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Hisar News: सिवानी को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग के लिए गरजे किसान
Tue, 15 Sep 2026 12:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Tue, 15 Sep 2026 12:50 AM IST
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सिवानी तहसील में किसानों की मांगों को पूरा कराने के लिए तहसीलदार अनिल कुमार को ज्ञापन सौंपते वि
सिवानी मंडी। बारिश की कमी और नहरों के अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंचने से परेशान किसानों ने सोमवार को सिवानी तहसील परिसर में प्रदर्शन किया।
अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले किसानों ने सिवानी तहसील को सूखाग्रस्त घोषित करने, विशेष गिरदावरी करवाने, क्षतिपूर्ति पोर्टल खुलवाकर 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने, नहरों में पर्याप्त पानी छोड़ने और अगली फसल के लिए डीएपी खाद उपलब्ध करवाने की मांग की। उपमंडल अधिकारी की अनुपस्थिति में तहसीलदार अनिल कुमार को ज्ञापन सौंपा गया।
धरने की अध्यक्षता किसान सभा के तहसील प्रधान रामकीशन भाकर ने की और मंच संचालन जंगबीर ढांडा ने किया। किसानों ने कहा कि क्षेत्र का बड़ा हिस्सा मानसूनी बारिश पर निर्भर है। इस बार बारिश की कमी से मूंग, ग्वार, बाजरा और नरमा-कपास सहित खरीफ फसलों को भारी नुकसान हुआ है। उत्पादन इतना कम है कि लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है।
लोहारू के कांग्रेस विधायक राजबीर सिंह फरटिया करीब दो घंटे धरने पर किसानों के बीच रहे और उनकी समस्याएं सुनीं। किसानों ने उन्हें मांगों का ज्ञापन सौंपा। इसके बाद विधायक और किसान नेताओं ने तहसीलदार अनिल कुमार को मुख्यमंत्री के नाम मांगपत्र सौंपा।
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विधायक ने कहा कि उन्होंने किसानों से जुड़े मुद्दे विधानसभा में भी उठाए गए हैं और आगे भी मजबूती से उठाए जाएंगे। किसान सभा नेता दयानंद पूनिया ने कहा कि किसानों ने बीज, खाद, दवा और जुताई समेत कृषि कार्यों पर हजारों रुपये प्रति एकड़ खर्च किए हैं लेकिन उत्पादन कम होने से लागत निकालना कठिन है।
किसान नेताओं ने कहा कि 20 सितंबर तक धरना जारी रहेगा। मांगों पर ठोस निर्णय नहीं हुआ तो 21 सितंबर को सिवानी तहसील का घेराव किया जाएगा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राज सिंह गागड़वास ने भी धरने को समर्थन दिया।
इस मौके पर बलवान बागड़ी, रामचंद्र फौजी, सुकर्म जागलान, जयबीर शेरपुरा, देवेंद्र श्योराण सिधनवा, सुमित चावला, बिल्लू गोदारा, दारा सिंह गोरा आदि मौजूद रहे।
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अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले किसानों ने सिवानी तहसील को सूखाग्रस्त घोषित करने, विशेष गिरदावरी करवाने, क्षतिपूर्ति पोर्टल खुलवाकर 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने, नहरों में पर्याप्त पानी छोड़ने और अगली फसल के लिए डीएपी खाद उपलब्ध करवाने की मांग की। उपमंडल अधिकारी की अनुपस्थिति में तहसीलदार अनिल कुमार को ज्ञापन सौंपा गया।
धरने की अध्यक्षता किसान सभा के तहसील प्रधान रामकीशन भाकर ने की और मंच संचालन जंगबीर ढांडा ने किया। किसानों ने कहा कि क्षेत्र का बड़ा हिस्सा मानसूनी बारिश पर निर्भर है। इस बार बारिश की कमी से मूंग, ग्वार, बाजरा और नरमा-कपास सहित खरीफ फसलों को भारी नुकसान हुआ है। उत्पादन इतना कम है कि लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है।
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लोहारू के कांग्रेस विधायक राजबीर सिंह फरटिया करीब दो घंटे धरने पर किसानों के बीच रहे और उनकी समस्याएं सुनीं। किसानों ने उन्हें मांगों का ज्ञापन सौंपा। इसके बाद विधायक और किसान नेताओं ने तहसीलदार अनिल कुमार को मुख्यमंत्री के नाम मांगपत्र सौंपा।
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विधायक ने कहा कि उन्होंने किसानों से जुड़े मुद्दे विधानसभा में भी उठाए गए हैं और आगे भी मजबूती से उठाए जाएंगे। किसान सभा नेता दयानंद पूनिया ने कहा कि किसानों ने बीज, खाद, दवा और जुताई समेत कृषि कार्यों पर हजारों रुपये प्रति एकड़ खर्च किए हैं लेकिन उत्पादन कम होने से लागत निकालना कठिन है।
किसान नेताओं ने कहा कि 20 सितंबर तक धरना जारी रहेगा। मांगों पर ठोस निर्णय नहीं हुआ तो 21 सितंबर को सिवानी तहसील का घेराव किया जाएगा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राज सिंह गागड़वास ने भी धरने को समर्थन दिया।
इस मौके पर बलवान बागड़ी, रामचंद्र फौजी, सुकर्म जागलान, जयबीर शेरपुरा, देवेंद्र श्योराण सिधनवा, सुमित चावला, बिल्लू गोदारा, दारा सिंह गोरा आदि मौजूद रहे।