजा पुलिस इसी बात पर जांच आगे बढ़ा रही है। बहादुरगढ़ पुलिस छिप्पी गैंग के साथ-साथ लारेंस बिश्नोई गैंग को भी जांच के दायरे में शामिल कर बदमाशों को तलाश में लगी हुई है।
दरअसल, रोहतक जिले के कारौर गांव के अनिल छिप्पी की गांव के ही पूर्व सरपंच के साथ दुश्मनी थी। इस दुश्मनी में दोनों पक्ष से कई हत्याएं हुई। फिलहाल अनिल जेल में है और वहीं से गैंग को ऑपरेट करता है। उधर, सलमान खान को मारने की धमकी देकर देशभर में सुर्खियों में आए गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई भी फिलहाल राजस्थान जेल में है। लारेंस के जेल जाने से उसका गिरोह कमजोर हुआ तो इधर अनिल छिप्पी गिरोह भी कमजोर हो रहा था। ये दोनों गैंग एक दूसरे से जुड़ गए। हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में अपनी जड़ें मजबूत करने के लिए एक साथ काम करते हैं। बताते हैं कि अप्रैल-2018 में रोहतक में अनिल छिप्पी की एंटी पार्टी के आनंद की हत्या हुई थी। उस हत्या में लारेंस बिश्नोई गिरोह के भी बदमाशों का नाम आया था, जिनमें अंकित भादू भी शामिल था। अब हाल ही में बुधवार को बहादुरगढ़ में झज्जर रोड पर हुई अजय उर्फ डंका की हत्या में भी इन दोनों गिरोह का नाम सामने आ रहा है। चूंकि अजय उर्फ डंका पर अनिल छिप्पी के पिता की हत्या का आरोप था, इसलिए वह काफी समय से इस गैंग की रडार पर था। पुलिस तो सीसीटीवी फुटेज देखते ही भांप गई थी कि बदमाश नए नहीं बल्कि पेशेवर थेे। दोनों हाथों से गोलियां चला रहे थे। लेकिन इन पेशेवर बदमाशों को अजय उर्फ डंका के एक कार्यालय के ऊपर होने की सूचना किसने दी, ये अभी सवाल बना हुआ है।
विज्ञापन

डंका पर हुए थे 22 फायर
दरअसल, मूलत: गांव मांडोठी के निवासी अजय उर्फ डंका (43) की बुधवार की रात करीब पौने आठ बजे झज्जर रोड पर एक पार्षद कार्यालय के बाहर गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। पांच-छह बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया था। मौके पर गोलियों के 22 खोल मिले थे। आठ गोलियां अजय के शरीर से निकाली गई थी। यूं तो अजय भी नामी बदमाश रहा लेकिन कभी किसी गिरोह के साथ नहीं रहा। इस पर हत्या के 9 समेत 23 आपराधिक केस दर्ज थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

वारदात को सुलझाने के लिए कई टीमें लगी हुई हैं। वारदात के पीछे अनिल छिप्पी गिरोह का हाथ होने की पूरी-पूरी आशंका है। लेकिन सच्चाई क्या है ये तो केस सुलझ पाने के बाद ही पता चल पाएगा। जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार कर यह मामला सुलझा लिया जाएगा।
सुरेंद्र सिंह, सिटी एसएचओ, बहादुरगढ़।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed