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मंडी में शुरू हुई सरसों की आवक 7000 रुपये क्विंटल तक मिल रहे दाम
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हिसार। अनाज मंडी में सरसों की आवक शुरू हो गई है। मंडियों में सरसों की सरकारी खरीद 21 मार्च से शुरू होगी। जिले से 43 हजार 623 किसानों ने गेहूं-सरसों बेचने के लिए पोर्टल पर पंजीकरण करवाया है। मंडी में सरसों का भाव 7 हजार रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से चल रहा है। सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5050 रुपये है। ऐसे में पिछले साल की तरह सरकारी खरीद होने के आसार नहीं दिख रहे।
अच्छा दाम मिलने के कारण किसान प्राइवेट रेट पर सरसों बेचने के लिए प्राथमिकता दे रहे हैं। रोजाना मंडी में 200 से 250 क्विंटल सरसों आ रही हैं। सरसों की सरकारी खरीद को लेकर अभी तक कोई पॉलिसी नहीं आई है। एक किसान कितनी फसल बेच सकता है, किस दिन कौन से गांव के किसानों की फसल खरीदी जाएगी। पिछले साल भी सरसों की सरकारी खरीद नहीं हो पाई। कारण था कि किसानों को सरकारी रेट से ज्यादा प्राइवेट रेट मिल रहे थे। पिछले साल सरसों की सरकारी खरीद का रेट 4825 रुपये था। किसानों ने प्राइवेट रेट पर सरसों 7000 से 9000 रुपये तक बेची। ऐसे में इस बार भी अच्छा दाम मिलने के कारण किसान प्राइवेट को प्राथमिकता दे रहे हैं।
मंडी में सफाई नही, शेड के नीचे भी कब्जा
21 मार्च से नई अनाज मंडी में सरसों की खरीद शुरू होगी, लेकिन अभी तक मार्केट कमेटी की ओर से मंडी में कोई व्यवस्था नजर नहीं आ रही है। मंडी में जगह-जगह गंदगी फैली हुई हैं, वहीं शेड के नीचे व्यापारियों ने सामान रखकर कब्जा किया हुआ है। जबकि हर साल मार्केट कमेटी की ओर से किसानों को मंडी में सुविधाएं देने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। मगर जमीनी स्तर पर किसानों को कोई सुविधाएं नहीं मिल पाती।
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इन ब्लॉक पर इतने किसानों ने करवाए पंजीकरण
हांसी : 7449
खेड़ी जालब : 2365
नारनौंद : 2326
उकलाना : 3848
हिसार : 12024
आदमपुर : 5441
बालसमद : 3018
बरवाला : 4951
बास : 2201
एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू होगी। खरीद के लिए तारीख का एलान हो गया है। कौन से गांव के किसान किस दिन फसल लाएंगे इस बारे में अभी निर्देश नहीं मिले हैं। खाद्य आपूर्ति विभाग ने गेहूं भंडारण के लिए तैयारी शुरू कर दी हैं। गेहूं के लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। सामान्य तौर पर 15 अप्रैल से गेहूं की आवक शुरू होती है।
इस कारण बढ़े दाम...
पॉम ऑयल महंगे होने के कारण सरसों के तेल की खपत बढ़ गई। जिस कारण पिछले डेढ़ साल से सरसों के दाम में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। रूस तथा यूक्रेन युद्ध के कारण पॉम ऑयल की आपूर्ति बाधित हुई है। इस कारण अभी तेल के दाम कम होने के आसार नहीं हैं।
वर्जन
सरसों की 21 मार्च से सरकारी खरीद होगी। किसान सरसों लेकर मंडी में पहुंच रहे हैं। मगर उन्हें प्राइवेट में अच्छा दाम मिल रहा हैं। प्राइवेट में ज्यादा रेट मिलने के कारण पिछले साल भी सरसों की सरकारी खरीद नहीं हो पाई। इस बार भी मुश्किल है।
- भरत सिंह, असिस्टेंट सेक्रेटरी, मार्केट कमेटी
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अच्छा दाम मिलने के कारण किसान प्राइवेट रेट पर सरसों बेचने के लिए प्राथमिकता दे रहे हैं। रोजाना मंडी में 200 से 250 क्विंटल सरसों आ रही हैं। सरसों की सरकारी खरीद को लेकर अभी तक कोई पॉलिसी नहीं आई है। एक किसान कितनी फसल बेच सकता है, किस दिन कौन से गांव के किसानों की फसल खरीदी जाएगी। पिछले साल भी सरसों की सरकारी खरीद नहीं हो पाई। कारण था कि किसानों को सरकारी रेट से ज्यादा प्राइवेट रेट मिल रहे थे। पिछले साल सरसों की सरकारी खरीद का रेट 4825 रुपये था। किसानों ने प्राइवेट रेट पर सरसों 7000 से 9000 रुपये तक बेची। ऐसे में इस बार भी अच्छा दाम मिलने के कारण किसान प्राइवेट को प्राथमिकता दे रहे हैं।
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मंडी में सफाई नही, शेड के नीचे भी कब्जा
21 मार्च से नई अनाज मंडी में सरसों की खरीद शुरू होगी, लेकिन अभी तक मार्केट कमेटी की ओर से मंडी में कोई व्यवस्था नजर नहीं आ रही है। मंडी में जगह-जगह गंदगी फैली हुई हैं, वहीं शेड के नीचे व्यापारियों ने सामान रखकर कब्जा किया हुआ है। जबकि हर साल मार्केट कमेटी की ओर से किसानों को मंडी में सुविधाएं देने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। मगर जमीनी स्तर पर किसानों को कोई सुविधाएं नहीं मिल पाती।
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इन ब्लॉक पर इतने किसानों ने करवाए पंजीकरण
हांसी : 7449
खेड़ी जालब : 2365
नारनौंद : 2326
उकलाना : 3848
हिसार : 12024
आदमपुर : 5441
बालसमद : 3018
बरवाला : 4951
बास : 2201
एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू होगी। खरीद के लिए तारीख का एलान हो गया है। कौन से गांव के किसान किस दिन फसल लाएंगे इस बारे में अभी निर्देश नहीं मिले हैं। खाद्य आपूर्ति विभाग ने गेहूं भंडारण के लिए तैयारी शुरू कर दी हैं। गेहूं के लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। सामान्य तौर पर 15 अप्रैल से गेहूं की आवक शुरू होती है।
इस कारण बढ़े दाम...
पॉम ऑयल महंगे होने के कारण सरसों के तेल की खपत बढ़ गई। जिस कारण पिछले डेढ़ साल से सरसों के दाम में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। रूस तथा यूक्रेन युद्ध के कारण पॉम ऑयल की आपूर्ति बाधित हुई है। इस कारण अभी तेल के दाम कम होने के आसार नहीं हैं।
वर्जन
सरसों की 21 मार्च से सरकारी खरीद होगी। किसान सरसों लेकर मंडी में पहुंच रहे हैं। मगर उन्हें प्राइवेट में अच्छा दाम मिल रहा हैं। प्राइवेट में ज्यादा रेट मिलने के कारण पिछले साल भी सरसों की सरकारी खरीद नहीं हो पाई। इस बार भी मुश्किल है।
- भरत सिंह, असिस्टेंट सेक्रेटरी, मार्केट कमेटी