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नवजात की मौत पर परिजनों का हंगामा, लापरवाई का आरोप
Updated Sat, 14 Oct 2017 01:47 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
पांच दिन के नवजात बच्चे की मौत हो जाने के बाद परिजनों ने चिकित्सकों पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। शुक्रवार सुबह ओपीडी खुलने से पहले ही परिजन एसएमओ कार्यालय के गेट पर धरना देकर बैठ गए। जब कर्मचारी व एसएमओ आठ बजे पहुंचे तो बच्चे के परिजनों ने उन्हें ताला नहीं खोलने दिया। हंगामे की सूचना पाकर सीएमओ रमेश धनखड़ भी एसएमओ कार्यालय पहुंच गए। सीएमओ ने परिजनों को समझाने का काफी प्रयास किया। इसी बीच सूचना पाकर सिटी चौकी पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। जब चौकी इंचार्ज राजेश और सीएमओ डॉ. रमेश धनखड़ ने उपचार में लापरवाही बरतने के मामले की जांच करवाने और उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया तो परिजनों ने गेट खोलने दिया। वहीं इसके बाद पुलिस के द्वारा शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। जिसके बाद परिजनों ने पुलिस को भी शिकायत दी है।
ये है मामला
डावला गांव निवासी योगेश ने बताया कि सात अक्तूबर को झज्जर के सामान्य अस्पताल में उसकी पत्नी मनीषा ने बेटे को जन्म दिया था। 12 अक्तूबर को दिन के समय चिकित्सकों ने उसे स्वस्थ बताते हुए डिस्चार्ज कर दिया। जिसके बाद घर पहुंचते ही शाम को उसके बेटे अमन की तबियत बिगड़ गई। जब वह बेटे को लेकर सामान्य अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे तो नर्स ने उन्हें चिकित्सक ने नहीं मिलवाया। कैबिन में बैठे डॉक्टर के पास नर्स गई और बाहर आकर बताया कि डॉक्टर ने पर्ची में लिखी दवाई की छह बूंद बच्चे को पिलाने के लिए कहा है। जिसके बाद उन्होंने वो दवाई बच्चे को पिला दी और बच्चे को वापस घर ले गए। रात के करीब 2:30 बजे बच्चे की तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर वे उसे सामान्य अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां पर चिकित्सक ने वहीं दवाई पिलाने की बात कहते हुए उन्हें भेज दिया। जिसके बाद वे बच्चे को शहर के एक निजी अस्पताल में लेकर गए। जहां पर बच्चे की हालत गंभीर बताते हुए बच्चे को रोहतक पीजीआई भेज दिया गया। रोहतक ले जाते समय बच्चे ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। जिसके बाद वे बच्चे के शव को लेकर एसएमओ कार्यालय के बाहर उनके आने के इंतजार में बैठ गए।
साढे़ 10 बजे शुरू हुई ओपीडी
ओपीडी का कामकाज शुक्रवार को पूरी तरह से प्रभावित रहा। ओपीडी स्लिप वाली विंडो के दरवाजे पर परिजनों के जमे होने के कारण कर्मचारी सीट तक नहीं पहुंच पाए। जब परिजनों ने करीब सवा दस बजे रास्ता छोड़ा तो कर्मचारियों ने सीट संभाली। जिसके बाद ओपीडी में 10:30 बजे कामकाज सुचारु हो सका। करीब ढाई घंटे तक ओपीडी का कामकाज पूरी तरह से ठप रहने के कारण मरीजों को खासी दिक्कत उठानी पड़ी।
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वर्जन
पूरे मामले की जांच होगी : सीएमओ
परिजनों ने मामले की शिकायत लिखित में दी गई है। जांच के लिए कमेटी का गठन किया जाएगा और पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी। अगर किसी डॉक्टर की लापरवाही सामने आई तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. रमेश धनखड़, सीएमओ, झज्जर।
वर्जन
डॉक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज
परिजनों के द्वारा डॉक्टर की लापरवाही से बच्चे की मौत होने की शिकायत दर्ज करवाई गई है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद जो सामने आएगा, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
