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कार्यकर्ता सम्मलेन को तरजीह, जनता दरबार का घटाया समय
Updated Mon, 30 Oct 2017 01:42 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
विक्रम बनेटा
झज्जर।
सीएम के झज्जर में दो दिवसीय प्रवास के पहले दिन रविवार को सीएम का रुख कार्यकर्ताओं को खुश करने वाला नजर आया। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि सीएम मनोहर लाल ने कार्यकर्ताओं को पूरा समय देने के लिए अपने जनता दरबार का समय घटा दिया। जनता दरबार में सीएम के सामने 137 समस्याएं रखी जानी थी। कार्यक्रम को लंबा खींचता देख सीएम ने महज 64 शिकायत सुनने के बाद सीधे कागज लेना शुरू कर दिया। इस बीच किसी भी आम आदमी की समस्या मौखिक तौर पर नहीं सुनी गई। सीएम ने ऐसा संवाद भवन में रखे गए कार्यकर्त्ता सम्मेलन के लिए किया। इसके बाद सीएम संवाद भवन में कार्यकर्ताओं से करीब दो घंटे रूबरू हुए।
बता दें कि सीएम दरबार करीब साढ़े तीन बजे शुरू हुआ था, जोकि करीब साढ़े पांच बजे तक चला। इसके बाद सीएम करीब सवा छह बजे कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे। यदि सीएम सीधे शिकायतें न लेते तो देर रात तक 137 शिकायतों की सुनवाई होती।
कुछ इस प्रकार रही समस्याएं, ये मिले समाधान
पुलिस से उठा भरोसा, क्राइम ब्रांच करेगी ब्रह्मानंद मर्डर की जांच
सिलाना गांव में हुए पंडित ब्रह्मानंद मर्डर केस की जांच में परिजनों का भरोसा अब पुलिस जांच से उठ गया है। करीब छह माह तक पुलिस द्वारा हत्या का खुुलासा करने में नाकाम रहने पर सीएम ने केस पुलिस से क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया। सीएम ने परिजनों से पूछा था कि क्या पुलिस जांच से आपको विश्वास नहीं, इस पर परिजनों ने मना कर दिया था।
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यो रोज आरटीआई लगावै सै
बहादुरगढ़ से अपनी समस्या लेकर आए राहुल मंडौरा जब सीएम के सामने अपनी बात रखने लगे तो विधायक नरेश कौशिक ने कहा कि यो रोज आरटीआई लगावै सै जी, और कोई काम कोनी इसने। इस पर सीएम ने पूछा क्या करते हो तो उसने बताया कि आरटीआई कार्यकर्त्ता हूं। जिस पर सीएम ने कहा कोई काम भी कर लिया करो। इसके बाद सीएम ने एसपी से मुखातिब होते हुए कहा कि पहले इसकी ही जांच करो।
इस्लामगढ़ बनेगा अब छुछकवास
छुछकवास के ग्रामीणों ने सीएम के आगे समस्या रखते हुए कहा कि कागजों में उनके गांव का नाम इस्लामगढ़ है। जबकि वे खुद छुछकवास ही बोलते हैं। जिस पर सीएम ने जवाब दिया कि वे तो काफी गांवों का नाम बदल चुके, इसका भी बदल देंगे। सीएम ने गांव के सरपंच को प्रस्ताव बनाकर भेजने की बात कही, जिसके बाद इसे छुछकवास कर दिया जाएगा।
भतीजा गोद लिया तो नहीं मिली नौकरी
जाट आरक्षण आंदोलन में मारे गए ब्राह्मण समुदाय के एक युवक के परिजनों ने सीएम को बताया कि सभी को सरकारी नौकरी मिली है लेकिन उन्हें नहीं मिली। जिस पर सीएम को अधिकारियों ने बताया कि उक्त व्यक्ति ने बेटे की मौत के बाद अपने भतीजे को गोद ले लिया। भतीजे की नौकरी लगवाना चाहता है तो केस हेल्थ यूनिवर्सिटी ने रद्द कर दिया। अब मृतक की पत्नी का केस तैयार कर भेजा जाएगा।
