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लाठी-पत्थर, पानी की बौछार खाते हुए गए थे, फूलों से स्वागत कराकर लौटे
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सुरेंद्र दलाल
हिसार। हम दिल्ली की ओर जा रहे थे तब राहों में कीलें बिछाई जा रही थीं। अब एक साल बाद दिलों को जीतकर लौट रहे हैं। हरियाणा के लोगों का आतिथ्य कभी नहीं भूल पाएंगे। हरियाणा के बिना यह जीत नहीं हो सकती थी। यहां के लोगों ने हम पर कोई हमला होने से पहले खुद पर लाठियां खाईं। अब हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, मध्यप्रदेश, दिल्ली, उत्तरप्रदेश सहित देश भर के किसानों के बीच एक दिल का रिश्ता बना है। इस रिश्ते को बनाए रखेंगे। रोटी-बेटी के रिश्ते की दिशा में आगे बढ़ेंगे। उक्त बात दिल्ली बॉर्डर से पंजाब की ओर लौट रहे किसानों ने कही।
पंजाब की ओर लौट रहे किसानों के चेहरों पर खुशी थी। दिल्ली-हिसार नेशनल हाईवे स्थित रामायण टोल प्लाजा, लांधड़ी टोल प्लाजा पर किसानों के स्वागत का नजारा भावुक करने वाला था। इस आंदोलन ने हरियाणा-पंजाब के किसानों के बीच एक खास रिश्ता बनाया। एसवाईएल को लेकर अक्सर एक-दूसरे के विरोधी रहे हरियाणा-पंजाब के किसान पहली बार किसी मामले में एक साथ रहे। इस मुद्दे पर दोनों प्रदेशों को भड़काने के भरसक प्रयास को भी किसानों ने विफल कर दिया। दोनों एक दूसरे साथ मजबूती से खड़े रहे। सब्जी, दूध, लस्सी, लकड़ी पहुंचाना हरियाणा का जिम्मा था। जिसे यहां के किसानों ने बखूबी निभाया। करीब एक साल तक आंदोलन में साथ रहे किसानों का आपस में दिलों का रिश्ता बन गया है। किसानों ने एक दूसरे के मोबाइल नंबर लिए हैं। हमेशा संपर्क में रहने तथा एक दूसरे के सुख-दुख में आने की बात कहकर विदाई ली। पंजाब के किसान हरियाणा के किसानों को पंजाब आने के लिए न्योता देते दिखे।
संयुक्त पंजाब की ताकत का कराया अहसास
रामायण टोल प्लाजा पर किसानों पर फूल बरसा रही हिसार निवासी 70 वर्षीय बलजीत कौर ने कहा कि मेरी खुशी का कोई ठिकाना नहीं है। आज मेरे परिवार के लोग जीतकर लौट रहे हैं। हरियाणा-पंजाब के लोगों में एक दूसरे के प्रति प्यार बढ़ा है। दोनों प्रदेशों ने अपनी संयुक्त पंजाब की ताकत का अहसास कराया है।
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बिना हरियाणा जीत संभव नहीं थी
टोल प्लाजा पर रुके पंजाब के जिला मानसा के बीकेयू के प्रधान सरदार भोग सिंह मानसा ने कहा कि हरियाणा के बिना आंदोलन की जीत संभव नहीं थी। छोटे हरियाणा का साथ मिलने के बाद पूरे देश का साथ मिलता गया। जब भाई साथ खड़ा हो तो किसी को भी हराया जा सकता है। दिलों का यह रिश्ता कायम रहेगा।
करीब आए पंजाब-हरियाणा
हिसार निवासी सरदार जीत सिंह ने कहा कि यहां कोई किसी को नहीं जानता, लेकिन प्यार भाई-भाई से भी ज्यादा है। सुबह से पानी के बहाने प्यार बांटने का प्रयास में जुटा हूं। इस आंदोलन ने नए रिश्ते दिए हैं। इस आंदोलन ने हरियाणा-पंजाब को नजदीक लाने का काम किया है। लोगों ने काफी नए दोस्त बनाए हैं।
शुरू से किसान आंदोलन के साथ
बारहवीं कक्षा के छात्र मय्यड़ निवासी अजय नायक ने कहा कि शुरू से किसान आंदोलन के साथ रहा हूं। आज बहुत खुशी है। पंजाब के भाइयों के स्वागत के लिए आया हूं। एक साल बाद यह मौका आया है। बीच-बीच में टोल प्लाजा पर आकर सेवा करता था। कई बार दिल्ली बॉर्डर पर भी गया था। आगे भी किसानों के साथ रहूंगा। पंजाब के युवाओं से दोस्ती हुई है।
पूर देश की जती
पंजाब के बठिंडा निवासी गुरप्रीत कौर ने कहा कि इस जीत में पूरे देश की जीत है। हमारा परिवार शुरू से ही आंदोलन में था। दस दिन पहले परिवार को लेने के लिए गए थे। आज पूरा परिवार लौट रहा है। अब तो हरियाणा भी हमारा परिवार हो गया है। देश के हर राज्य में एक छोटा छोटा परिवार बन गया है। इनसे लगातार मिलते रहेंगे।
सारी साजिश हुईं विफल
मानसा पंजाब निवासी हुंडे वाले बाबा रलदू सिंह ने कहा हम पंजाब से काफिला लेकर चले थे। अब पूरे देश का काफिला लेकर लौट रहे हैं। नए रिश्तों को जीत कर जा रहे हैं। अब आते जाते रहेंगे। हरियाणा-पंजाब का अटूट रिश्ता था, है और रहेगा। कुछ लोगों ने साजिश करने का प्रयास किया था। वो विफल हो गए।
