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शिविर में जो सीखा उसे जीवन में अपनाएं : एसडीएम

Fri, 13 Dec 2019 12:57 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 13 Dec 2019 12:57 AM IST
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लाइनपार स्थित वैश्य बीएड कॉलेज में आयोजित सात दिवसीय एनएसएस शिविर वीरवार को संपन्न हो गया। अंतिम दिन के कार्यक्रम की शुरुआत एसडीएम तरुण पावरिया व एमडीयू के एनएसएस को-ऑर्डिनेटर प्रोफेसर रणबीर गुलिया ने दीप प्रज्ज्वलित करके की। प्राचार्या डॉ. आशा शर्मा और प्रबंधन समिति के सदस्यों ने मुख्य अतिथि तरुण कुमार पावरिया, रणबीर गुलिया व एमआईपीआरओ दिनेश को तुलसी का पौधा भेंट कर स्वागत किया।
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डॉ. आशा शर्मा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि 6 दिसंबर से शुरू हुए सात दिवसीय एनएसएस शिविर में स्वयंसेविकाओं ने प्रत्येक दिन एक अलग विषय के साथ विकास एंक्लेव ( स्लम एरिया ) में जाकर लोगों को जागरूक किया। स्वयंसेविकाओं ने रैली, नुक्कड़ नाटक के माध्यम से अपना संदेश लोगों तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय छात्राओं के संपूर्ण व्यक्तित्व के विकास के लिए वचनबद्ध है और इसी उद्देश्य की प्राप्ति हेतु हम समय-समय पर इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन करवाते रहते हैं। एसडीएम तरुण कुमार पावरिया कहा कि पहली बार इतने बड़े स्तर पर एनएसएस कार्यक्रम के आयोजन पर बधाई देता हूं और उन्होंने स्वयंसेविकाओं से अपील की कि उन्होंने इस शिविर में जो सीखा है उसे अपने जीवन में उतारने का प्रयास करें। बहादुरगढ़ शिक्षा सभा के प्रधान श्रीनिवास गुप्ता व महाविद्यालय के प्रधान सत्यनारायण अग्रवाल ने भी शिविर की सराहना की।
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प्रोफेसर रणबीर गुलिया ने स्वयंसेविकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सामाजिक डिग्री सबसे बड़ी है। मनुष्य को संपूर्ण जीवन बुराइयों से लड़ते रहना चाहिए। एनएसएस एक ऐसी संस्था है जो नि:स्वार्थ भाव से दूसरों की सेवा करती है। हमें समाज के विकास में ही अपना विकास समझना चाहिए। वक्ताओं के संबोधन उपरांत वर्तमान में महिलाओं की दशा व समस्या पर आधारित एक नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से नारी शिक्षा, नारी व बाल शोषण पर सबका ध्यान आकर्षित कर इन समस्याओं का समाधान ढूंढने का प्रयास किया। इसके उपरांत द्वितीय वर्ष की छात्रा मीनाक्षी ने वर्तमान में बदलते परिवेश के कारण बेटियों की मानसिक सोच में आए परिवर्तन से संबंधित भावविभोर कर देने वाली हरियाणवी कविता पाठ द्वारा सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया। इसके उपरांत सामूहिक हरियाणवी नृत्य का प्रस्तुतीकरण किया गया, जिसने कैंप के समापन पर समा बांध दिया।
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