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हैकिंग रोकने के लिए हर एप्लीकेशन का अलग से लगाएं पासवर्ड
Updated Thu, 20 Sep 2018 12:53 AM IST
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चरखी दादरी। हम अपने मकान पर ताला लगाकर सुरक्षा करना तो जानते हैं, लेकिन दिन-रात मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड या लैपटॉप साथ रखने के बावजूद उसका डाटा सुरक्षित रखने का ध्यान कतई नहीं है। चाहे हम सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हो या कहीं भी ऑनलाइन हों हम पर कहीं न कहीं से निगाह अवश्य रखी जा रही है। लघु सचिवालय के सभागार में बुधवार को आयोजित कार्यशाला में राष्ट्रीय इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान के संयुक्त निदेशक अमित जैन ने यह बात आईटी कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कही।
नगराधीश मनीष कुमार फौगाट ने कार्यशाला का शुभारंभ किया। कार्यशाला में सुशासन सहयोगी बीपिन दुबे और जिला सूचना विज्ञान अधिकारी अमित लांबा आदि भी शामिल थे। डिजिटल पेमेंट व इंफोरमेशन सिक्योरिटी पर आधारित इस वर्कशॉप में आईटी कर्मचारियों को संबोधित करते अमिन जैन ने कहा कि आज तक चोरों को रोकने के लिए कोई ताला नहीं बना है। एटीएम पर लॉक लगा है तो चोर पूरी मशीन को ही उखाड़ ले जाते हैं। इसी तरह साइबर क्राइम करने वाले हमारे ऑनलाइन बैंकिंग लेन-देन, एटीएम पिन नंबर, हमारी लोकेशन, हमारे पासवर्ड, कंप्यूटर आदि को हैक करने की फिराक में रहते हैं। इनसे बचने के लिए हमारा सतर्क होना जरूरी है। अमित जैन ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान दुनिया में साबर क्राइम की बड़ी बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम को हैक कराना, फेसबुक का डाटा लीक होना, एक बैंक के तीन लाख 20 हजार उपभोक्ताओं के खाते जाम हो जाना आदि शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हम एक डिजिटल संसार में रह रहे हैं। इसमें प्रत्येक गैजेट का डाटा सुरक्षित होना जरूरी है। इसके लिए हर एक एप्लीकेशन पर पासवर्ड लगाया जाना जरूरी है। अमित जैन ने बताया कि अब वायरस से भी बढ़कर रूटकिट की स्ट्रोक जैसे खतरनाक साइबर हमले होने लगे हैं। उन्होंने कहा कि हमे एंटी वायरस का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। इस मौके पर वासुदेव आनंद, विपिन शर्मा, देवेश आदि मौजूद रहे।
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नगराधीश मनीष कुमार फौगाट ने कार्यशाला का शुभारंभ किया। कार्यशाला में सुशासन सहयोगी बीपिन दुबे और जिला सूचना विज्ञान अधिकारी अमित लांबा आदि भी शामिल थे। डिजिटल पेमेंट व इंफोरमेशन सिक्योरिटी पर आधारित इस वर्कशॉप में आईटी कर्मचारियों को संबोधित करते अमिन जैन ने कहा कि आज तक चोरों को रोकने के लिए कोई ताला नहीं बना है। एटीएम पर लॉक लगा है तो चोर पूरी मशीन को ही उखाड़ ले जाते हैं। इसी तरह साइबर क्राइम करने वाले हमारे ऑनलाइन बैंकिंग लेन-देन, एटीएम पिन नंबर, हमारी लोकेशन, हमारे पासवर्ड, कंप्यूटर आदि को हैक करने की फिराक में रहते हैं। इनसे बचने के लिए हमारा सतर्क होना जरूरी है। अमित जैन ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान दुनिया में साबर क्राइम की बड़ी बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम को हैक कराना, फेसबुक का डाटा लीक होना, एक बैंक के तीन लाख 20 हजार उपभोक्ताओं के खाते जाम हो जाना आदि शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हम एक डिजिटल संसार में रह रहे हैं। इसमें प्रत्येक गैजेट का डाटा सुरक्षित होना जरूरी है। इसके लिए हर एक एप्लीकेशन पर पासवर्ड लगाया जाना जरूरी है। अमित जैन ने बताया कि अब वायरस से भी बढ़कर रूटकिट की स्ट्रोक जैसे खतरनाक साइबर हमले होने लगे हैं। उन्होंने कहा कि हमे एंटी वायरस का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। इस मौके पर वासुदेव आनंद, विपिन शर्मा, देवेश आदि मौजूद रहे।
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