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हिसार। हम दिल्ली की ओर जा रहे थे तब राहों में कीलें बिछाई जा रही थीं। अब एक साल बाद दिलों को जीतकर लौट रहे हैं। हरियाणा के लोगों का आतिथ्य कभी नहीं भूल पाएंगे। हरियाणा के बिना यह जीत नहीं हो सकती थी। यहां के लोगों ने हम पर कोई हमला होने से पहले खुद पर लाठियां खाईं। अब हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, मध्यप्रदेश, दिल्ली, उत्तरप्रदेश सहित देश भर के किसानों के बीच एक दिल का रिश्ता बना है। इस रिश्ते को बनाए रखेंगे। रोटी-बेटी के रिश्ते की दिशा में आगे बढ़ेंगे। उक्त बात दिल्ली बॉर्डर से पंजाब की ओर लौट रहे किसानों ने कही।
पंजाब की ओर लौट रहे किसानों के चेहरों पर खुशी थी। दिल्ली-हिसार नेशनल हाईवे स्थित रामायण टोल प्लाजा, लांधड़ी टोल प्लाजा पर किसानों के स्वागत का नजारा भावुक करने वाला था। इस आंदोलन ने हरियाणा-पंजाब के किसानों के बीच एक खास रिश्ता बनाया। एसवाईएल को लेकर अक्सर एक-दूसरे के विरोधी रहे हरियाणा-पंजाब के किसान पहली बार किसी मामले में एक साथ रहे। इस मुद्दे पर दोनों प्रदेशों को भड़काने के भरसक प्रयास को भी किसानों ने विफल कर दिया। दोनों एक दूसरे साथ मजबूती से खड़े रहे। सब्जी, दूध, लस्सी, लकड़ी पहुंचाना हरियाणा का जिम्मा था। जिसे यहां के किसानों ने बखूबी निभाया। करीब एक साल तक आंदोलन में साथ रहे किसानों का आपस में दिलों का रिश्ता बन गया है। किसानों ने एक दूसरे के मोबाइल नंबर लिए हैं। हमेशा संपर्क में रहने तथा एक दूसरे के सुख-दुख में आने की बात कहकर विदाई ली। पंजाब के किसान हरियाणा के किसानों को पंजाब आने के लिए न्योता देते दिखे।
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संयुक्त पंजाब की ताकत का कराया अहसास
रामायण टोल प्लाजा पर किसानों पर फूल बरसा रही हिसार निवासी 70 वर्षीय बलजीत कौर ने कहा कि मेरी खुशी का कोई ठिकाना नहीं है। आज मेरे परिवार के लोग जीतकर लौट रहे हैं। हरियाणा-पंजाब के लोगों में एक दूसरे के प्रति प्यार बढ़ा है। दोनों प्रदेशों ने अपनी संयुक्त पंजाब की ताकत का अहसास कराया है।
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बिना हरियाणा जीत संभव नहीं थी
टोल प्लाजा पर रुके पंजाब के जिला मानसा के बीकेयू के प्रधान सरदार भोग सिंह मानसा ने कहा कि हरियाणा के बिना आंदोलन की जीत संभव नहीं थी। छोटे हरियाणा का साथ मिलने के बाद पूरे देश का साथ मिलता गया। जब भाई साथ खड़ा हो तो किसी को भी हराया जा सकता है। दिलों का यह रिश्ता कायम रहेगा।
करीब आए पंजाब-हरियाणा
हिसार निवासी सरदार जीत सिंह ने कहा कि यहां कोई किसी को नहीं जानता, लेकिन प्यार भाई-भाई से भी ज्यादा है। सुबह से पानी के बहाने प्यार बांटने का प्रयास में जुटा हूं। इस आंदोलन ने नए रिश्ते दिए हैं। इस आंदोलन ने हरियाणा-पंजाब को नजदीक लाने का काम किया है। लोगों ने काफी नए दोस्त बनाए हैं।
शुरू से किसान आंदोलन के साथ
बारहवीं कक्षा के छात्र मय्यड़ निवासी अजय नायक ने कहा कि शुरू से किसान आंदोलन के साथ रहा हूं। आज बहुत खुशी है। पंजाब के भाइयों के स्वागत के लिए आया हूं। एक साल बाद यह मौका आया है। बीच-बीच में टोल प्लाजा पर आकर सेवा करता था। कई बार दिल्ली बॉर्डर पर भी गया था। आगे भी किसानों के साथ रहूंगा। पंजाब के युवाओं से दोस्ती हुई है।
पूर देश की जती
पंजाब के बठिंडा निवासी गुरप्रीत कौर ने कहा कि इस जीत में पूरे देश की जीत है। हमारा परिवार शुरू से ही आंदोलन में था। दस दिन पहले परिवार को लेने के लिए गए थे। आज पूरा परिवार लौट रहा है। अब तो हरियाणा भी हमारा परिवार हो गया है। देश के हर राज्य में एक छोटा छोटा परिवार बन गया है। इनसे लगातार मिलते रहेंगे।
सारी साजिश हुईं विफल
मानसा पंजाब निवासी हुंडे वाले बाबा रलदू सिंह ने कहा हम पंजाब से काफिला लेकर चले थे। अब पूरे देश का काफिला लेकर लौट रहे हैं। नए रिश्तों को जीत कर जा रहे हैं। अब आते जाते रहेंगे। हरियाणा-पंजाब का अटूट रिश्ता था, है और रहेगा। कुछ लोगों ने साजिश करने का प्रयास किया था। वो विफल हो गए।