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हरियाणा : मंदिर में एक माह का बच्चा चढ़ाया, महंत बोले- लोग स्वेच्छा से चढ़ाते हैं, अब गोदनामा लिखवाएंगे

संवाद न्यूज एजेंसी, हांसी (हिसार) Published by: ajay kumar Updated Thu, 08 Apr 2021 09:20 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

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एक माह के बच्चे को उसके माता-पिता ने हांसी के जगन्नाथ पुरी समाधा मंदिर में चढ़ा दिया। इस रस्म को पूरा करने और बच्चे का नामकरण करने के लिए बुधवार को मंदिर में भंडारे का आयोजन भी किया गया। मामले की भनक पुलिस को लग गई और पुलिस ने बच्चे को वापस उसके माता-पिता का सौंप दिया। 
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बता दें कि छह अप्रैल को बरवाला रोड पर स्थित समाधा मंदिर के पूर्व महंत चंदनपुरी पर गोलियों से हुए हमले को लेकर समाधा मंदिर की सीसीटीवी फुटेज लेने पुलिस यहां पहुंची थी। समाधा मंदिर के महंत पांचमपुरी पर गोली चलवाने का आरोप लगा है। मगर वहां पर बच्चे को मंदिर में दान करने की भनक पुलिस को लग गई। मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मचारियों ने तुरंत आला अधिकारियों को अवगत करवाया। इसके बाद एसपी नितिका गहलोत ने एसएचओ को मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए।


एसपी के आदेश मिलते ही दोनों पक्षों को थाने में तलब कर लिया। दोनों पक्षों से काफी संख्या में लोग चौकी में एकत्रित हो गए। पुलिस ने संवेदनशीलता से मामले को संभालते हुए परिवार को समझाया कि इस प्रकार से छोटे बच्चे को किसी व्यक्ति, मंदिर या संस्था को नहीं दिया जा सकता और यह गैरकानूनी है। आखिर परिवार के सदस्य मान गए व बच्चे को वापस उसके माता-पिता के हवाले कर दिया। पुलिस ने महंत को भी सख्त चेतावनी दी है। 

गोदनामा लिखवाएंगे कोर्ट से
मंदिर के गद्दीनशीन महंत पांचमपुरी ने बताया कि मंदिर में परिवार के लोग अपनी मन्नत पूरी होने पर स्वेच्छा से बच्चा चढ़ाते हैं। एक महीने बाद एक और परिवार द्वारा बच्चा मंदिर में चढ़ाया जाना है लेकिन पुलिस की कार्रवाई के बाद मंदिर प्रशासन इस पूरे प्रकरण में शांत है। इससे कुछ महीने पूर्व भी मंदिर में एक बच्चा ऐसे ही एक परिवार ने दान किया था, जिसका नाम पूनम पुरी है। महंत ने बताया कि हम बच्चे का गोदनामा कोर्ट से लिखवाएंगे, पहले हमने नहीं लिखवाया था।
बच्चे के परिवार ने कहा कि वह तो मंदिर में पूजा करने गए थे। मगर पुलिस ने लिखित में परिवार से आश्वासन लिया है कि वह बच्चे का लालन-पालन करेंगे। मंदिर प्रशासन को भी इस बारे चेतावनी दी गई है। अगर फिर ऐसा किया गया तो कार्रवाई होगी। -वेदपाल, इंचार्ज, सिसाय पुल चौकी। 
पांचमपुरी को भी तीन महीने का चढ़ाया गया था मंदिर में
समाधा मंदिर में गद्दीनशीन पांचमपुरी महंत को भी उनके माता-पिता तीन महीने की उम्र में तत्कालीन गद्दीनशीन बाबा बुद्धपुरी महंत को सौंप गए थे। बुद्धपुरी के चोला छोड़ने के बाद ही चंदनपुरी महाराज गद्दीनशीन हुए, जब पांचमपुरी बालिग हुए तब उन्हें गद्दीनशीन बनाया गया। अब पांचमपुरी की उम्र 25 वर्ष के करीब हो चुकी है।

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