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Hisar News: सर्वर ने अटकाई पेपरलेस रजिस्ट्री
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तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री कराने वालो लोगों की भीड़।
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हिसार। तहसील कार्यालयों में भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए प्रदेश भर में सोमवार से शुरू की गई पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था जिले में पहले ही दिन सर्वर में तकनीकी खामी की भेंट चढ़ गई। पूरी व्यवस्था ऑनलाइन होने से हिसार के अलावा हांसी, नारनौंद, बरवाला, बालसमंद, उकलाना और बास तहसील में एक भी रजिस्ट्री नहीं हो सकी। उधर, डीसी अनीश यादव ने हिसार तहसील कार्यालय का निरीक्षण किया ताकि पता चल सके कि पहले दिन क्या व्यवस्था रही।
हिसार तहसील में रजिस्ट्री की नई व्यवस्था के तहत केवल चार लोगों ने अपने दस्तावेज अपलोड किए, लेकिन सर्वर डाउन रहने से रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। तहसीलदार डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि सामान्य दिनों में औसतन 50 रजिस्ट्री प्रतिदिन होती हैं। नई व्यवस्था के कारण पहले दिन आवेदन कम आए। लोगों को जागरूक करने के साथ ही सेल डीड राइटर को प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे नई व्यवस्था को सहज रूप से अपना सकें। सोमवार को भी शाम 3 से 4 बजे तक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। इसमें डीड राइटर को ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन की प्रक्रिया समझाई।
हेल्पलाइन नंबर भी नहीं आया काम
रजिस्ट्री कराने पहुंचे लोगों ने बताया कि ऑनलाइन दस्तावेज अपलोड करने में परेशानी आ रही थी। कई लोगों ने मदद के लिए चंडीगढ़ मुख्यालय द्वारा जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर 0172-2707321 पर कॉल किया, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया।
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नई व्यवस्था से क्या फायदा
पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली भूमि रिकॉर्ड को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। इससे न केवल आम आदमी को सुविधा होगी, बल्कि सरकारी कामकाज में भी तेजी आएगी। ''ऑटो म्यूटेशन'' की सुविधा से संपत्ति के मालिकाना हक का रिकॉर्ड तुरंत अपडेट हो जाएगा। इससे भविष्य में होने वाली कई तरह की समस्याओं से बचा जा सकेगा। लोगों को जमीन या संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पहले रजिस्ट्री कराने के लिए कई तरह के कागजात जमा करने पड़ते थे और प्रक्रिया भी काफी लंबी होती थी। कई बार इसमें भ्रष्टाचार की शिकायतें भी आती थीं, लेकिन अब सब कुछ ऑनलाइन और डिजिटल हो जाएगा। इससे काम जल्दी होगा और पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
सरकार का फैसला अच्छा है, लेकिन इसे पहले किसी एक जिले में ट्रायल के रूप में लागू करना चाहिए था। पूरे प्रदेश में एक साथ लागू करने से दिक्कतें बढ़ी हैं। मैं रविवार से रजिस्ट्री सबमिट करने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन बार-बार दिक्कत आ रही है।
- प्रवीण जैन, सरपरस्त, हिसार प्रॉपर्टी डीलर वेलफेयर एसोसिएशन
सर्वर की समस्या बहुत बड़ी है। पहले सभी कर्मचारियों को प्रशिक्षण देना चाहिए था। साथ ही एक महीने तक ट्रायल पीरियड रखा जाना जरूरी था। डिजिटल पेमेंट सिस्टम में भी कई तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं।
- प्रवीण सिंघल, सरपरस्त, हिसार प्रॉपर्टी डीलर वेलफेयर एसोसिएशन
नई व्यवस्था पहले दिन से ही मुश्किलों में है। सर्वर पहले भी बड़ा मुद्दा था, अब पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से परेशानी और बढ़ेगी। सरकार को लोगों को सुविधा देनी चाहिए थी और दोनों विकल्प, पुरानी और नई प्रणाली को कुछ समय के लिए साथ रखने चाहिए थे।
