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हिसार: कोरोना को मात देकर शिक्षा के प्रसार के लिए एक बार फिर तैयार हैं हमारे विद्यालय, ऑफलाइन पढ़ाई से सब खुश

Tue, 22 Mar 2022 12:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा) Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 22 Mar 2022 12:00 AM IST
सार

कोरोना ने शिक्षा की धारा तोड़ी थी। प्रदेश के साथ-साथ हिसार में भी 2 साल 6 माह बाद पूरी तरह से विद्यालयों की व्यवस्था पटरी पर लौटी है। ऑफलाइन पढ़ाई से विद्यार्थी, शिक्षक व अभिभावक खुश नजर आ रहे हैं।

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Our schools are once again ready to spread education by beating Corona
दादी गौरी राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कक्षा में बैठी छात्राएं। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

कोरोना महामारी में लगे लंबे लॉकडाउन के कारण स्कूल लंबे समय तक बंद रहे थे। जिससे पढ़ाई बाधित रही थी। लेकिन अब कोरोना महामारी से राहत मिलने के बाद विद्यालयों की व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर लौट आई है। हरियाणा के हिसार में ऑफलाइन कक्षाएं लगने के साथ-साथ अब शिक्षक, विद्यार्थी व विभाग ऑफलाइन परीक्षाओं के लिए भी पूरी तरह तैयार है। इसके साथ ही सरकारी व निजी विद्यालयों ने आगामी सत्र की भी तैयारी कर शुरू कर दी हैं।

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फिलहाल हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के विद्यालयों में पहली से नौंवी व ग्याहरवीं कक्षा की परीक्षाएं ऑफलाइन ली जा रही हैं। वहीं, 30 मार्च से 10वीं व 12वीं कक्षा की परीक्षांए भी ऑफलाइन ही ली जाएंगी। जबकि कोरोना महामारी के कारण पिछले साल परीक्षाएं नहीं हो पाई थी।
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बिना बोर्ड की कक्षाओं के विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया गया था। 10 वीं व 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम पिछले साल आए अंकों के आधार पर जारी किया गया था। अब शिक्षा विभाग पूरी तरह ऑफलाइन परीक्षा करवाने और विद्यालय ऑफलाइन पढ़ाई के लिए फिर से तैयार है।
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ऑनलाइन पढ़ाई नहीं हो पाई कारगर साबित

कोरोना महामारी में लगे पूर्णत: लोकडाउन में जब विद्यालय भी पूर्णरूप से बंद थे, तब ऑनलाइन कक्षाएं शुरू की गईं। शिक्षकों का मानना है कि ऑनलाइन पढ़ाई शत प्रतिशत कारगर साबित नहीं हो पाई। ऑनलाइन पढ़ाई में शिक्षक केवल 25 से 30 प्रतिशत विद्यार्थियों तक ही पहुंच पाया था। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र के तो करीब 80 प्रतिशत विद्यार्थी ऑनलाइन कक्षाओं से वंचित रह गए थे।


इसका मुख्य कारण था कि अधिकतर विद्यार्थियों के पास खुद के मोबाइल नहीं थे। गांव में इंटरनेट और डाटा की समस्या थी। रिचार्ज महंगे हो गए थे। शिक्षकों ने बताया कि छोटी कक्षाओं के विद्यार्थी सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थी भी ऑनलाइन पढ़ाई का फायदा नहीं उठा पाए। साधन संपन्न विद्यार्थियों ने ही ऑनलाइन पढ़ाई का सबसे ज्यादा लाभ उठाया है।
 

ये हैं सभी विद्यालयों में व्यवस्था

  • ऑफलाइन कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं।
  • ऑफलाइन परीक्षाएं शुरू हो गई हैं।
  • प्रार्थना सभा शुरू हो चुकी है।
  • 100 प्रतिशत विद्यार्थी स्कूलों में आ सकते हैं।
  • पूरा स्टाफ आ सकता है।
  • प्रेक्टिकल वर्क शुरू हो गया है।
  • कोरोना की बंदिशें नहीं रहीं।
  • अगले सत्र 2022-23 के लिए तैयारी शुरू कर दी है।
     

