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Hisar News: शब्दों में सजी हिंदी, रेखाओं में उभरी कल्पना
Tue, 15 Sep 2026 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Tue, 15 Sep 2026 12:58 AM IST
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हांसी। सनातन धर्म महिला महाविद्यालय में सोमवार को हिंदी दिवस पर साहित्य और कला का सुंदर संगम नजर आया। हिंदी विभाग की ओर से कविता-पाठ, भाषण और निबंध लेखन जैसी साहित्यिक गतिविधियां कराई गईं।
इनके माध्यम से हिंदी की खूबसूरती सामने आई तो कॉमर्शियल आर्ट विभाग की स्केचिंग प्रतियोगिता में छात्राओं ने अपनी कल्पनाशीलता को रेखाओं में उकेरा। प्रतियोगिता में काकुल ने प्रथम, तान्या ने द्वितीय और खुशी ने तृतीय स्थान हासिल किया। आयोजनों का उद्देश्य छात्राओं में हिंदी के प्रति प्रेम के साथ उनकी सृजनात्मक और कलात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. सुरेश कुमार गुप्ता ने की। मुख्य अतिथि सतपाल खांडेवाल रहे। गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (जीजेयू) के पीएचडी शोधार्थी सोमनाथ चौहान तथा राजकीय महाविद्यालय की डॉ. निर्मला और डॉ. कृति मुख्य वक्ता रहीं। उन्होंने हिंदी को राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विविधता की महत्वपूर्ण कड़ी बताया। साथ ही कहा कि हिंदी विश्व स्तर पर भी अपनी पहचान बना रही है।
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प्राचार्य डॉ. सुरेश कुमार गुप्ता ने कहा कि हिंदी केवल संचार का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति और भावनाओं की सशक्त भाषा है। उन्होंने छात्राओं से हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग करने का आह्वान किया। उन्हाेंने कहा कि कला व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है और ऐसी प्रतियोगिताएं प्रतिभा निखारने का अवसर देती हैं।
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इनके माध्यम से हिंदी की खूबसूरती सामने आई तो कॉमर्शियल आर्ट विभाग की स्केचिंग प्रतियोगिता में छात्राओं ने अपनी कल्पनाशीलता को रेखाओं में उकेरा। प्रतियोगिता में काकुल ने प्रथम, तान्या ने द्वितीय और खुशी ने तृतीय स्थान हासिल किया। आयोजनों का उद्देश्य छात्राओं में हिंदी के प्रति प्रेम के साथ उनकी सृजनात्मक और कलात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना रहा।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. सुरेश कुमार गुप्ता ने की। मुख्य अतिथि सतपाल खांडेवाल रहे। गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (जीजेयू) के पीएचडी शोधार्थी सोमनाथ चौहान तथा राजकीय महाविद्यालय की डॉ. निर्मला और डॉ. कृति मुख्य वक्ता रहीं। उन्होंने हिंदी को राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विविधता की महत्वपूर्ण कड़ी बताया। साथ ही कहा कि हिंदी विश्व स्तर पर भी अपनी पहचान बना रही है।
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प्राचार्य डॉ. सुरेश कुमार गुप्ता ने कहा कि हिंदी केवल संचार का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति और भावनाओं की सशक्त भाषा है। उन्होंने छात्राओं से हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग करने का आह्वान किया। उन्हाेंने कहा कि कला व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है और ऐसी प्रतियोगिताएं प्रतिभा निखारने का अवसर देती हैं।