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बिजली व सिग्नल की लाइन शिफ्ट न होने से पाइल बिछाने का काम रुका, ठेकेदार बोला-एक माह से मशीन भी खड़ी है खाली
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साइट पर खड़ी पाइल बिछाने वाली मशीन।
- फोटो : Hisar
हिसार। शहर के सूर्य नगर रेलवे फाटक पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) व अंडरब्रिज (आरयूबी) प्रोजेक्ट पूरा होने की अवधि दो बार बढ़ाई जा चुकी है। बावजूद इसके विभाग इसे लेकर गंभीर नहीं है। बिजली व सिग्नल की लाइन शिफ्ट न होने से पाइल बिछाने का काम रुक गया है। ठेकेदार की मशीन भी एक माह से खाली खड़ी है। बीएंडआर इन लाइनों को शिफ्ट करने को लेकर बिजली व रेलवे से काफी बार पत्राचार कर चुका है, लेकिन इन लाइनों को शिफ्ट नहीं किया जा रहा है।
बता दें कि रेलवे की एजेंसी को अपने हिस्से पर कुल 72 पाइल बिछानी है, जिनमें से अभी तक 46 पाइल बिछाई जा चुकी है। अब 26 पाइल बिछाई जानी बाकी है। सेक्टर 1-4 की तरफ से रेलवे की सिग्नल की लाइन बिछी हुई है। साथ ही पोल भी खड़ा है। इनके कारण से इस तरफ 5 पाइल बिछाने में बाधा आ रही है। वहीं विद्युत नगर की तरफ से बिजली निगम की एचटी लाइन गुजर रही है। साथ ही पोल भी खड़े हैं। ये सभी यहां 21 पाइल बिछाने में रुकावट बन रहे हैं।
ठेकेदार बोला-एक बार मशीन यहां से चली गई तो दोबारा लाने में होगी दिक्कत
ठेकेदार के मुताबिक इन लाइनों के शिफ्ट न होने से पाइल बिछाने का काम बिल्कुल रुका पड़ा है। इस कारण से पाइल बिछाने की मशीन भी एक माह से खाली खड़ी है। ठेकेदार का कहना है कि एक बार ये मशीन यहां से चली गई तो इसे दोबारा में लाने में काफी समय लगेगा, जिससे काम भी प्रभावित होगा।
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रेलवे के हिस्से पर बनेंगे 12 पिलर
रेलवे के हिस्से पर कुल 12 पिलर बनेंगे। ये पिलर जोड़ियों में बनेंगे। इनमें कुछ पर सीसी तो कुछ पर स्टील से बने गार्डर रखे जाएंगे। इसके अलावा इस एजेंसी के हिस्से में भी अंडरब्रिज का कुछ पार्ट आता है। एजेंसी की मानें तो दोनों अंडरब्रिज में उसे करीब 133 मीटर हिस्से का निर्माण करना है।
बीएंडआर के हिस्से पर काम की स्थिति
बीएंडआर के हिस्से पर सभी 23 पिलर बन चुके हैं। इन पर स्लैब बिछाने का काम भी अंतिम चरण में है। फिलहाल इस हिस्से पर विद्युत नगर की तरफ अंडरब्रिज का निर्माण किया जा रहा है, जिसकी लंबाई करीब 100 मीटर है। वहीं सेक्टर 1-4 की तरफ आरई वॉल का काम शुरू कर दिया गया है। इसकी लंबाई करीब 250 मीटर होगी।
दो बार बढ़ाई जा चुकी है प्रोजेक्ट पूरा होने की अवधि
फरवरी 2019 में इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया था। शुरुआत में इस प्रोजेक्ट को नवंबर 2021 तक पूरा किया जाना प्रस्तावित था। मगर लॉकडाउन व बिजली लाइनों की देरी से शिफ्टिंग के कारण समय अवधि 9 माह और बढ़ाकर अगस्त 2022 कर दी गई थी। वहीं अगस्त 2019 में रेलवे की एजेंसी को टेंडर अलॉट होने के बाद भी ड्राइंग पास न होने के कारण काम शुरू नहीं हो सका। सितंबर 2019 में रेलवे के हिस्से की ड्राइंग मंजूर हुई, जिसके बाद दिसंबर 2019 में काम शुरू हुआ। टेंडर की शर्त के अनुसार एजेंसी को डेढ़ साल में अपने हिस्से का काम पूरा करना है। इस हिसाब से यह प्रोजेक्ट मई 2023 में पूरा होगा।
