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पशु पकड़ने वाली गाड़ी खरीदने को लेकर आए आवेदन में एजेंसी ने 28 लाख रुपये भरी हुई है राशि
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हिसार। नगर निगम की तरफ से पशु पकड़ने वाली गाड़ी खरीदने को लेकर लगाए गया टेंडर खुल गया है। टेंडर के लिए एकमात्र एजेंसी ने ही आवेदन किया है। उक्त एजेंसी ने दो गाड़ियों की कीमत (हाईड्रोलिक सिस्टम युक्त) 28 लाख रुपये लगाई है। हालांकि निगम प्रशासन इस राशि को काफी ज्यादा बता रहा है। निगम प्रशासन अब गाड़ी खरीदने के अन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है। निगम प्रशासन की मानें तो वह साधारण गाड़ी (बिना हाईड्रोलिक सिस्टम) ही खरीद लेगा और बाद में अपने स्तर पर गाड़ी में हाईड्रोलिक सिस्टम लगवा लेगा। इस तरह से गाड़ी उसे सस्ती पड़ेगी।
बता दें कि कैमरी गोशाला से उधार में ली गई गाड़ी वापस लेने के बाद निगम प्रशासन किराये पर गाड़ी लेने का फैसला किया। इसे लेकर निगम प्रशासन ने 6 बार टेंडर लगाए, लेकिन किसी एजेंसी ने इसमें रुचि नहीं दिखाई। यह देखते हुए निगम ने दो गाड़ियां खरीदने का फैसला किया। पहली बार में टेंडर लगाने पर एक भी एजेंसी ने आवेदन नहीं किया। दूसरी बार टेंडर लगाने पर सिर्फ एक ही एजेंसी ने आवेदन किया।
दो माह से बंद पड़ा है पशु पकड़ने का अभियान
फिलहाल निगम प्रशासन के पास पशु पकड़ने के लिए एक भी गाड़ी नहीं है, जिस कारण पशु पकड़ने का अभियान दो माह से बंद है। उधर शहर में दिन-प्रतिदिन बेसहारा पशुओं की संख्या बढ़ रही है और इनके कारण होने वाले हादसों में भी बढ़ोतरी हो रही है। इसी माह में शहर में बेसहारा पशुओं के कारण दो हादसे हो चुके हैं, जिनमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
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वर्जन
एक ही एजेंसी ने आवेदन किया है, उसने भी राशि काफी ज्यादा भरी हुई है। अब गाड़ी खरीदने के लिए अन्य विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
डॉ. प्रदीप हुड्डा, एएमसी, नगर निगम
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बता दें कि कैमरी गोशाला से उधार में ली गई गाड़ी वापस लेने के बाद निगम प्रशासन किराये पर गाड़ी लेने का फैसला किया। इसे लेकर निगम प्रशासन ने 6 बार टेंडर लगाए, लेकिन किसी एजेंसी ने इसमें रुचि नहीं दिखाई। यह देखते हुए निगम ने दो गाड़ियां खरीदने का फैसला किया। पहली बार में टेंडर लगाने पर एक भी एजेंसी ने आवेदन नहीं किया। दूसरी बार टेंडर लगाने पर सिर्फ एक ही एजेंसी ने आवेदन किया।
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दो माह से बंद पड़ा है पशु पकड़ने का अभियान
फिलहाल निगम प्रशासन के पास पशु पकड़ने के लिए एक भी गाड़ी नहीं है, जिस कारण पशु पकड़ने का अभियान दो माह से बंद है। उधर शहर में दिन-प्रतिदिन बेसहारा पशुओं की संख्या बढ़ रही है और इनके कारण होने वाले हादसों में भी बढ़ोतरी हो रही है। इसी माह में शहर में बेसहारा पशुओं के कारण दो हादसे हो चुके हैं, जिनमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
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एक ही एजेंसी ने आवेदन किया है, उसने भी राशि काफी ज्यादा भरी हुई है। अब गाड़ी खरीदने के लिए अन्य विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
डॉ. प्रदीप हुड्डा, एएमसी, नगर निगम