जेई से करवाओ रिकवरी
न्यू लक्ष्मी फ्लोर स्टोर की राजेश देवी ने समस्या रखते हुए बताया कि उसकी दुकान से नपा ने 2013 में गली निर्माण के लिए रेती-रोड़ी व टाइलों की खरीददारी की थी। लेकिन पेमेंट आज तक नहीं की गई। जिस पर सीएम ने पूछा तो सचिव ने बताया कि कहीं भी वर्क आर्डर में ये दर्ज नहीं है। शिकायतकर्त्ता ने कहा कि नपा की एमबी में ये जेई ने दर्ज किया था। जिस पर सीएम ने कहा उस जेई से ही इस पैसे की रिकवरी कर शिकायतकर्त्ता को दी जाए।
साइन नहीं करूंगा, चाहे तेरा ट्रांसफर न हो
एक महिला सीएम के सामने अपनी समस्या के साथ अपनी ट्रांसफर अर्जी लेकर पहुंची। पहले तो सीएम ने पॉलिसी का हवाला दिया लेकिन बाद में उसने बताया कि वह क्लर्क है तो उसके लिए कोई पॉलिसी नहीं है। फिर सीएम ने अर्जी लेेते हुए कहा कि हो जाएगा ट्रांसफर। जिस पर उक्त महिला ने एक कागज पर सीएम से साइन करने को कहा तो सीएम ने कहा कि चाहे तेरा ट्रांसफर न हो लेकिन साइन कतई नहीं करूंगा।
पत्रकार पर किया गया झूठा केस दर्ज
बहादुरगढ़ के पार्षद गुरुदेव राठी ने शिकायत सौंपते हुए बताया कि परनाला गांव के सार्वजनिक शौचालय तोड़ने के मामले में नप बहादुरगढ़ के द्वारा पत्रकार रविंद्र राठी के खिलाफ झूठी शिकायत देते हुए मामला दर्ज करवा दिया गया। पत्रकार रविंद्र राठी ने पूरे मामले को उजागर किया तो खुंदक में उसके साथ ऐसा कर दिया गया। जिस पर सीएम ने एसपी को निर्देश दिए कि पूरे मामले की सही जांच करवाएं।
- जनता दरबार में सुननी थी 137 शिकायतें, 64 की सुनवाई के बाद सीएम ने बगैर बातचीत किए सीधे कागज लिए
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झज्जर।
सीएम के झज्जर में दो दिवसीय प्रवास के पहले दिन रविवार को सीएम का रुख कार्यकर्ताओं को खुश करने वाला नजर आया। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि सीएम मनोहर लाल ने कार्यकर्ताओं को पूरा समय देने के लिए अपने जनता दरबार का समय घटा दिया। जनता दरबार में सीएम के सामने 137 समस्याएं रखी जानी थी। कार्यक्रम को लंबा खींचता देख सीएम ने महज 64 शिकायत सुनने के बाद सीधे कागज लेना शुरू कर दिया। इस बीच किसी भी आम आदमी की समस्या मौखिक तौर पर नहीं सुनी गई। सीएम ने ऐसा संवाद भवन में रखे गए कार्यकर्त्ता सम्मेलन के लिए किया। इसके बाद सीएम संवाद भवन में कार्यकर्ताओं से करीब दो घंटे रूबरू हुए।
बता दें कि सीएम दरबार करीब साढ़े तीन बजे शुरू हुआ था, जोकि करीब साढ़े पांच बजे तक चला। इसके बाद सीएम करीब सवा छह बजे कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे। यदि सीएम सीधे शिकायतें न लेते तो देर रात तक 137 शिकायतों की सुनवाई होती।
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कुछ इस प्रकार रही समस्याएं, ये मिले समाधान
पुलिस से उठा भरोसा, क्राइम ब्रांच करेगी ब्रह्मानंद मर्डर की जांच
सिलाना गांव में हुए पंडित ब्रह्मानंद मर्डर केस की जांच में परिजनों का भरोसा अब पुलिस जांच से उठ गया है। करीब छह माह तक पुलिस द्वारा हत्या का खुुलासा करने में नाकाम रहने पर सीएम ने केस पुलिस से क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया। सीएम ने परिजनों से पूछा था कि क्या पुलिस जांच से आपको विश्वास नहीं, इस पर परिजनों ने मना कर दिया था।