इन कॉलोनियों को मिलेगा फायदा
इस आरओबी व अंडरब्रिज के बनने से सूर्य नगर, अर्बन एस्टेट, विद्युत नगर, शिव कॉलोनी, सेक्टर 3-5, सेक्टर 1-4 सहित महावीर कॉलोनी, मिल गेट एरिया के लोगों को काफी फायदा होगा। इस आरओबी की लंबाई 1185 मीटर है। यह शहर का सबसे लंबा आरओबी होगा। इस प्रोजेक्ट करीब पर 70 करोड़ रुपये खर्च आएगा।
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बता दें कि रेलवे की एजेंसी को अपने हिस्से पर कुल 72 पाइल बिछानी है, जिनमें से अभी तक 46 पाइल बिछाई जा चुकी है। अब 26 पाइल बिछाई जानी बाकी है। सेक्टर 1-4 की तरफ से रेलवे की सिग्नल की लाइन बिछी हुई है। साथ ही पोल भी खड़ा है। इनके कारण से इस तरफ 5 पाइल बिछाने में बाधा आ रही है। वहीं विद्युत नगर की तरफ से बिजली निगम की एचटी लाइन गुजर रही है। साथ ही पोल भी खड़े हैं। ये सभी यहां 21 पाइल बिछाने में रुकावट बन रहे हैं।
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ठेकेदार बोला-एक बार मशीन यहां से चली गई तो दोबारा लाने में होगी दिक्कत
ठेकेदार के मुताबिक इन लाइनों के शिफ्ट न होने से पाइल बिछाने का काम बिल्कुल रुका पड़ा है। इस कारण से पाइल बिछाने की मशीन भी एक माह से खाली खड़ी है। ठेकेदार का कहना है कि एक बार ये मशीन यहां से चली गई तो इसे दोबारा में लाने में काफी समय लगेगा, जिससे काम भी प्रभावित होगा।
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रेलवे के हिस्से पर बनेंगे 12 पिलर
रेलवे के हिस्से पर कुल 12 पिलर बनेंगे। ये पिलर जोड़ियों में बनेंगे। इनमें कुछ पर सीसी तो कुछ पर स्टील से बने गार्डर रखे जाएंगे। इसके अलावा इस एजेंसी के हिस्से में भी अंडरब्रिज का कुछ पार्ट आता है। एजेंसी की मानें तो दोनों अंडरब्रिज में उसे करीब 133 मीटर हिस्से का निर्माण करना है।
बीएंडआर के हिस्से पर काम की स्थिति
बीएंडआर के हिस्से पर सभी 23 पिलर बन चुके हैं। इन पर स्लैब बिछाने का काम भी अंतिम चरण में है। फिलहाल इस हिस्से पर विद्युत नगर की तरफ अंडरब्रिज का निर्माण किया जा रहा है, जिसकी लंबाई करीब 100 मीटर है। वहीं सेक्टर 1-4 की तरफ आरई वॉल का काम शुरू कर दिया गया है। इसकी लंबाई करीब 250 मीटर होगी।
दो बार बढ़ाई जा चुकी है प्रोजेक्ट पूरा होने की अवधि
फरवरी 2019 में इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया था। शुरुआत में इस प्रोजेक्ट को नवंबर 2021 तक पूरा किया जाना प्रस्तावित था। मगर लॉकडाउन व बिजली लाइनों की देरी से शिफ्टिंग के कारण समय अवधि 9 माह और बढ़ाकर अगस्त 2022 कर दी गई थी। वहीं अगस्त 2019 में रेलवे की एजेंसी को टेंडर अलॉट होने के बाद भी ड्राइंग पास न होने के कारण काम शुरू नहीं हो सका। सितंबर 2019 में रेलवे के हिस्से की ड्राइंग मंजूर हुई, जिसके बाद दिसंबर 2019 में काम शुरू हुआ। टेंडर की शर्त के अनुसार एजेंसी को डेढ़ साल में अपने हिस्से का काम पूरा करना है। इस हिसाब से यह प्रोजेक्ट मई 2023 में पूरा होगा।
इन कॉलोनियों को मिलेगा फायदा
इस आरओबी व अंडरब्रिज के बनने से सूर्य नगर, अर्बन एस्टेट, विद्युत नगर, शिव कॉलोनी, सेक्टर 3-5, सेक्टर 1-4 सहित महावीर कॉलोनी, मिल गेट एरिया के लोगों को काफी फायदा होगा। इस आरओबी की लंबाई 1185 मीटर है। यह शहर का सबसे लंबा आरओबी होगा। इस प्रोजेक्ट करीब पर 70 करोड़ रुपये खर्च आएगा।