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मुलतानी चौकी इंचार्ज दस हजार की रिश्वत लेता गिरफ्तार
हिसार
Updated Thu, 03 Mar 2016 01:42 AM IST
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विजिलेंस टीम ने मुलतानी चौकी इंचार्ज एएसआई कर्मबीर को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। विजिलेंस ने उसके पास से रिश्वत के एक-एक हजार रुपये के पाउडर लगे दस नोट बरामद किए हैं।
मामले की शिकायत मूल रूप से डोभी निवासी सुरेंद्र ने की है। सुरेंद्र का आरोप था कि चौकी इंचार्ज ने उसे एक केस से निकालने की एवज में रुपये मांगे थे। विजिलेंस टीम बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश करेगी।
मुलतानी चौक के पास मोबाइल शॉप चलाने वाले सुरेंद्र ने विजिलेंस एसपी को शिकायत दी। शिकायत के आधार पर विजिलेंस एसपी ने डीएसपी शरीफ सिंह के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया। इस मामले में बीडीपीओ प्रीतम पाल को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया।
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टीम ने शिकायतकर्ता को दस हजार रुपये पाउडर लगाकर दिए। प्लान के तहत शिकायतकर्ता सुरेंद्र ने मुलतानी चौकी इंचार्ज कर्मबीर से फोन पर बात की। कर्मबीर ने उसे दस हजार रुपये लेकर चौकी में बुलाया। जैसे ही सुरेंद्र ने कर्मबीर को दस हजार रुपये दिए तो विजिलेंस की टीम ने छापा मारकर एएसआई कर्मबीर को रंगें हाथों पकड़ लिया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने आरोपी के हाथ धुलवाए तो उसके हाथ लाल हो गए। टीम ने आरोपी को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
18 जनवरी को हुआ था मामला दर्ज
डीएसपी शरीफ सिंह ने बताया कि फर्जी आईडी पर सिम चालू करने के मामले में टाटा टेलीकॉम सर्विसेज के एडिशनल नोडल अधिकारी रितेश कुमार बजाज ने शहर थाना पुलिस में करीब आठ दुकानदारों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज करवाया था।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर डोगरान मोहल्ले की बालाजी इलेक्ट्रॉनिक्स, काबरेल में स्थित बैंदा मोबाइल, एंजल मोबाइल, सब्जी मंडी क्षेत्र स्थित जीआर टेली सर्विसेज, ठंडी सड़क क्षेत्र स्थित न्यू मिलन मोबाइल, देहली कम्युनिकेशन, आदमपुर क्षेत्र स्थित गंगा इंटर प्राइजेज और वोडाफोन के नोडल ऑफिसर श्याम सिंह ने कैंट क्षेत्र स्थित पवन एसटीडी के संचालक के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसी मामले में मुलतानी चौकी इंचार्ज और मामले के जांच अधिकारी एएसआई कर्मबीर सुरेंद्र से उसे मामले से निकालने की एवज में दस हजार रुपये की मांग कर रहा था।
पिछले साल रिश्वत मामले में ये हो चुके गिरफ्तार
विजिलेंस हिसार टीम ने इस मामले से पहले भी तीन पुलिस कर्मचारियों को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। जगाधरी के सीआईए इंचार्ज को हिसार में ही 20 लाख रुपये की रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया था।
इस दौरान झुप्पा चौकी इंचार्ज को भी रिटायर्डमेंट से एक दिन पहले ही रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। इसके अलावा हिसार टीम ने ही फतेहाबाद के एक चौकी इंचार्ज को रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया था।
मामले की शिकायत मूल रूप से डोभी निवासी सुरेंद्र ने की है। सुरेंद्र का आरोप था कि चौकी इंचार्ज ने उसे एक केस से निकालने की एवज में रुपये मांगे थे। विजिलेंस टीम बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश करेगी।
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मुलतानी चौक के पास मोबाइल शॉप चलाने वाले सुरेंद्र ने विजिलेंस एसपी को शिकायत दी। शिकायत के आधार पर विजिलेंस एसपी ने डीएसपी शरीफ सिंह के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया। इस मामले में बीडीपीओ प्रीतम पाल को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया।
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टीम ने शिकायतकर्ता को दस हजार रुपये पाउडर लगाकर दिए। प्लान के तहत शिकायतकर्ता सुरेंद्र ने मुलतानी चौकी इंचार्ज कर्मबीर से फोन पर बात की। कर्मबीर ने उसे दस हजार रुपये लेकर चौकी में बुलाया। जैसे ही सुरेंद्र ने कर्मबीर को दस हजार रुपये दिए तो विजिलेंस की टीम ने छापा मारकर एएसआई कर्मबीर को रंगें हाथों पकड़ लिया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने आरोपी के हाथ धुलवाए तो उसके हाथ लाल हो गए। टीम ने आरोपी को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
18 जनवरी को हुआ था मामला दर्ज
डीएसपी शरीफ सिंह ने बताया कि फर्जी आईडी पर सिम चालू करने के मामले में टाटा टेलीकॉम सर्विसेज के एडिशनल नोडल अधिकारी रितेश कुमार बजाज ने शहर थाना पुलिस में करीब आठ दुकानदारों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज करवाया था।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर डोगरान मोहल्ले की बालाजी इलेक्ट्रॉनिक्स, काबरेल में स्थित बैंदा मोबाइल, एंजल मोबाइल, सब्जी मंडी क्षेत्र स्थित जीआर टेली सर्विसेज, ठंडी सड़क क्षेत्र स्थित न्यू मिलन मोबाइल, देहली कम्युनिकेशन, आदमपुर क्षेत्र स्थित गंगा इंटर प्राइजेज और वोडाफोन के नोडल ऑफिसर श्याम सिंह ने कैंट क्षेत्र स्थित पवन एसटीडी के संचालक के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसी मामले में मुलतानी चौकी इंचार्ज और मामले के जांच अधिकारी एएसआई कर्मबीर सुरेंद्र से उसे मामले से निकालने की एवज में दस हजार रुपये की मांग कर रहा था।
पिछले साल रिश्वत मामले में ये हो चुके गिरफ्तार
विजिलेंस हिसार टीम ने इस मामले से पहले भी तीन पुलिस कर्मचारियों को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। जगाधरी के सीआईए इंचार्ज को हिसार में ही 20 लाख रुपये की रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया था।
इस दौरान झुप्पा चौकी इंचार्ज को भी रिटायर्डमेंट से एक दिन पहले ही रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। इसके अलावा हिसार टीम ने ही फतेहाबाद के एक चौकी इंचार्ज को रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया था।