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यो रोज आरटीआई लगावै सै
बहादुरगढ़ से अपनी समस्या लेकर आए राहुल मंडौरा जब सीएम के सामने अपनी बात रखने लगे तो विधायक नरेश कौशिक ने कहा कि यो रोज आरटीआई लगावै सै जी, और कोई काम कोनी इसने। इस पर सीएम ने पूछा क्या करते हो तो उसने बताया कि आरटीआई कार्यकर्त्ता हूं। जिस पर सीएम ने कहा कोई काम भी कर लिया करो। इसके बाद सीएम ने एसपी से मुखातिब होते हुए कहा कि पहले इसकी ही जांच करो।
इस्लामगढ़ बनेगा अब छुछकवास
छुछकवास के ग्रामीणों ने सीएम के आगे समस्या रखते हुए कहा कि कागजों में उनके गांव का नाम इस्लामगढ़ है। जबकि वे खुद छुछकवास ही बोलते हैं। जिस पर सीएम ने जवाब दिया कि वे तो काफी गांवों का नाम बदल चुके, इसका भी बदल देंगे। सीएम ने गांव के सरपंच को प्रस्ताव बनाकर भेजने की बात कही, जिसके बाद इसे छुछकवास कर दिया जाएगा।
भतीजा गोद लिया तो नहीं मिली नौकरी
जाट आरक्षण आंदोलन में मारे गए ब्राह्मण समुदाय के एक युवक के परिजनों ने सीएम को बताया कि सभी को सरकारी नौकरी मिली है लेकिन उन्हें नहीं मिली। जिस पर सीएम को अधिकारियों ने बताया कि उक्त व्यक्ति ने बेटे की मौत के बाद अपने भतीजे को गोद ले लिया। भतीजे की नौकरी लगवाना चाहता है तो केस हेल्थ यूनिवर्सिटी ने रद्द कर दिया। अब मृतक की पत्नी का केस तैयार कर भेजा जाएगा।
जेई से करवाओ रिकवरी
न्यू लक्ष्मी फ्लोर स्टोर की राजेश देवी ने समस्या रखते हुए बताया कि उसकी दुकान से नपा ने 2013 में गली निर्माण के लिए रेती-रोड़ी व टाइलों की खरीददारी की थी। लेकिन पेमेंट आज तक नहीं की गई। जिस पर सीएम ने पूछा तो सचिव ने बताया कि कहीं भी वर्क आर्डर में ये दर्ज नहीं है। शिकायतकर्त्ता ने कहा कि नपा की एमबी में ये जेई ने दर्ज किया था। जिस पर सीएम ने कहा उस जेई से ही इस पैसे की रिकवरी कर शिकायतकर्त्ता को दी जाए।
साइन नहीं करूंगा, चाहे तेरा ट्रांसफर न हो
एक महिला सीएम के सामने अपनी समस्या के साथ अपनी ट्रांसफर अर्जी लेकर पहुंची। पहले तो सीएम ने पॉलिसी का हवाला दिया लेकिन बाद में उसने बताया कि वह क्लर्क है तो उसके लिए कोई पॉलिसी नहीं है। फिर सीएम ने अर्जी लेेते हुए कहा कि हो जाएगा ट्रांसफर। जिस पर उक्त महिला ने एक कागज पर सीएम से साइन करने को कहा तो सीएम ने कहा कि चाहे तेरा ट्रांसफर न हो लेकिन साइन कतई नहीं करूंगा।
पत्रकार पर किया गया झूठा केस दर्ज
बहादुरगढ़ के पार्षद गुरुदेव राठी ने शिकायत सौंपते हुए बताया कि परनाला गांव के सार्वजनिक शौचालय तोड़ने के मामले में नप बहादुरगढ़ के द्वारा पत्रकार रविंद्र राठी के खिलाफ झूठी शिकायत देते हुए मामला दर्ज करवा दिया गया। पत्रकार रविंद्र राठी ने पूरे मामले को उजागर किया तो खुंदक में उसके साथ ऐसा कर दिया गया। जिस पर सीएम ने एसपी को निर्देश दिए कि पूरे मामले की सही जांच करवाएं।
- जनता दरबार में सुननी थी 137 शिकायतें, 64 की सुनवाई के बाद सीएम ने बगैर बातचीत किए सीधे कागज लिए