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अब शहर में सप्लाई नहीं होगा ट्यूबवेल मिक्स पानी
Updated Sun, 29 Jul 2018 12:54 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। लंबे समय के बाद शहर में बिना ट्यूबवेल मिक्स पानी की आपूर्ति जन स्वास्थ्य विभाग ने शुरू कर दी है। बारिश के चलते नहरें भरी होने से शहरवासियों का इसका फायदा मिलेगा। इस समय नहरों में करीब 800 क्यूसेक पानी चल रहा है। विभाग ने शहर के दोनों जल घरों को नहरी पानी से भरने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस समय दोनों जल घरों में तो पर्याप्त मात्रा में पानी है लेकिन तकनीकी गड़बड़ी के चलते करीब एक दर्जन गांवों के जल घरों में अब तक पानी नहीं पहुंचा है। इन जल घरों तक पानी पहुंचाने की प्लानिंग भी विभाग तैयार कर रहा है। विभाग के ट्यूबवेल मिक्स पानी की बजाय सिर्फ नहरी पानी की सप्लाई करने से शहर की करीब 75 हजार की आबादी को फायदा पहुंचेगा।
मानसून सीजन में पानी की खपत भी जून माह की अपेक्षा घट गई है। और वर्तमान समय में बारिश के चलते जिले की नहरों में भी पर्याप्त पानी है। आमतौर पर इससे पहले की नहरी टर्न में पानी भी जरूरत से कम मिल रहा था और जल घर तक पहुंचते-पहुंचते हर साल करीब 200 क्यूसेक पानी चोरी हो जाता था। इस कारण जिले के 10 गांवों के जल घर तो ऐसे हैं जिनमें पिछले दस माह से भी अधिक समय बीत जाने पर पानी नहीं पहुंचा है। कुछ के प्रोजेक्ट अधर में लटके पड़े हैं तो कुछ की लाइन में तकनीकी गड़बड़ी आड़े आ रही है।
नहरी पानी कम मात्रा में मिलने से जन स्वास्थ्य विभाग पिछले करीब दो सालों से जल घर के ट्यूबवेल का सहारा ले रहा है। नहरी टर्न के दौरान संचित किए गए पानी में ट्यूबवेल का खारा पानी मिलाकर विभाग अगली नहरी टर्न तक जैसे-तैसे काम चलाता है। अब शहर मेें जनस्वास्थ्य विभाग ट्यूबवेल के पानी की सप्लाई नहीं करेगा। शहरवासियों को नहरों का फिल्टर शुद्ध पानी अब जन स्वास्थ्य विभाग ने सप्लाई करना शुरू कर दिया है। विभाग शहर में पेयजल आपूर्ति की गुणवत्ता को लेकर भी सतर्क हो गया है। पानी की जांच करवाने के लिए सैंपलों की लैब में जांच करवाई जा रही है। बारिश के पानी के मिश्रण से पानी की गुणवत्ता में कमी आ जाती है।
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40 जोन और सात बूस्टिंग स्टेशनों से होती है शहर में सप्लाई
शहर में 40 जोन हैं तथा सात बूस्टिंग स्टेशनों के जरिए रोजाना करीब 17 घंटे पानी की सप्लाई की जा रही है। इस समय बारिश अच्छी होने व नहरी में पानी लगातार चलने की वजह से विभाग ने ट्यूबवेल के पानी की आपूर्ति नहीं करने का निर्णय लिया है। शहर में पौने 12 हजार पेयजल कनेक्शनधारक हैं जबकि करीब 25 हजार मकान हैं और आबादी करीब 75 हजार पार कर चुकी है। शहर में दो मेेन जल घर हैं जिनमें चंपापुरी के मेन जल घर की क्षमता 2450 लाख लीटर है जबकि रामनगर जल घर की क्षमता 1250 लाख लीटर है। जल घरों में इस समय आवश्यकता से अधिक पानी का स्टॉक है।
13 जुलाई को लिए सैंपल रिपोर्ट में शून्य मिली क्लोरीन की मात्रा
