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ई- पंचायत प्रणाली के विरोध में खड़े हुए ग्राम सचिव व सरपंच
Updated Wed, 21 Mar 2018 01:39 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
गांव में होने वाले विकास कार्यों को ग्राम पंचायत की मार्फत पारदर्शिता लाने के संदर्भ में हरियाणा सरकार द्वारा लागू की जा रही ई-पंचायत प्रणाली के विरोध में अब ग्राम सरपंच व ग्राम सचिव लामबंद होने लगे हैं। मंगलवार को सरकार के इस फैसले पर विरोध जताते हुए संबंधित विभाग के ग्राम सचिवों ने कामकाज ठप रखा। बादली व झज्जर में ग्राम सचिव व कई गांवों के ग्राम सरपंच एकत्रित हुए और सरकार के इस फैसले पर नाराजगी जाहिर करते हुए विरोध करने का फैसला लिया गया। बैठक में सभी ग्राम सचिवों व ग्राम सरपंचों ने सरकार के इस फैसले के विरोध में खड़ा होतेे हुए यह भी निर्णय लिया कि यदि सरकार अपनी हठधर्मिता को दिखाकर अपने इस फैसले को थोपती है तो फिर सभी ग्राम सचिव व सरपंच आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अधिकांश सरपंचों व ग्राम सचिवों का कहना था कि ग्राम पंचायत में ई-प्रणाली लागू करने से ग्राम पंचायतों का कोई महत्व ही नहीं रह जाएगा। इसलिए सरकार समय रहते अपने इस फैसले को बदले। सभी ने इस मामले को लेकर 22 मार्च को हरियाणा सरकार के नाम जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने की भी बात कही। बादली ब्लॉक के प्रधान बनाए गए अमित छनपाड़िया का कहना था कि सरकार इस प्रकार का सिस्टम लागू कर पंचायतों के अधिकार को ही खत्म करना चाहती है। यदि सरकार को ऐसा ही करना है कि तो पहले सरकार को ग्राम पंचाचतों को ही समाप्त करना होगा। उसके बाद ही इस फैसले को लागू करने की सोच रखनी होगी। उन्होंने कहा कि झज्जर जिले में ही नहीं बल्कि पूरे हरियाणा में ही सरकार के इस फैसले का विरोध हो रहा है और सरकार इस विरोध को समाप्त करने के लिए कोई अपना फैसला नहीं पलट रही है जोकि न्याय संगत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले तो वह शांतिपूर्वक ढंग से इस मसले पर अपना विरोध जताएंगे। लेकिन यदि सरकार उनकी मांगों को नहीं सुनती है तो फिर वह बड़ा आंदोलन छेड़ने को मजबूर होंगे।
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झज्जर।
गांव में होने वाले विकास कार्यों को ग्राम पंचायत की मार्फत पारदर्शिता लाने के संदर्भ में हरियाणा सरकार द्वारा लागू की जा रही ई-पंचायत प्रणाली के विरोध में अब ग्राम सरपंच व ग्राम सचिव लामबंद होने लगे हैं। मंगलवार को सरकार के इस फैसले पर विरोध जताते हुए संबंधित विभाग के ग्राम सचिवों ने कामकाज ठप रखा। बादली व झज्जर में ग्राम सचिव व कई गांवों के ग्राम सरपंच एकत्रित हुए और सरकार के इस फैसले पर नाराजगी जाहिर करते हुए विरोध करने का फैसला लिया गया। बैठक में सभी ग्राम सचिवों व ग्राम सरपंचों ने सरकार के इस फैसले के विरोध में खड़ा होतेे हुए यह भी निर्णय लिया कि यदि सरकार अपनी हठधर्मिता को दिखाकर अपने इस फैसले को थोपती है तो फिर सभी ग्राम सचिव व सरपंच आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अधिकांश सरपंचों व ग्राम सचिवों का कहना था कि ग्राम पंचायत में ई-प्रणाली लागू करने से ग्राम पंचायतों का कोई महत्व ही नहीं रह जाएगा। इसलिए सरकार समय रहते अपने इस फैसले को बदले। सभी ने इस मामले को लेकर 22 मार्च को हरियाणा सरकार के नाम जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने की भी बात कही। बादली ब्लॉक के प्रधान बनाए गए अमित छनपाड़िया का कहना था कि सरकार इस प्रकार का सिस्टम लागू कर पंचायतों के अधिकार को ही खत्म करना चाहती है। यदि सरकार को ऐसा ही करना है कि तो पहले सरकार को ग्राम पंचाचतों को ही समाप्त करना होगा। उसके बाद ही इस फैसले को लागू करने की सोच रखनी होगी। उन्होंने कहा कि झज्जर जिले में ही नहीं बल्कि पूरे हरियाणा में ही सरकार के इस फैसले का विरोध हो रहा है और सरकार इस विरोध को समाप्त करने के लिए कोई अपना फैसला नहीं पलट रही है जोकि न्याय संगत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले तो वह शांतिपूर्वक ढंग से इस मसले पर अपना विरोध जताएंगे। लेकिन यदि सरकार उनकी मांगों को नहीं सुनती है तो फिर वह बड़ा आंदोलन छेड़ने को मजबूर होंगे।