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वायरल से डेढ़ गुना बढ़ी सिविल अस्पताल की ओपीडी

Sat, 12 Aug 2017 12:29 AM IST
Updated Sat, 12 Aug 2017 12:29 AM IST
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वायरल से डेढ़ गुना बढ़ी सिविल अस्पताल की ओपीडी
मौसम में बदलाव: अस्पतालों की ओपीडी डेढ़ गुना बढ़ी
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चरखी दादरी। मौसम में बदलाव आने पर शहर के सिविल और निजी अस्पतालों में दैनिक ओपीडी अब रूटीन से डेढ़ गुना तक बढ़ गई है। इस समय अधिकतर मरीज खांसी, जुकाम, बुखार, उल्टी- दस्त के आ रहे हैं। इतना ही नहीं खून टेस्ट के लिए लैबों में भी मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। रूटीन में करीब 250 मरीजों की ओपीडी होती है, लेकिन अब यह बढ़कर 410 तक पहुंच गई है। चिकित्सक भी बदलते मौसम को ओपीडी बढ़ने का प्रमुख कारण मान रहे हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही अस्पताल प्रशासन सतर्क हो गया है लेकिन चिकित्सकों की कमी का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड रहा है।
पिछले दिनों से मौसम में बदलाव आया है। मौसम में आर्द्रता की मात्रा ज्यादा बनी है। बारिश कम होने और दिन में तेज धूप खिलने से रात के समय मौसम में ठंडक बढ़ जाती है। इससे दिन और रात के तापमान में असंतुलन पैदा होने पर लोग विभिन्न प्रकार के रोगों की चपेट में आ रहे हैं। खांसी, जुकाम, बुखार और उल्टी के मरीजों की संख्या बढ़ी है। इस समय शहर के सिविल और निजी अस्पतालों में वायरल, मलेरिया और उल्टी-दस्त के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। सुबह ओपीडी के समय ही खिड़की पर पर्ची बनवाने के लिए मरीजों की लाइन लग जाती है। दोपहर तक भीड़ और बढ़ जाती है। वायरल के रोगी ज्यादा आ रहे हैं। अस्पताल में मरीजों की दैनिक ओपीडी अब डेढ़ गुणा तक बढ़ गई है। जुलाई मध्य में यह ओपीडी 250 थी लेकिन अब यह बढ़कर 410 तक पहुंच गई है। अस्पताल में दिनभर मरीजों व उनके परिजनों की भीड़ बनी रहती है। इतना ही नहीं निजी अस्पतालों में भी दैनिक ओपीडी बढ़ी है। यहां भी डेढ़ से दो गुणा तक मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।
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गत सप्ताह से अब तक ओपीडी की स्थिति
तीन अगस्त - 370 मरीज
चार अगस्त - 392
पांच अगस्त - 385
सात अगस्त - 370
आठरअगस्त - 389
नौ अगस्त - 390
10 अगस्त - 410

खून जांच लैब में मरीजों की पांच गुना बढ़ी तादाद
वायरल के प्रकोप से लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। अस्पताल की ओपीडी पिछले एक माह में जहां डेढ़ गुना बढ़ी है तो वहीं खून जांच लैब में मरीजों की संख्या पांच गुना बढ़ गई है। जुलाई माह के मध्य तक लैब में 15 से 20 रोगियों के खून की जांच की जाती थी, यह आंकड़ा अब बढ़कर 60 के पार जा पहुंचा है। शहर के विभिन्न भागों में स्थित निजी लैबों में भी मरीज विभिन्न प्रकार के टेस्ट करवाने पहुंच रहे हैं। खासकर मलेरिया व वायरल के टेस्ट अधिक मात्रा में हो रहे हैं। शहर में इस समय करीब एक दर्जन निजी लैब हैं जिनमें प्रत्येक लैब में 40 से 50 सैंपलों की जांच हो रही है।
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बीमार होने के लक्षण, तुरंत लें चिकित्सक की सलाह
- मलेरिया बुखार में ज्यादा सर्दी लगना
- जुकाम के साथ नाक का बहना
- पूरा बदन दर्द करना
- भूख कम लगना
- शरीर में बेचैनी होना
- उल्टी व दस्त से आंतों में सूजन आना

ये हैं बचाव के उपाय
- पानी को उबालकर पीए
- रात के समय नमी में बाहर न सोए
- सोते समय मच्छर दानी लगाएं
- बुखार आते ही चिकित्सक की सलाह लें
- तरल पदार्थों का सेवन कम न करें
- खून टेस्ट की रिपोर्ट केे आधार पर ही दवा लें
- बासी भोजन का सेवन न करें
- कूलर की नियमित सफाई करें
- सप्ताह में एक दिन ड्राई-डे मनाएं

मरीजों की परेशानी, उनकी ही जुबानी
इस समय उल्टी-दस्त का अधिक प्रकोप बढ़ रहा है। मौसम की वजह से यह रोग ज्यादा बढ़ रहे हैं। वह भी उपचार के लिए अस्पताल आया है। पिछले दो दिनों से तबीयत खराब है। - विवेक, ढाणी फौगाट निवासी

मौसम में बदलाव की वजह से उल्टी-दस्त व बुखार के रोगी बढ़ रहे हैं। बुखार के साथ खांसी व जुकाम की शिकायत भी बढ़ रही है। प्रशासन व विभाग को इसके लिए समुचित चिकित्सा व्यवस्था करनी चाहिए। - संजय, वार्ड- 13

गांवों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मौसम की वजह से यह बीमारियां ज्यादा बढ़ रही है। दिन में गर्मी व रात को मौसम में ठंडक होने पर जुकाम व खांसी के रोग बढ़े हैं। वह भी खांसी-जुकाम से पीड़ित है। - राजपाल, चांग रोड

अब तो शहर के हर अस्पताल में मरीज बढ़ रहे हैं। चाहे प्राइवेट हो या सरकारी सभी अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी है। इसके लिए विभाग को आवश्यक कदम उठाकर सभी को बढ़िया चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवानी चाहिए। - सुमेर सिंह, कबीर बस्ती


वर्जन--
इस समय मौसम में आर्द्रता की मात्रा ज्यादा बनी हुई है। इस वजह से रोग ज्यादा बढ़ रहे हैं। विभाग ने डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया के निदान के लिए टीमें गठित कर रखी हैं जो रोजाना लोगों से संपर्क कर उनको समझाते हैं। बचाव के टिप्स भी दिए जाते हैं। अस्पताल में भी मरीज आने पर प्राथमिकता से उपचार किया जाता है। टेस्ट करके दवा दी जाती है। - अनीता गुलिया, एसएमओ सिविल अस्पताल
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