गत 13 जुलाई को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शहर के पेयजल के सैंपल लिए थे तो उस समय पानी में क्लोरीन की मात्रा शून्य मिलने पर विभाग की परेशानी बढ़ गई थी तथा लोगों का विभाग से विश्वास उठने लगा था। उसके बाद जनस्वास्थ्य विभाग हरकत में आया तथा पानी की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाने लगा। इसके तहत पानी में क्लोरीन की मात्रा न्यूनतम एक पीपीएम व अधिकतम दो पीपीएम निर्धारित कर दी गई और इस समय क्लोरिनयुक्त पानी ही सप्लाई किया जा रहा है।
नहरी पानी फिल्टर कर किया जाएगा सप्लाई
विभाग अब नहरी पानी को ही फिल्टर व शुद्ध कर शहर में सप्लाई करेगा। इस पानी में ट्यूबवेेल का पानी नहीं मिलाया जाएगा। नहरी पानी की कमी होने पर इसमें ट्यूबवेल का पानी मिला दिया जाता था। इससे पानी में टीडीएस की मात्रा भी लगातार बढ़ती रही है। ट्यूबवेल के पानी में खारापन भी है जो घरेलू कामकाज के लिए भी इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
अब रोजाना हो रही 17 घंटे सप्लाई
शहर में अब रोजाना 17 घंटे तक पानी की सप्लाई हो रही है। इसके लिए जल घरों की मोटरें रोजाना करीब 20 से 22 घंटे तक चलती हैं ताकि नियमित रूप से सभी बूस्टिंग स्टेशनों में साथ-साथ पानी डाला जा सके ताकि किसी भी एरिया में पानी का संकट पैदा न होने पाए। विभाग सुबह पांच बजे पानी की सप्लाई शुरू कर देता है। सभी 40 जोन में बारी-बारी से पानी की सप्लाई की जाती है।
नहरी पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। अब शहर में ट्यूबवेल का पानी सप्लाई नहीं किया जा रहा है। विभाग पानी को पूरी तरह से फिल्टर और आधुनिक तकनीक से उपचारित कर सप्लाई कर रहा है। पानी के सैंपल की भी जांच करवाई जा रही है।
-मंदीप सिंह, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
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चरखी दादरी। लंबे समय के बाद शहर में बिना ट्यूबवेल मिक्स पानी की आपूर्ति जन स्वास्थ्य विभाग ने शुरू कर दी है। बारिश के चलते नहरें भरी होने से शहरवासियों का इसका फायदा मिलेगा। इस समय नहरों में करीब 800 क्यूसेक पानी चल रहा है। विभाग ने शहर के दोनों जल घरों को नहरी पानी से भरने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस समय दोनों जल घरों में तो पर्याप्त मात्रा में पानी है लेकिन तकनीकी गड़बड़ी के चलते करीब एक दर्जन गांवों के जल घरों में अब तक पानी नहीं पहुंचा है। इन जल घरों तक पानी पहुंचाने की प्लानिंग भी विभाग तैयार कर रहा है। विभाग के ट्यूबवेल मिक्स पानी की बजाय सिर्फ नहरी पानी की सप्लाई करने से शहर की करीब 75 हजार की आबादी को फायदा पहुंचेगा।
मानसून सीजन में पानी की खपत भी जून माह की अपेक्षा घट गई है। और वर्तमान समय में बारिश के चलते जिले की नहरों में भी पर्याप्त पानी है। आमतौर पर इससे पहले की नहरी टर्न में पानी भी जरूरत से कम मिल रहा था और जल घर तक पहुंचते-पहुंचते हर साल करीब 200 क्यूसेक पानी चोरी हो जाता था। इस कारण जिले के 10 गांवों के जल घर तो ऐसे हैं जिनमें पिछले दस माह से भी अधिक समय बीत जाने पर पानी नहीं पहुंचा है। कुछ के प्रोजेक्ट अधर में लटके पड़े हैं तो कुछ की लाइन में तकनीकी गड़बड़ी आड़े आ रही है।
