{"_id":"6881f434e0de2cf822079f32","slug":"unique-initiative-of-village-in-hisar-hi-tech-library-built-for-daughter-by-message-went-out-in-whatsapp-group-2025-07-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिसार के गांव की अनोखी पहल: व्हाट्सएप ग्रुप में चला एक मैसेज... और बेटियों के लिए बना दी हाईटेक लाइब्रेरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिसार के गांव की अनोखी पहल: व्हाट्सएप ग्रुप में चला एक मैसेज... और बेटियों के लिए बना दी हाईटेक लाइब्रेरी
Thu, 24 Jul 2025 02:38 PM IST
नवीन दलाल
मनोज कौशिक, हिसार (हरियाणा)
मनोज कौशिक, हिसार (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Thu, 24 Jul 2025 02:38 PM IST
सार
गांव के सहयोग के बाद व्यवस्था बनाने के लिए सरपंच बलजीत रूहल, कुलदीप रूहल, सुशील नाई, राकेश रूहल और संजय फौजी सहित पांच लोगों की कमेटी बनाई गई। गांव के सुझाव से एक बिल्डिंग को लाइब्रेरी बनाने के लिए चुना गया।
विज्ञापन
लाइब्रेरी में पढ़ाई करतीं बेटियां
- फोटो : संवाद
विस्तार
बेटियां पढ़ेंगी तो बढ़ेंगी। इस कथन को हिसार जिले के गांव भिवानी रोहिल्ला ने आत्मसात कर लिया है। इसी कड़ी में सर्वसम्मति से हरियाणा की पहली महिला पंचायत चुनकर महिला सशक्तीकरण की पहचान बने इस गांव ने अब एकजुट होकर महज 20 दिन में बेटियों के लिए निशुल्क आधुनिक लाइब्रेरी खोल दी।
विज्ञापन
विधिवत रूप से गांव के सरपंच बलजीत सिंह रूहल व अन्य गणमान्यों की मौजूदगी में इसका उद्धघाटन करवा शुभारंभ किया गया। उद्घाटन के दौरान बेटियों और गांववासियों के चेहरों पर खुशी की झलक थी। एक उत्सव सा माहौल नजर आया। एयर कंडीशन, वाईफाई, सीसीटीवी और आधुनिक फर्नीचर से लैस इस निशुल्क लाइब्रेरी में करीब 50 छात्राओं ने पंजीकरण करवाया है।
विज्ञापन
व्हाट्स पर डाले गए एक मैसेज ने वो काम कर दिखाया जो प्रशासन के माननीय नहीं कर पाए। बेटियों के लाइब्रेरी बनाने के साथ-साथ ग्रामीणों ने लड़कों के लिए भी गांव की चौपाल में निशुल्क आधुनिक लाइब्रेरी बनवाई है। इसका भी साथ ही शुभारंभ किया गया है।
विज्ञापन
वाट्सएप ग्रुप के मैसेज से हुई लाइब्रेरी बनाने की शुरुआत
करीब 20 दिन पहले सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए बनाए गए गांव के ग्रुप में लाइब्रेरी खोलने का सुझाव देने के लिए एक साधारण सा संदेश डाला गया। इसके तुरंत बाद सभी ने इस प्रस्ताव पर खुले मन से सहमति जताई। अब सवाल था बजट का। सभी ने खुले दिल से मदद करने का आश्वाशन दिया। हाथों-हाथ किसी ने एयर कंडीशन, तो किसी ने इन्वर्टर और वाटर कूलर तो किसी ने कुर्सियां तो किसी ने ग्रांट भेंट करने की घोषणा की। देखते ही देखते एक छोटा सा कदम कारवां बन गया।
जहां फैली रहती थी गंदगी, आज वहां खुशनुमा परिवेश
गांव के सहयोग के बाद व्यवस्था बनाने के लिए सरपंच बलजीत रूहल, कुलदीप रूहल, सुशील नाई, राकेश रूहल और संजय फौजी सहित पांच लोगों की कमेटी बनाई गई। गांव के सुझाव से एक बिल्डिंग को लाइब्रेरी बनाने के लिए चुना गया। आज सांझे प्रयास से वहां खुशनुमा परिवेश बन चुका है जहां कभी गंदगी का आलम था। इस बिल्डिंग में साफ-सफाई करवा सभी जगह रंग करवाया गया तो अब पार्क बनाने का काम जोरों पर है।
बेटियां बोलीं- अब लगेंगे हमारे सपनों को पंख
भर्ती परीक्षा की तैयारी करने वाली लड़की खुशी, मुस्कान, रवीना, नीलम, ममता, पूनम, आशु ने कहा पहले पढ़ने के लिए बाहर जाना पड़ता था। भारी भरकम फीस भी देनी पड़ती थी तो समय की भी बर्बादी होती थी। अब गांव में ही सारी सुविधा मिल रही है। विवाहित युवतियों को तो और भी ज्यादा फायदा मिलेगा। अब सही मायनों में हमारे सपनों को पंख लगेंगे। लाइब्रेरी के पास शांत वातावरण है। इससे पढ़ाई का माहौल सही रहता है।
सफलता पाने वाले बच्चों को किया जाएगा सम्मानित
ग्रामीणों ने कहा लाइब्रेरी में अभी प्रतिस्पर्धा वाली भर्ती परीक्षाओं की तैयारी के लिए किताबों और नोट्स की व्यवस्था करवाई जाएगी तो भविष्य में कंप्यूटर और लैपटॉप को प्रयोग करने की सुविधा भी उपलब्ध करवाने का भी प्रयास रहेगा। साथ ही किसी भी मंच पर सफलता हासिल करने वाले बच्चों को सम्मानित भी किया जाएगा। बेटियों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी के अलावा महिला स्टाफ भी नियुक्त किया जा रहा है ताकि देर रात तक पढ़ाई की जा सके।
महिला सशक्तीकरण की पहचान बन चुका है गांव
सरपंच बलजीत रुहल ने कहा कि उनका गांव भिवानी रोहिल्ला बेटियों के उत्थान के लिए हमेशा ही अग्रणी रहा है। 2015 में गांव में सर्वसम्मति से प्रदेश की पहली महिला पंचायत चुनकर अनोखा उदाहरण पेश किया था। इस पंचायत में सरंपच से लेकर सभी पंच महिलाएं थीं। तत्कालीन सीएम मनोहर लाल ने भी पंचायत को सम्मानित किया था। इतना ही नहीं गांव की बेटियां कबड्डी और बेसबॉल खेल में नेशनल तक खेल चुकी हैं। बेटियों को बचाने और पढ़ाने की परंपरा को मजबूत करने के लिए गांव पूरा सहयोग कर रहा है। अब निशुल्क लाइब्रेरी खोलकर अनोखी मिसाल पेश की है।