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जेल में कैदी और हवालाती करेंगे फाइन आर्ट, योग व कुकिंग के कोर्स

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 16 Jul 2022 11:18 PM IST
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Prisoners and hawkers will do fine art, yoga and cooking courses in jail
जेल का दौरा करती पूर्व राज्यपाल आईपीएस किरण बेदी और बंदियों से बात करती - फोटो : Hisar
हिसार। शहर की केंद्रीय कारागार एक के बंदी और हवालाती अब चित्रकारी, योग और खाना बनाने का कोर्स कर सकेंगे। उन्हें इसकी ट्रेनिंग दी जाएगी। इंडिया विजन फाउंडेशन, ओम शिक्षण संस्थान मिलकर जेल प्रशासन के सहयोग से जेल के अंदर ट्रेनिंग देंगे। जब वे जेल से बाहर जाए तो अपना काम धंधा कर सकें। यह कहना है कि पूर्व राज्यपाल आईपीएस किरण बेदी का। वे शनिवार दोपहर बाद डाबड़ा ओवरव्रिज के नीचे केंद्रीय कारागार एक में पहुंची थी। उन्होंने बंदियों और हवालातियों से रेडियों के माध्यम से बातचीत की और पौधरोपण भी किया। जेल परिसर के अंदर हरियाली और साफ-सफाई देख जेल प्रशासन की तारीफ की।
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प्रमाण पत्र दिया जाएगा
इंडिया विजन फाउंडेशन की डायरेक्टर मोनिका धवन ने बताया कि फाउंडेशन की चेयरपर्सन पूर्व आईपीएस किरण बेदी हैं। हमारी संस्था पिछले दस साल से देश की जेलों में कैदियों के सुधार कार्य के लिए काम कर रही है। इसी उद्देश्य से शनिवार को केंद्रीय कारागार एक में पहुंचे। यहां पर ओम यूनिवर्सिटी की तरफ से बंदियों और हवालातियों को तीन नए कोर्स करवाए जाएंगे। उन्हें फाइनआर्ट, योग और कुकिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी। ताकि वे अपने काम में निपुण हो सकें और जब जेल से बाहर जाए तो खुद का काम कर सकें।
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फाइन आर्ट: तीन महीने के लिए शिक्षण संस्थान द्वारा बंदियों और हवालातियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उसके बाद जेल के अंदर की दीवारों को बंदियों द्वारा चमकाया जाएगा।
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योगा: योगा शिक्षक द्वारा बंदियों को योगा की ट्रेनिंग दी जाएगी। उन्हें ट्रेंनर बनाया जाएगा। ताकि बाद में वे अन्य बंदियों को योग सीखा सकें।
कुकिंग: शिक्षण संस्थान की तरफ से जेल के अंदर खाना बनाने वाले बंदियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। ताकि वे बेहतर खाना बना सकें। खाने में क्वालिटी आ सकें। इतना ही नहीं प्रशिक्षण लेने के बाद जब बंदी जेल से बाहर जाता है तो वह खुद का काम धंधा शुरू कर सकता है।

अन्य जेलों में भी चल प्रशिक्षण कार्यक्रम
डायरेक्टर मोनिका धवन ने बताया कि समय-समय पर फाउंडेशन द्वारा बंदियों के सुधार के लिए कार्य किए जा रहे है। कई प्रकार की स्कीम जेलों में चल रही हैं। उद्देश्य ये है कि बंदी अपने पांवों पर खड़ें हो सकें। इस मौके पर जेल अधीक्षक दीपक शर्मा, फाउंडेशन के हेड रवि श्रीवास्तव, योगा अध्यापक अनिल, कुकिंग अध्यापक आतनु भट्टाचार्य आदि थे।
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