ऑफलाइन कक्षा को दिया महत्व 

शिक्षकों व विद्यार्थियों ने ऑफलाइन कक्षाओं को ही अधिक महत्व दिया है। विद्यालयों में ऑफलाइन कक्षा लगाकर विद्यार्थी अधिक खुश हुए हैं। वहीं, शिक्षकों को भी ऑफलाइन पढ़ाने में संतुष्टि हुई है। शिक्षकों का कहना है कि ऑफलाइन पढ़ाने में विद्यार्थियों की प्रतिक्रिया उसी समय मिल जाती है। उन्हें अच्छे से पढ़ाया जाता है। अगर समझ में ना आए तो बार-बार समझाया जा सकता है। ऑनलाइन में ऐसा नहीं होता था। ऑफलाइन कक्षा में सभी विद्यार्थी सामने मौजूद होते हैं, लेकिन ऑनलाइन में ऐसा संभव नहीं था।
 

विद्यालयों की ग्राउंड रिपोर्ट

कोरोना लॉकडाउन खुलने के बाद राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जहाज पुल हिसार के 1975 विद्यार्थियों व 75 स्टाफ सदस्यों की पढ़ाई की प्रक्रिया सुचारु हो गई है। कक्षाओं में ऑफलाइन पढ़ाई हो रही है। ऑफलाइन प्रैक्टिकल आयोजित हो रही हैं। सामान्य दिनों की तरह विद्यार्थी बैचों पर बैठकर पढ़ाई करते हैं।

वहीं, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बाड्या ब्राह्मणान में छात्राओं की ऑफलाइन कक्षाएं लग रही हैं। ऐसे ही राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गंगवा के विद्यार्थी भी ऑफलाइन पढ़ाई करके खुश हैं। दर्शन एकेडमी हिसार, दिल्ली पब्लिक स्कूल, स्मॉल वंडर पब्लिक स्कूल सैक्टर 16-17, ऋषि कुल विद्या मंदिर, कैंब्रिज पब्लिक स्कूल भिवानी रोहिल्ला में ऑफलाइन कक्षाएं सुचारु ढंग से लगाई जा रही हैं।

ऐसे ही अनाज मंडी स्थित महाराजा अग्रसेन पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में सामान्य दिनों की तरह ऑफलाइन पढ़ाई शुरू करवाई जा रही हैं। इसके साथ ही जिले के अन्य सभी विद्यालयों पढ़ाई की व्यवस्था पटरी पर आ गई है।
 

जिले में राजकीय विद्यालय

  • राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय 158
  • राजकीय उच्च विद्यालय 118
  • राजकीय माध्यमिक विद्यालय 101
  • राजकीय प्राइमरी पाठशाला 503
  • निजी विद्यालय- करीब 950

 

शिक्षकों से बातचीत

अब स्कूलों की व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर लौट आई है। ऑफलाइन कक्षाएं लगाई जा रही हैं। परीक्षा भी ऑफलाइन होगी। स्कूलों के रुके हुए विकास कार्य भी सिरे चढ़ने वाले हैं। पर्याप्त साधनों के अभाव में विद्यार्थी ऑनलाइन पढ़ाई का लाभ नहीं उठा पाए। - कृष्ण कुमार वर्मा, प्राचार्य, राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, जहाज पुल, हिसार।

 

ऑनलाइन पढ़ाने में अनेक परेशानियां सामने आई थी। सभी विद्यार्थियों के पास खुद के फोन नहीं थे। वे अपने परिजनों से फोन लेकर पढ़ाई करते थे। ऐसे में सभी विद्यार्थी ऑनलाइन कक्षा में भी नहीं जुड़ पाते थे। अब ऑफलाइन पढ़ाने से हमें भी अच्छा लग रहा है। - सारिका, प्राध्यापक भूगोल, राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जहाज पुल हिसार।

 

ऑनलाइन पढ़ाई से ऑफलाइन पढ़ाई ज्यादा कारगर है। बहुत सारे ऐसे विद्यार्थी थे जिनेक पास न तो खुद के मोबाइल थे व और न ही उनके परिजनों के पास थे। ऐसे में वे विद्यार्थी ऑनलाइन पढ़ाई से वंचित रह गए। लेकिन अब स्कूल पूरी तरह से खुल गए हैं तो सभी दिक्कतें दूर हो गई हैं। - आलोक कुमार, उप प्राचार्य, राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, जहाज पुल, हिसार।

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