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दो ठेकेदारों की मौत, परिजनों ने शव लेने से किया इनकार, लगाया जाम

Sun, 01 Nov 2020 01:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 01 Nov 2020 01:03 AM IST
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two contractor's death, family member did not recieve deadbody
बड़वा बाइपास पर जाम लगाते ग्रामवासी। - फोटो : Hisar
हिसार। नागरिक अस्पताल में शनिवार को पोस्टमार्टम हाउस के बाहर उस दौरान जमकर हंगामा हुआ, जब दो शवों को उनके परिजनों ने लेने से मना कर दिया। दोनों मामलों में मृतकों के परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी पर अड़ गए। बाद में पुलिस अधिकारियों के दखल के बाद शव परिजनों को सौंपे गए। उसके बाद एक मृतक के परिजनों ने शव का संस्कार कर दिया, जबकि दूसरे के परिजनों ने शव को रोड पर रखकर जाम लगा दिया।
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यह था पहला मामला
12 क्वार्टर रोड निवासी 58 वर्षीय ईश्वर ने शुक्रवार सुबह गंगवा नहर के पास जहर निगलकर आत्महत्या कर ली थी। मामले की सूचना मिलते ही परिजनों ने उसे अस्पताल में दाखिल करवाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। सूचना मिलने पर आजाद नगर थाना पुलिस ने पहुंचकर शव कब्जे में लेकर शवगृह पहुंचाया। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी के पहले शव लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद डीएसपी जोगेंद्र शर्मा मौके पर पहुंचे और परिजनों को आश्वासन दिया कि सोमवार तक आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उसके बाद ही परिजनों ने उसका शव उठाया। मामले में पुलिस ने मृतक ईश्वर के बेटे विनोद के बयान पर सेक्टर-33 निवासी जितेंद्र नरवाल और देवेंद्र राणा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है।
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ठेके पर किए काम के पैसे नहीं दिए थे
पुलिस को दी शिकायत में विनोद ने बताया कि उसके पिता ठेके पर मकान बनाने का काम करते थे। उसके पिता ने करीब छह माह पहले सेक्टर-33 निवासी देवेंद्र राणा और जितेंद्र नरवाल के मकान ठेके पर बनाए थे। आरोप है कि दोनों ने उसके पिता को बकाया रुपये देने से मना कर दिया। उसने आरोप लगाया कि चार दिन पहले वह अपने पिता के साथ देवेंद्र के घर ठेके के एक लाख 80 हजार रुपये लेने गया तो उसने रुपये देने से मना करते हुए जान से मारने की धमकी दी। जितेंद्र के पास एक लाख 20 हजार रुपये लेने गए तो उसने भी काम में कमी निकालकर रुपये देने से मना कर दिया और बुरा अंजाम भुगतने की धमकी दी। विनोद ने बताया कि उसके पिता ने आत्महत्या करने से पूर्व एक रिकॉर्डिंग उनके साथ काम करने वाले कई लोगों को भेजी थी। इसमें आत्महत्या के लिए जितेंद्र और देवेंद्र को दोषी ठहराया था।
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पहले भी हो गए थे गायब
मृतक ईश्वर के दूसरे बेटे पवन ने बताया कि उसके पिता पहले भी करीब एक माह पूर्व इसी परेशानी के कारण लापता हो गए थे। इस पर गुमशुदगी की एक रिपोर्ट थाने में दर्ज करवाई थी। उस दौरान चार दिन बाद उसके पिता रायपुर नहर के पास से मिले थे।
दूसरा मामला
बड़वा में सड़क पर शव रख बाईपास किया जाम
दूसरी ओर बड़वा गांव निवासी 27 वर्षीय प्रवीण की मौत को लेकर भी परिजनों ने शनिवार को नागरिक अस्पताल में जमकर हंगामा किया। परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी से पूर्व पहले तो शव लेने से इनकार कर दिया। बाद में शव लेकर बड़वा बाईपास पर रख जाम लगा दिया।
दरअसल गांव बड़वा निवासी 27 वर्षीय प्रवीण भी ठेके पर मकान बनाने का काम करता था। 21 अक्तूबर की रात वह अपने गांव के ही अक्षय के जन्मदिन की पार्टी से लौट रहा था। उस दौरान जब वह पक्का जोहड़ पर पहुंचा तो वहां पर मांगे, नरेंद्र उर्फ बागड़ी, मोनू, विजय, राहुल उर्फ बच्ची व 2-3 अन्य ने उस पर हथियारों से हमला कर लहूलुहान कर दिया था। आरोप था कि आरोपियों ने इस दौरान प्रवीण से सोने की दो अंगूठी, चेन व करीब 18 हजार रुपये भी छीन लिए थे। इसके बाद वारदात स्थल से ही आरोपी नरेंद्र ने विक्रम के पास फोन कर उसे कहा था कि प्रवीण को खत्म कर दिया है। आरोपी उसे मृत समझकर वहां से फरार हो गए थे। इसके बाद प्रवीण के साथ घर जा रहे उसके एक दोस्त ने प्रवीण के परिजनों को इसकी सूचना दी थी तो परिजनों ने मौके पर पहुंचकर प्रवीण को घायल अवस्था में सिवानी के नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया था, जहां से उसे हिसार रेफर कर दिया था। सिवानी थाना पुलिस ने उस दौरान घायल प्रवीण के बयान पर आरोपियों के खिलाफ मारपीट, छीनाझपटी सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। 30 अक्तूबर की रात करीब नौ बजे प्रवीण की उपचार के दौरान जिंदल अस्पताल में मौत हो गई। संबंधित थाना पुलिस ने शव को नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया। शनिवार सुबह परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी से पहले शव लेने से इनकार कर दिया। पुलिस के काफी समझाने पर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को शव सौंपा गया तो उन्होंने शव बड़वा बाईपास पर रख जाम लगा दिया। इस दौरान वहां मौके पर पहुंचे डीएसपी सुरेश और एसडीएम जगदीश चंद्र के समझाने पर परिजनों ने जाम खोला।

आरोपी जल्द पकड़े जाएंगे
मृतक ईश्वर के परिजनों को आश्वासन दिया गया है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मृतक ईश्वर के शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के हवाले कर दिया गया है।
- जोगेंद्र शर्मा, डीएसपी, हिसार।
24 घंटे में गिरफ्तार होंगे आरोपी
जाम लगाने की सूचना के बाद मौके पर पहुंचकर परिजनों को समझाया गया। मामले में हमने धारा 302 भी जोड़ी है। आरोपियों को 24 घंटे में गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-सुरेश कुमार, डीएसपी, सिवानी मंडी।

बारह क्वार्टर निवासी ईश्वर के आत्महत्या मामले में नागरिक अस्पताल में खड़े परिजन।

बारह क्वार्टर निवासी ईश्वर के आत्महत्या मामले में नागरिक अस्पताल में खड़े परिजन।- फोटो : Hisar

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