- जय सिंह प्रजापति, प्रधान, पड़ाव बाजार एसोसिएशन
पेपरलेस रजिस्ट्री के लिए पहले दिन चार आवेदन मिले थे। सर्वर में दिक्कत रही। अभी किसी का पंजीकरण नहीं हो पाया है। सेल डीड राइटर व अन्य लोगों को नई प्रणाली के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। एक सप्ताह में व्यवस्था सुधार हो जाएगा।
- डॉ. अनिल कुमार, तहसीलदार, हिसार
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हिसार तहसील में रजिस्ट्री की नई व्यवस्था के तहत केवल चार लोगों ने अपने दस्तावेज अपलोड किए, लेकिन सर्वर डाउन रहने से रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। तहसीलदार डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि सामान्य दिनों में औसतन 50 रजिस्ट्री प्रतिदिन होती हैं। नई व्यवस्था के कारण पहले दिन आवेदन कम आए। लोगों को जागरूक करने के साथ ही सेल डीड राइटर को प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे नई व्यवस्था को सहज रूप से अपना सकें। सोमवार को भी शाम 3 से 4 बजे तक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। इसमें डीड राइटर को ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन की प्रक्रिया समझाई।
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हेल्पलाइन नंबर भी नहीं आया काम
रजिस्ट्री कराने पहुंचे लोगों ने बताया कि ऑनलाइन दस्तावेज अपलोड करने में परेशानी आ रही थी। कई लोगों ने मदद के लिए चंडीगढ़ मुख्यालय द्वारा जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर 0172-2707321 पर कॉल किया, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया।
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नई व्यवस्था से क्या फायदा
पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली भूमि रिकॉर्ड को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। इससे न केवल आम आदमी को सुविधा होगी, बल्कि सरकारी कामकाज में भी तेजी आएगी। ''ऑटो म्यूटेशन'' की सुविधा से संपत्ति के मालिकाना हक का रिकॉर्ड तुरंत अपडेट हो जाएगा। इससे भविष्य में होने वाली कई तरह की समस्याओं से बचा जा सकेगा। लोगों को जमीन या संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पहले रजिस्ट्री कराने के लिए कई तरह के कागजात जमा करने पड़ते थे और प्रक्रिया भी काफी लंबी होती थी। कई बार इसमें भ्रष्टाचार की शिकायतें भी आती थीं, लेकिन अब सब कुछ ऑनलाइन और डिजिटल हो जाएगा। इससे काम जल्दी होगा और पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
सरकार का फैसला अच्छा है, लेकिन इसे पहले किसी एक जिले में ट्रायल के रूप में लागू करना चाहिए था। पूरे प्रदेश में एक साथ लागू करने से दिक्कतें बढ़ी हैं। मैं रविवार से रजिस्ट्री सबमिट करने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन बार-बार दिक्कत आ रही है।
- प्रवीण जैन, सरपरस्त, हिसार प्रॉपर्टी डीलर वेलफेयर एसोसिएशन
सर्वर की समस्या बहुत बड़ी है। पहले सभी कर्मचारियों को प्रशिक्षण देना चाहिए था। साथ ही एक महीने तक ट्रायल पीरियड रखा जाना जरूरी था। डिजिटल पेमेंट सिस्टम में भी कई तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं।
- प्रवीण सिंघल, सरपरस्त, हिसार प्रॉपर्टी डीलर वेलफेयर एसोसिएशन
नई व्यवस्था पहले दिन से ही मुश्किलों में है। सर्वर पहले भी बड़ा मुद्दा था, अब पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से परेशानी और बढ़ेगी। सरकार को लोगों को सुविधा देनी चाहिए थी और दोनों विकल्प, पुरानी और नई प्रणाली को कुछ समय के लिए साथ रखने चाहिए थे।
- जय सिंह प्रजापति, प्रधान, पड़ाव बाजार एसोसिएशन
पेपरलेस रजिस्ट्री के लिए पहले दिन चार आवेदन मिले थे। सर्वर में दिक्कत रही। अभी किसी का पंजीकरण नहीं हो पाया है। सेल डीड राइटर व अन्य लोगों को नई प्रणाली के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। एक सप्ताह में व्यवस्था सुधार हो जाएगा।
- डॉ. अनिल कुमार, तहसीलदार, हिसार