- राजेश, सिटी चौकी इंचार्ज, झज्जर।
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झज्जर।
पांच दिन के नवजात बच्चे की मौत हो जाने के बाद परिजनों ने चिकित्सकों पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। शुक्रवार सुबह ओपीडी खुलने से पहले ही परिजन एसएमओ कार्यालय के गेट पर धरना देकर बैठ गए। जब कर्मचारी व एसएमओ आठ बजे पहुंचे तो बच्चे के परिजनों ने उन्हें ताला नहीं खोलने दिया। हंगामे की सूचना पाकर सीएमओ रमेश धनखड़ भी एसएमओ कार्यालय पहुंच गए। सीएमओ ने परिजनों को समझाने का काफी प्रयास किया। इसी बीच सूचना पाकर सिटी चौकी पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। जब चौकी इंचार्ज राजेश और सीएमओ डॉ. रमेश धनखड़ ने उपचार में लापरवाही बरतने के मामले की जांच करवाने और उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया तो परिजनों ने गेट खोलने दिया। वहीं इसके बाद पुलिस के द्वारा शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। जिसके बाद परिजनों ने पुलिस को भी शिकायत दी है।
ये है मामला
डावला गांव निवासी योगेश ने बताया कि सात अक्तूबर को झज्जर के सामान्य अस्पताल में उसकी पत्नी मनीषा ने बेटे को जन्म दिया था। 12 अक्तूबर को दिन के समय चिकित्सकों ने उसे स्वस्थ बताते हुए डिस्चार्ज कर दिया। जिसके बाद घर पहुंचते ही शाम को उसके बेटे अमन की तबियत बिगड़ गई। जब वह बेटे को लेकर सामान्य अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे तो नर्स ने उन्हें चिकित्सक ने नहीं मिलवाया। कैबिन में बैठे डॉक्टर के पास नर्स गई और बाहर आकर बताया कि डॉक्टर ने पर्ची में लिखी दवाई की छह बूंद बच्चे को पिलाने के लिए कहा है। जिसके बाद उन्होंने वो दवाई बच्चे को पिला दी और बच्चे को वापस घर ले गए। रात के करीब 2:30 बजे बच्चे की तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर वे उसे सामान्य अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां पर चिकित्सक ने वहीं दवाई पिलाने की बात कहते हुए उन्हें भेज दिया। जिसके बाद वे बच्चे को शहर के एक निजी अस्पताल में लेकर गए। जहां पर बच्चे की हालत गंभीर बताते हुए बच्चे को रोहतक पीजीआई भेज दिया गया। रोहतक ले जाते समय बच्चे ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। जिसके बाद वे बच्चे के शव को लेकर एसएमओ कार्यालय के बाहर उनके आने के इंतजार में बैठ गए।
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साढे़ 10 बजे शुरू हुई ओपीडी
ओपीडी का कामकाज शुक्रवार को पूरी तरह से प्रभावित रहा। ओपीडी स्लिप वाली विंडो के दरवाजे पर परिजनों के जमे होने के कारण कर्मचारी सीट तक नहीं पहुंच पाए। जब परिजनों ने करीब सवा दस बजे रास्ता छोड़ा तो कर्मचारियों ने सीट संभाली। जिसके बाद ओपीडी में 10:30 बजे कामकाज सुचारु हो सका। करीब ढाई घंटे तक ओपीडी का कामकाज पूरी तरह से ठप रहने के कारण मरीजों को खासी दिक्कत उठानी पड़ी।
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पूरे मामले की जांच होगी : सीएमओ
परिजनों ने मामले की शिकायत लिखित में दी गई है। जांच के लिए कमेटी का गठन किया जाएगा और पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी। अगर किसी डॉक्टर की लापरवाही सामने आई तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. रमेश धनखड़, सीएमओ, झज्जर।
वर्जन
डॉक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज
परिजनों के द्वारा डॉक्टर की लापरवाही से बच्चे की मौत होने की शिकायत दर्ज करवाई गई है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद जो सामने आएगा, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
- राजेश, सिटी चौकी इंचार्ज, झज्जर।