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संस्कृत केवल भाषा नहीं, भारतीय संस्कृति की आत्मा है : प्रो. किशनाराम
Sun, 19 Oct 2025 01:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 19 Oct 2025 01:56 AM IST
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हिसार। गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (जीजेयू) के गुरु जम्भेश्वर महाराज धार्मिक अध्ययन संस्थान में शनिवार को संस्कृत स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर के नवागंतुक विद्यार्थियों के लिए स्वागत व अभिनंदन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के विभागाध्यक्ष प्रो. किशनाराम बिश्नोई ने की।
प्रो. किशनाराम ने कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा है। यह भाषा हमारे दर्शन, साहित्य, विज्ञान और नैतिक मूल्यों की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि संस्थान संस्कृत की परंपरा और आधुनिक दृष्टि के समन्वय का केंद्र है। यहां विद्यार्थियों को भाषा के साथ-साथ भारतीय ज्ञान परंपरा की व्यापक दृष्टि से भी परिचित कराया जाता है।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. रामस्वरूप व आयोजन सचिव के रूप में सहायक प्रोफेसर डॉ. इंदु बाला ने भूमिका निभाई। स्नातकोत्तर के विद्यार्थी रीया खटाना और रोहित ने कुशलतापूर्वक संयोजन किया। संवाद
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प्रो. किशनाराम ने कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा है। यह भाषा हमारे दर्शन, साहित्य, विज्ञान और नैतिक मूल्यों की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि संस्थान संस्कृत की परंपरा और आधुनिक दृष्टि के समन्वय का केंद्र है। यहां विद्यार्थियों को भाषा के साथ-साथ भारतीय ज्ञान परंपरा की व्यापक दृष्टि से भी परिचित कराया जाता है।
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कार्यक्रम के संयोजक डॉ. रामस्वरूप व आयोजन सचिव के रूप में सहायक प्रोफेसर डॉ. इंदु बाला ने भूमिका निभाई। स्नातकोत्तर के विद्यार्थी रीया खटाना और रोहित ने कुशलतापूर्वक संयोजन किया। संवाद
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