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कमजोर नजर, भेंगापन और गर्दन-मांसपेशी में बच्चे महसूस कर रहे जकड़न

Thu, 15 Jul 2021 12:18 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 15 Jul 2021 12:18 AM IST
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Weak eyesight, squint and neck-muscle stiffness in children
हिसार। कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई ने बच्चों की सेहत पर बुरा असर छोड़ा है। कई घंटे तक मोबाइल का इस्तेमाल करने से बच्चों की नजर कमजोर हो गई है। इसके अलावा भेंगापन और गर्दन व मांसपेशियों में जड़कन महसूस करने लगे हैं। नागरिक अस्पताल में इन शिकायतों के साथ रोज कई बच्चे पहुंच रहे हैं।
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अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ के पास गर्दन और मांसपेशियों के जकड़न के रोज पांच, नेत्र रोग विशेषज्ञ के पास नजर कमजोरी के 10 से 15 और भेंगापन के एक या दो केस आ रहे हैं। बुधवार सुबह अस्पताल में नेत्र रोग विशेेषज्ञ ने एक मरीज की आंखों का ऑपरेशन किया है, जिसकी उम्र करीब 16 वर्ष है। कुछ बच्चों की आंखों इतनी खराब हो चुकी है कि हर बार दिखाने पर चश्मा का नंबर बढ़ा मिलता है और आंखों में एलर्जी, जलन और दर्द भी महसूस करते हैं।
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भेंगा के कारण
- अधिक समय तक मोबाइल का इस्तेमाल करना और एक ही जगह पर आंखें टिकाये रखना।
- आंखों या दिमाग की नशों में पैरालाइसिस होना।
- चश्मे का नंबर खोना
शुरुआत में ऑपरेशन से ठीक हो सकता है भेंगापन
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. रिपनजीत कौर ने बताया कि भेंगापन का शुरुआत में ही ऑपरेशन किया जाए तो यह ठीक हो सकता है। देरी होने पर आंखों की रोशनी जाने का खतरा रहता है। इस तरह के कई केस आते हैं, जिनका ऑपरेशन करना पड़ता है। जिला अस्पताल में ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध है। इसलिए माता-पिता भेंगापन की शिकायत होने पर समय पर जांच कराएं।
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गर्दन में जकड़न से यूं करें बचाव
हड्डी रोग विभाग के एचओडी डॉ. सुरेश कौशिक के अनुसार गर्दन व कंधे के बीच में दबाकर फोन पर बात न करे। इससे गर्दन और कंधे में दर्द और जकड़न की शिकायत हो सकती है। अच्छा हो कि फोन पर बात करते समय ईयर फोन का इस्तेमाल करें। एक ही स्थिति में गर्दन झुकाए रखने से मांसपेशियों में बदलाव होता है। मोबाइल प्रयोग करते समय आधे घंटे के अंतराल में गर्दन को घुमाते रहें।
यूं करें मोबाइल का इस्तेमाल
- मोबाइल की स्क्रीन को हमेशा साफ रखें, ताकि देखने में आसानी हो।
- स्मार्टफोन को 8 से 10 इंच की दूरी पर रखते हुए टाइप करें या पढ़ें।
- आंखों की पलकों को झपकाते रहना चाहिए, क्योंकि इससे आंखों में नमी बनी रहती है।
- स्मार्टफोन की स्क्रीन पर प्रोटेक्टर फिल्म लगाएं।
- टेक्स्ट का साइज सही होना चाहिए, जिससे पढ़ने में आसानी व आंखों पर जोर कम पड़ेगा।
मेरे चश्मे का नंबर लगातार बढ़ता जा रहा है। इससे आंखों में जलन व दर्द भी रहने लगा है, क्योंकि पिछले एक साल से ऑनलाइन पढ़ाई चल रही है। - राधिका, 15 वर्षीय छात्रा

मेरी बच्ची की नजर कमजोर होती जा रही है। जब भी आंखें दिखाने के लिए अस्पताल आते हैं तो चश्मे का नंबर बढ़ा हुआ मिलता है। यह ऑनलाइन पढ़ाई का नतीजा है। - अरुण कुमार, अभिभावक
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