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सीवर लाइन में मोटे साइज की पाइप लगा 700 रुपये प्रति घंटा खेती के लिए बिक रहा गंदा पानी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jun 2022 11:18 PM IST
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Thick-sized pipe installed in sewer line, dirty water sold for cultivation at Rs 700 per hour
हिसार- गांव गंगवा में सीवर लाइन में कनेक्शन लगाकर अवैध तरीके से लगाया गया पंपसेट। संवाद - फोटो : Hisar
हिसार। सीवर लाइन में अवैध कनेक्शन कर खेती के लिए गंदे पानी के इस्तेमाल और जनस्वास्थ्य विभाग की अनदेखी ने दो किसानों की जान ले ली। विभाग ने समय पर कार्रवाई की होती तो शायद यह हादसा न होता। पिछले 6 साल से सीव लाइन से मोटे साइज की पाइप लगाकर सीवरेज का पानी अवैध तौर पर खेती के लिए उपयोग किया जा रहा था।
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गांव गंगवा निवासी महेश प्रजापति ने कहा कि सीवरेज लाइन से पानी निकाल कर उसे खेतों में उपलब्ध कराने के बदले 700 रुपये प्रति घंटा के हिसाब से कीमती चुकानी पड़ती है। फिलहाल कपास, बाजरा, ज्वार के लिए पानी का उपयोग किया जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि 20 फुट गहरे सीवर मैनहोल में उतरना इन लोगों के लिए नई बात नहीं थी। यह लोग पहले भी मैनहोल में उतरकर पाइप के आगे फंसे कचरे को हटाते रहते थे। मंगलवार को कोई बड़े आकार का कपड़ा पाइप में अटक गया था, जिसे निकालने में समय लग गया। अंदर गैस के प्रभाव के कारण सुनील उर्फ सतपाल व मदन की मौत हुई।
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ऐसे चलता है पूरा गंदे पानी का गंदा खेल
आजाद नगर एरिया के सीवरेज का पानी मुख्य सड़क के नीचे से गुजर रही सीवरेज लाइन से होते हुए गांव देवां के पास बने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचता है। कुछ लोगों ने सीवरेज की लाइन में अवैध तौर पर कनेक्शन कर नौ एमएम साइज के पाइप डालकर सीवरेज का पानी निकाला जाता है। करीब 15 फुट गहराई में बिछी सीवरेज की लाइन से पाइप के जरिये गंदे पानी को 10 से 15 फुट दूरी पर बने चैंबर में डाला जाता है। इसके बाद इस चैंबर पर लगी मशीनरी को ट्रैक्टर के जरिये घुमाया जाता है। इससे पानी को तेज गति के साथ खेतों तक बिछी निजी लाइन में डाला जाता है। करीब तीन किलोमीटर लंबी लाइन से सीवरेज के पानी को खेतों में पहुंचाया जाता है। सीवरेज के इस गंदे पानी को खेती के उपयोग में लाया जा रहा है। गांव गंगवा में ऐसे कई जगह ऐसे बड़े कनेक्शन किए गए हैं। इतने बड़े कनेक्शन, इतनी गहराई में सीवरेज लाइन में जोड़कर पानी निकालना जनस्वास्थ्य विभाग के संज्ञान में न हो ऐसा संभव नहीं दिख रहा। इन पंप मोटर को चलाने के लिए हाईवे के फुटपाथ ही पूरी मशीनरी रखी हुई है। गांव के लोगों ने बताया कि कुछ दिन पहले अवैध कनेक्शन धारकों ने हाईवे को अपने स्तर पर ही खोद दिया था। कई दिन बाद इन हाईवे को दुरुस्त किया गया।
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गंगवा निवासी रमेश माल ने कहा कि यह अवैध कनेक्शन जनस्वास्थ्य विभाग की जानकारी में थे। विभाग के अधिकारी हर महीने इसके लिए मंथली लेते हैं। जनस्वास्थ्य विभाग के ठेकेदार भी अवैध कनेक्शन धारकों से मिले हुए थे। मंगलवार रात हादसे के बाद इन लोगों ने अपनी मशीनरी को हाईवे किनारे से हटा लिया है।
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