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Hisar News: डाक के झोले में शिक्षा का उजियारा
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मुख्य डाकघर में ज्ञान पोस्ट डाक सामग्री की छंटनी करता डाकिया।
हिसार। डाक विभाग की ज्ञान पोस्ट योजना कम खर्च में किताबें लोगों तक पहुंचाकर शिक्षा और साहित्य का उजियारा फैला रही है। इसके जरिये प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवा, विद्यार्थी और साहित्यकार अपनी जरूरत की पुस्तकें एक शहर से दूसरे शहर में भेज और मंगवा रहे हैं।
महज 20 से 100 रुपये के शुल्क में पुस्तकें पहुंचाई जा रही हैं। हिसार के मुख्य डाकघर से रोजाना करीब 300 पुस्तकें और शैक्षिक सामग्री भेजी जा रही हैं। इससे डाक विभाग को सालाना लाखों रुपये की आय भी हो रही है।
भारतीय डाक विभाग ने एक मई 2025 से सभी विभागीय डाकघरों में ज्ञान पोस्ट सेवा शुरू की थी। इसका उद्देश्य शैक्षिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और धार्मिक पुस्तकों सहित अन्य मुद्रित सामग्री को किफायती दरों पर देशभर में पहुंचाना है। यह सेवा नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों को समर्थन देने के साथ दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक अध्ययन सामग्री पहुंचाने में भी मददगार है।
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प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों को लाभ
ज्ञान पोस्ट का लाभ सीईटी, भारतीय सेना, रेलवे और अन्य सरकारी विभागों की भर्ती परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को मिल रहा है। कई बार प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष पुस्तकें स्थानीय बाजार में उपलब्ध नहीं होतीं। ऐसे में युवा दूसरे शहरों में रहने वाले परिचितों, प्रकाशकों और कोचिंग सेंटर संचालकों से पुस्तकें मंगवा रहे हैं। कम शुल्क से उन्हें आर्थिक राहत मिल रही है।
पांच किलोग्राम तक की सामग्री 100 रुपये में
ज्ञान पोस्ट के तहत 300 ग्राम तक की सामग्री भेजने का न्यूनतम शुल्क 20 रुपये है, जबकि पांच किलोग्राम तक की सामग्री 100 रुपये में भेजी जा सकती है। पार्सल को ऑनलाइन ट्रैक करने की सुविधा भी उपलब्ध है। इससे भेजी गई सामग्री की स्थिति का पता लगाया जा सकता है।
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ज्ञान पोस्ट के प्रति युवाओं का रुझान बढ़ रहा है। दूर बैठे लोग रिश्तेदारों, प्रकाशकों और कोचिंग सेंटर संचालकों की मदद से कम खर्च में पुस्तकें मंगवा रहे हैं। बुकिंग के बाद करीब 72 घंटे में सामग्री एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंच जाती है।
- आरपी शर्मा, अधीक्षक, मुख्य डाकघर हिसार।
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महज 20 से 100 रुपये के शुल्क में पुस्तकें पहुंचाई जा रही हैं। हिसार के मुख्य डाकघर से रोजाना करीब 300 पुस्तकें और शैक्षिक सामग्री भेजी जा रही हैं। इससे डाक विभाग को सालाना लाखों रुपये की आय भी हो रही है।
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भारतीय डाक विभाग ने एक मई 2025 से सभी विभागीय डाकघरों में ज्ञान पोस्ट सेवा शुरू की थी। इसका उद्देश्य शैक्षिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और धार्मिक पुस्तकों सहित अन्य मुद्रित सामग्री को किफायती दरों पर देशभर में पहुंचाना है। यह सेवा नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों को समर्थन देने के साथ दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक अध्ययन सामग्री पहुंचाने में भी मददगार है।
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प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों को लाभ
ज्ञान पोस्ट का लाभ सीईटी, भारतीय सेना, रेलवे और अन्य सरकारी विभागों की भर्ती परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को मिल रहा है। कई बार प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष पुस्तकें स्थानीय बाजार में उपलब्ध नहीं होतीं। ऐसे में युवा दूसरे शहरों में रहने वाले परिचितों, प्रकाशकों और कोचिंग सेंटर संचालकों से पुस्तकें मंगवा रहे हैं। कम शुल्क से उन्हें आर्थिक राहत मिल रही है।
पांच किलोग्राम तक की सामग्री 100 रुपये में
ज्ञान पोस्ट के तहत 300 ग्राम तक की सामग्री भेजने का न्यूनतम शुल्क 20 रुपये है, जबकि पांच किलोग्राम तक की सामग्री 100 रुपये में भेजी जा सकती है। पार्सल को ऑनलाइन ट्रैक करने की सुविधा भी उपलब्ध है। इससे भेजी गई सामग्री की स्थिति का पता लगाया जा सकता है।
ज्ञान पोस्ट के प्रति युवाओं का रुझान बढ़ रहा है। दूर बैठे लोग रिश्तेदारों, प्रकाशकों और कोचिंग सेंटर संचालकों की मदद से कम खर्च में पुस्तकें मंगवा रहे हैं। बुकिंग के बाद करीब 72 घंटे में सामग्री एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंच जाती है।
- आरपी शर्मा, अधीक्षक, मुख्य डाकघर हिसार।