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Hisar News: शोषण के खिलाफ आवाज उठाने के लिए किया जागरूक
Sat, 31 Oct 2026 01:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sat, 31 Oct 2026 01:05 AM IST
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नारनौंद में विद्यार्थियों को कानूनी सुरक्षा की जानकारी देते सिविल जज खुशकरणजोत सिंह गिल। स्रोत
- फोटो : नारनौंद में विद्यार्थियों को कानूनी सुरक्षा की जानकारी देते सिविल जज खुशकरणजोत सिंह गिल। स्रोत : आयोजक
नारनौंद। बच्चों को कानूनी सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शुक्रवार को राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सुरक्षित बचपन अभियान'' के तहत आयेजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बताया गया कि शोषण या गलत व्यवहार की स्थिति में चुप रहने के बजाय बिना डर अभिभावकों, शिक्षकों, पुलिस अथवा संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी देनी चाहिए।
साथ ही इंटरनेट और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहने की सलाह दी गई।मुख्य अतिथि सिविल जज जेएमआईसी नारनौंद खुशकरणजोत सिंह गिल ने कहा कि बच्चों का सुरक्षित बचपन सुनिश्चित करना केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि इसमें समाज और प्रशासन की भी समान भूमिका है। प्रत्येक बच्चे को अपने अधिकारों और कानून की ओर से मिले संरक्षण की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि अपने या आसपास किसी अन्य बच्चे के साथ गलत व्यवहार, शोषण अथवा अन्याय होने पर उसे छिपाने के बजाय जिम्मेदार लोगों तक बात पहुंचाएं। हर बच्चे को भयमुक्त वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने और सपने पूरे करने का अवसर मिलना चाहिए।
उपमंडल कानूनी सेवा समिति के सदस्य एवं एडवोकेट अमित कोहाड़ ने राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (नालसा) की कार्यप्रणाली और उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कानून बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए है और जरूरत पड़ने पर वह कानूनी सहायता ले सकते हैं।
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बास थाना से सुनील कुमार ने बाल संरक्षण और बच्चों के प्रति होने वाले अपराधों से बचाव के तरीके बताए। वहीं नारनौंद साइबर हेल्प डेस्क प्रभारी सब इंस्पेक्टर अरविंद कुमार ने ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए अनजान लोगों से बातचीत करने, निजी जानकारी और फोटो साझा करने तथा संदिग्ध लिंक खोलने से बचने की सलाह दी।
बाल अधिकारों और कानूनी प्रावधानों की दी जानकारी :
उपमंडल कानूनी सेवा समिति की सदस्य एडवोकेट सुनीता सुरा ने बाल अधिकारों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं की अलग से काउंसलिंग कर उन्हें व्यक्तिगत अधिकारों और असहज परिस्थितियों में उठाए जाने वाले कदमों के बारे में समझाया। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. अजय लोहान ने किया। उन्होंने अतिथियों का परिचय करवाने के साथ अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। विद्यालय के प्रधानाचार्य जितेंद्र सोनी ने अतिथियों और सहयोगियों का आभार जताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए जरूरी हैं।
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साथ ही इंटरनेट और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहने की सलाह दी गई।मुख्य अतिथि सिविल जज जेएमआईसी नारनौंद खुशकरणजोत सिंह गिल ने कहा कि बच्चों का सुरक्षित बचपन सुनिश्चित करना केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि इसमें समाज और प्रशासन की भी समान भूमिका है। प्रत्येक बच्चे को अपने अधिकारों और कानून की ओर से मिले संरक्षण की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि अपने या आसपास किसी अन्य बच्चे के साथ गलत व्यवहार, शोषण अथवा अन्याय होने पर उसे छिपाने के बजाय जिम्मेदार लोगों तक बात पहुंचाएं। हर बच्चे को भयमुक्त वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने और सपने पूरे करने का अवसर मिलना चाहिए।
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उपमंडल कानूनी सेवा समिति के सदस्य एवं एडवोकेट अमित कोहाड़ ने राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (नालसा) की कार्यप्रणाली और उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कानून बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए है और जरूरत पड़ने पर वह कानूनी सहायता ले सकते हैं।
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बास थाना से सुनील कुमार ने बाल संरक्षण और बच्चों के प्रति होने वाले अपराधों से बचाव के तरीके बताए। वहीं नारनौंद साइबर हेल्प डेस्क प्रभारी सब इंस्पेक्टर अरविंद कुमार ने ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए अनजान लोगों से बातचीत करने, निजी जानकारी और फोटो साझा करने तथा संदिग्ध लिंक खोलने से बचने की सलाह दी।
बाल अधिकारों और कानूनी प्रावधानों की दी जानकारी :
उपमंडल कानूनी सेवा समिति की सदस्य एडवोकेट सुनीता सुरा ने बाल अधिकारों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं की अलग से काउंसलिंग कर उन्हें व्यक्तिगत अधिकारों और असहज परिस्थितियों में उठाए जाने वाले कदमों के बारे में समझाया। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. अजय लोहान ने किया। उन्होंने अतिथियों का परिचय करवाने के साथ अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। विद्यालय के प्रधानाचार्य जितेंद्र सोनी ने अतिथियों और सहयोगियों का आभार जताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए जरूरी हैं।