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नहरी पानी कम मात्रा में मिलने से जन स्वास्थ्य विभाग पिछले करीब दो सालों से जल घर के ट्यूबवेल का सहारा ले रहा है। नहरी टर्न के दौरान संचित किए गए पानी में ट्यूबवेल का खारा पानी मिलाकर विभाग अगली नहरी टर्न तक जैसे-तैसे काम चलाता है। अब शहर मेें जनस्वास्थ्य विभाग ट्यूबवेल के पानी की सप्लाई नहीं करेगा। शहरवासियों को नहरों का फिल्टर शुद्ध पानी अब जन स्वास्थ्य विभाग ने सप्लाई करना शुरू कर दिया है। विभाग शहर में पेयजल आपूर्ति की गुणवत्ता को लेकर भी सतर्क हो गया है। पानी की जांच करवाने के लिए सैंपलों की लैब में जांच करवाई जा रही है। बारिश के पानी के मिश्रण से पानी की गुणवत्ता में कमी आ जाती है।
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40 जोन और सात बूस्टिंग स्टेशनों से होती है शहर में सप्लाई
शहर में 40 जोन हैं तथा सात बूस्टिंग स्टेशनों के जरिए रोजाना करीब 17 घंटे पानी की सप्लाई की जा रही है। इस समय बारिश अच्छी होने व नहरी में पानी लगातार चलने की वजह से विभाग ने ट्यूबवेल के पानी की आपूर्ति नहीं करने का निर्णय लिया है। शहर में पौने 12 हजार पेयजल कनेक्शनधारक हैं जबकि करीब 25 हजार मकान हैं और आबादी करीब 75 हजार पार कर चुकी है। शहर में दो मेेन जल घर हैं जिनमें चंपापुरी के मेन जल घर की क्षमता 2450 लाख लीटर है जबकि रामनगर जल घर की क्षमता 1250 लाख लीटर है। जल घरों में इस समय आवश्यकता से अधिक पानी का स्टॉक है।
13 जुलाई को लिए सैंपल रिपोर्ट में शून्य मिली क्लोरीन की मात्रा
गत 13 जुलाई को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शहर के पेयजल के सैंपल लिए थे तो उस समय पानी में क्लोरीन की मात्रा शून्य मिलने पर विभाग की परेशानी बढ़ गई थी तथा लोगों का विभाग से विश्वास उठने लगा था। उसके बाद जनस्वास्थ्य विभाग हरकत में आया तथा पानी की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाने लगा। इसके तहत पानी में क्लोरीन की मात्रा न्यूनतम एक पीपीएम व अधिकतम दो पीपीएम निर्धारित कर दी गई और इस समय क्लोरिनयुक्त पानी ही सप्लाई किया जा रहा है।
नहरी पानी फिल्टर कर किया जाएगा सप्लाई
विभाग अब नहरी पानी को ही फिल्टर व शुद्ध कर शहर में सप्लाई करेगा। इस पानी में ट्यूबवेेल का पानी नहीं मिलाया जाएगा। नहरी पानी की कमी होने पर इसमें ट्यूबवेल का पानी मिला दिया जाता था। इससे पानी में टीडीएस की मात्रा भी लगातार बढ़ती रही है। ट्यूबवेल के पानी में खारापन भी है जो घरेलू कामकाज के लिए भी इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
अब रोजाना हो रही 17 घंटे सप्लाई
शहर में अब रोजाना 17 घंटे तक पानी की सप्लाई हो रही है। इसके लिए जल घरों की मोटरें रोजाना करीब 20 से 22 घंटे तक चलती हैं ताकि नियमित रूप से सभी बूस्टिंग स्टेशनों में साथ-साथ पानी डाला जा सके ताकि किसी भी एरिया में पानी का संकट पैदा न होने पाए। विभाग सुबह पांच बजे पानी की सप्लाई शुरू कर देता है। सभी 40 जोन में बारी-बारी से पानी की सप्लाई की जाती है।
नहरी पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। अब शहर में ट्यूबवेल का पानी सप्लाई नहीं किया जा रहा है। विभाग पानी को पूरी तरह से फिल्टर और आधुनिक तकनीक से उपचारित कर सप्लाई कर रहा है। पानी के सैंपल की भी जांच करवाई जा रही है।
-मंदीप सिंह, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग