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Hisar News: जल्द तैयार होगा पशु पॉलीक्लीनिक का साइट प्लान
Thu, 04 Jan 2024 12:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Thu, 04 Jan 2024 12:54 AM IST
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चरखी दादरी। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार गांव समसपुर में प्रस्तावित पशु पॉलीक्लीनिक का अब साइट प्लान बनाया जाएगा। इसके लिए पंचायत ने पशुपालन विभाग को विधिवत रूप से जमीन उपलब्ध करवा दी है। पिछले पांच साल से पॉलीक्लीनिक खुलने का मसला लटकता आ रहा था। विभाग की योजना अनुसार तीन एकड़ जमीन पर पशु पॉलीक्लीनिक बनेगा और इसके बाद पशुओं की सर्जरी और बच्चेदानी का इलाज जिले में ही हो सकेगा।
जिले के पशु अस्पतालों में लंबे समय से आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की कमी बनी है। पशु विशेषज्ञों की तैनाती की जरूरत है। गांवों में 55 डिस्पेंसरी जरूर हैं जिनमें मामूली रोगों के उपचार की ही सुविधा है। गंभीर मामला आने पर हिसार कृषि विश्वविद्यालय ले जाना पड़ता है इससे पशुपालक को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इन डिस्पेंसरी में वीएलडीए चिकित्सक तैनात होते हैं।
पिछले साल सरकार ने पंचकूला और चरखी दादरी में पॉलीक्लीनिक खोलने से इन्कार कर दिया था जबकि अन्य सभी जिलों में पॉलीक्लीनिक सुविधा उपलब्ध है। इसके बाद पशुपालन विभाग ने चरखी दादरी में भी पॉलीक्लीनिक की जरूरत समझते हुए डीसी और डीडीओ को पत्र लिखा था। वैसे चरखी दादरी जिला पशुपालन के क्षेत्र में अग्रणी रहा है। यहां की देसी गाय राज्यस्तरीय दुग्ध एवं सुंदरीकरण प्रतियोगिता में जिले का नाम रोशन कर चुकी हैं। कई जगह होने वाली दुग्ध प्रतियोगिताओं में भी जिले के पशुपालक सक्रियता से भाग लेते रहे हैं और इनमें उनके अधिकतर पशुओं का प्रदर्शन उम्दा रहा है।
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- ये सुविधाएं होती हैं पॉलीक्लीनिक में
पॉलीक्लीनिक में सर्जन तैनात रहेगा। इतना ही नहीं बच्चेदानी के विशेषज्ञ की सेवाएं भी पशुपालकों को यहां मिलेगी। यहां विभिन्न जांच के लिए लैब की सुविधा भी मिलेगी। यहां पांच विशेषज्ञों की सुविधाएं मिलेंगी और अन्य कई पद सृजित होंगे। सरकार की ओर से पॉलीक्लीनिक खोलने की स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है और अब इसकी साइट प्लान तैयार होगी। पंचायत ने तीन एकड़ जमीन पशुपालन विभाग को दिला दी है।
वर्जन:
पशु पॉलीक्लीनिक के लिए ग्राम पंचायत ने तीन एकड़ जमीन विभाग के नाम करवा दी है। अब जल्द ही बजट जारी होने की उम्मीद है। इसका साइट प्लान जल्द तैयार किया जाएगा। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। - डॉ. जसवंत जून, डिप्टी डायरेक्टर, पशुपालन विभाग, चरखी दादरी।
फोटो-03
चरखी दादरी का राजकीय पशु अस्पताल। संवाद
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जिले के पशु अस्पतालों में लंबे समय से आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की कमी बनी है। पशु विशेषज्ञों की तैनाती की जरूरत है। गांवों में 55 डिस्पेंसरी जरूर हैं जिनमें मामूली रोगों के उपचार की ही सुविधा है। गंभीर मामला आने पर हिसार कृषि विश्वविद्यालय ले जाना पड़ता है इससे पशुपालक को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इन डिस्पेंसरी में वीएलडीए चिकित्सक तैनात होते हैं।
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पिछले साल सरकार ने पंचकूला और चरखी दादरी में पॉलीक्लीनिक खोलने से इन्कार कर दिया था जबकि अन्य सभी जिलों में पॉलीक्लीनिक सुविधा उपलब्ध है। इसके बाद पशुपालन विभाग ने चरखी दादरी में भी पॉलीक्लीनिक की जरूरत समझते हुए डीसी और डीडीओ को पत्र लिखा था। वैसे चरखी दादरी जिला पशुपालन के क्षेत्र में अग्रणी रहा है। यहां की देसी गाय राज्यस्तरीय दुग्ध एवं सुंदरीकरण प्रतियोगिता में जिले का नाम रोशन कर चुकी हैं। कई जगह होने वाली दुग्ध प्रतियोगिताओं में भी जिले के पशुपालक सक्रियता से भाग लेते रहे हैं और इनमें उनके अधिकतर पशुओं का प्रदर्शन उम्दा रहा है।
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- ये सुविधाएं होती हैं पॉलीक्लीनिक में
पॉलीक्लीनिक में सर्जन तैनात रहेगा। इतना ही नहीं बच्चेदानी के विशेषज्ञ की सेवाएं भी पशुपालकों को यहां मिलेगी। यहां विभिन्न जांच के लिए लैब की सुविधा भी मिलेगी। यहां पांच विशेषज्ञों की सुविधाएं मिलेंगी और अन्य कई पद सृजित होंगे। सरकार की ओर से पॉलीक्लीनिक खोलने की स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है और अब इसकी साइट प्लान तैयार होगी। पंचायत ने तीन एकड़ जमीन पशुपालन विभाग को दिला दी है।
वर्जन:
पशु पॉलीक्लीनिक के लिए ग्राम पंचायत ने तीन एकड़ जमीन विभाग के नाम करवा दी है। अब जल्द ही बजट जारी होने की उम्मीद है। इसका साइट प्लान जल्द तैयार किया जाएगा। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। - डॉ. जसवंत जून, डिप्टी डायरेक्टर, पशुपालन विभाग, चरखी दादरी।
फोटो-03
चरखी दादरी का राजकीय पशु अस्पताल। संवाद