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संसोधित::अनाज मंडी में धीमी चल रहा बाजरा खरीद कार्य, किसान संगठनों ने खरीद अधिकारी को दी तालाबंदी की चेतावनी
Updated Fri, 05 Oct 2018 01:18 AM IST
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चरखी दादरी। नई अनाज मंडी में बाजरा खरीद कार्य अभी तक उम्मीद के मुताबिक रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। खरीद शुरू हुए चार दिन हो चुके हैं और अब तक करीब 6861 क्विंटल बाजरा ही खरीदा गया है। इससे किसान संगठनों और किसानों में रोष है। खरीद अधिकारियों की मानें रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में किसानों द्वारा दिया गया ब्योरा मैच न होने से ज्यादा दिक्कतें आ रही हैं और मानक पूरा करने वाले किसानों का ही बाजरा खरीद जा रहा है। किसान जनहित समिति पदाधिकारी बाजरा खरीद की धीमी गति के लिए खरीद अधिकारी विकास यादव से मिले। उन्होंने व्यवस्था में सुधार न होने पर मंडी को ताला जड़ने की चेतावनी दी है। हालांकि इससे पहले उन्होंने प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। वीरवार को इस बार का सबसे अधिक करीब 3718 क्विंटल बाजरा खरीदा गया और 80 किसानों को गेट पास जारी किए गए।
बाजरा की फसल बेचने के लिए किसानों को लंबी तकनीकी प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है तब जाकर उन्हें मंडी गेट पास जारी होता है। अनाज मंडी में चौथे दिन भी बाजरा की सरकारी खरीद जारी रही। सुबह ही किसान वाहनों के जरिए बाजरा लेकर मंडी पहुंच जाते हैं। वाहनों की मंडी गेट पर लाइन लग जाती है। जब इन किसानों के दस्तावेजों व ऑनलाइन की जांच की जाती है तब खामियां उजागर होती हैं। बाद में इन त्रुटियों व एवं खामियों को दूर करने के लिए किसानों को इधर- उधर अधिकारियों, राजस्व विभाग कर्मचारियों के पास चक्कर काटने पड़ते हैं। राजस्व विभाग ही इन किसानों को ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट डाटा को अपने रिकार्ड से वैरिफाई करता है। उसके बाद ही किसान को उसकी जिंस खरीदने को टोकन जारी होता है। वीरवार को शाम तक 80 किसानों को गेट पास जारी किए गए। देर सांय तक खरीद प्रक्रिया जारी रही और करीब 3718 क्विंटल बाजरे की खरीद हो पाई। बुधवार को जहां करीब 1500 क्विंटल बाजरा खरीदा गया तो वहीं मंगलवार को यह आंकड़ा 1643 क्विंटल तक ही पहुंचा था।
किसान बोले: उरै अंधेरा होवण त पहलै नहीं मिलै गेटपास
अनाज की बिक्री करने के लिए उन्हें काफी भागदौड़ करनी पड़ रही है। सुबह जल्दी पहुंचता पड़ता है और कागज प्रक्रिया लंबी होने से गेट पास लेने में अंधेरा हो जाता है। इस कारण फसल नहीं बेच पा रहे हैं। जयप्रकाश सारंगपुर
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ऑनलाइन प्रक्रिया होने की वजह से उन्हें ज्यादा दिक्कतें आ रही हैं। किसी किसान का खेवट नंबर मैच नहीं कर रहा तो किसी का पूरा डाटा उपलब्ध नहीं है इस वजह से किसान परेशानी में हैं। धर्म सिंह, चिड़िया
कई किसानों के फार्म ही नहीं मिल पा रहे हैं। प्रशासन को खरीद कार्य में ढील देनी चाहिए ताकि किसानों का समय भी बर्बाद न होने और प्रशासन को भी आसानी हो सके। सूरत सिंह, चिड़िया
-बाजरा बिक्री के लिए उन्हें खेत के बाद अब मंडी में पसीना बहाना पड़ रहा है। खरीद की लंबी व जटिल प्रक्रिया होने की वजह से ज्यादा दिक्कत बन रही है। खरीद कार्य में तेजी लाए जाने की जरूरत है। कृष्ण, सारंगपुर
वीरवार को करीब 3718 क्विंटल बाजरा खरीदा गया है। खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है और सरकार द्वारा निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले किसानों का बाजरा ही खरीदा जा रहा है। राजेश कुमार, इंस्पेक्टर हरियाणा वेयर हाउस कॉरपोरेशन
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बाजरा की फसल बेचने के लिए किसानों को लंबी तकनीकी प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है तब जाकर उन्हें मंडी गेट पास जारी होता है। अनाज मंडी में चौथे दिन भी बाजरा की सरकारी खरीद जारी रही। सुबह ही किसान वाहनों के जरिए बाजरा लेकर मंडी पहुंच जाते हैं। वाहनों की मंडी गेट पर लाइन लग जाती है। जब इन किसानों के दस्तावेजों व ऑनलाइन की जांच की जाती है तब खामियां उजागर होती हैं। बाद में इन त्रुटियों व एवं खामियों को दूर करने के लिए किसानों को इधर- उधर अधिकारियों, राजस्व विभाग कर्मचारियों के पास चक्कर काटने पड़ते हैं। राजस्व विभाग ही इन किसानों को ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट डाटा को अपने रिकार्ड से वैरिफाई करता है। उसके बाद ही किसान को उसकी जिंस खरीदने को टोकन जारी होता है। वीरवार को शाम तक 80 किसानों को गेट पास जारी किए गए। देर सांय तक खरीद प्रक्रिया जारी रही और करीब 3718 क्विंटल बाजरे की खरीद हो पाई। बुधवार को जहां करीब 1500 क्विंटल बाजरा खरीदा गया तो वहीं मंगलवार को यह आंकड़ा 1643 क्विंटल तक ही पहुंचा था।
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किसान बोले: उरै अंधेरा होवण त पहलै नहीं मिलै गेटपास
अनाज की बिक्री करने के लिए उन्हें काफी भागदौड़ करनी पड़ रही है। सुबह जल्दी पहुंचता पड़ता है और कागज प्रक्रिया लंबी होने से गेट पास लेने में अंधेरा हो जाता है। इस कारण फसल नहीं बेच पा रहे हैं। जयप्रकाश सारंगपुर
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ऑनलाइन प्रक्रिया होने की वजह से उन्हें ज्यादा दिक्कतें आ रही हैं। किसी किसान का खेवट नंबर मैच नहीं कर रहा तो किसी का पूरा डाटा उपलब्ध नहीं है इस वजह से किसान परेशानी में हैं। धर्म सिंह, चिड़िया
कई किसानों के फार्म ही नहीं मिल पा रहे हैं। प्रशासन को खरीद कार्य में ढील देनी चाहिए ताकि किसानों का समय भी बर्बाद न होने और प्रशासन को भी आसानी हो सके। सूरत सिंह, चिड़िया
-बाजरा बिक्री के लिए उन्हें खेत के बाद अब मंडी में पसीना बहाना पड़ रहा है। खरीद की लंबी व जटिल प्रक्रिया होने की वजह से ज्यादा दिक्कत बन रही है। खरीद कार्य में तेजी लाए जाने की जरूरत है। कृष्ण, सारंगपुर
वीरवार को करीब 3718 क्विंटल बाजरा खरीदा गया है। खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है और सरकार द्वारा निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले किसानों का बाजरा ही खरीदा जा रहा है। राजेश कुमार, इंस्पेक्टर हरियाणा वेयर हाउस कॉरपोरेशन